SuperTrend Indicator se Trend Trading Strategy (Hindi)
This lesson builds a simple setup around the SuperTrend indicator for swing trading on 15-minute charts and intraday trading on 5-minute charts. SuperTrend stays on its default (10, 3) setting and is combined with a 50-period moving average for trend direction and the Choppiness Index, with a horizontal line added at 50, to avoid sideways markets.
The rules: trade only when price and SuperTrend are on the same side of the moving average, the Choppiness Index is below 50, and a candle breaks out. The stop loss goes above the swing high or at the SuperTrend line, aiming for about 1:2 risk-reward in swing trades and about 1:1.5 intraday.
The trainer also talks about keeping return expectations realistic, why new traders should skip unclear signals, and walks through several long and short examples on the Quantsapp chart.
In this video
- 0:00Intro: SuperTrend se swing aur intraday
- 1:16Realistic ROI aur trading psychology
- 2:33Setup: time frame aur indicators
- 4:37Chart par SuperTrend aur moving average
- 5:54Choppiness Index par 50 ki line
- 7:55Entry rules aur galat signals
- 10:26Swing trade examples aur stop loss
- 15:29Exit kab kare
- 18:01Intraday setup 5 minute chart par
- 20:34Summary
What you’ll learn
Transcript
हेलो एवरीवन, वेलकम टू Quantsapp। माय नेम इज़ धर्मेंद्र। स्वागत है आपका Quantsapp के एक नए सेशन में, जहां पे मैं बात करूंगा कि सुपरट्रेंड को यूज़ करके किस तरीके से मैं एक स्विंग ट्रेडिंग और इंट्राडे ट्रेडिंग कर सकता हूं, किस तरीके से मैं दोनों स्ट्रेटजी अपना सकता हूं। और मैं साथ ही साथ ये भी बताऊंगा कि सुपरट्रेंड के साथ कौन से अलग-अलग इंडिकेटर्स हैं जिनको मैं यूज़ करूंगा, ताकि मुझे कन्फर्मेशन थोड़ा अच्छा मिले, ताकि मुझे उसमें सपोर्ट अच्छा मिले, ठीक है, जहां पे कन्फर्मेशन मुझे थोड़ा अच्छा मिले, ठीक है। क्योंकि देखिए, एक, वन इंडिकेटर अगर मैं यूज़ करता हूं, ठीक है, वन इंडिकेटर, उसका एक कॉन्सेप्ट होता है जिसके बिहाफ पर वो काम करता है, जिसके बेसिस पर वह काम करता है। लेकिन उसके साथ अगर मैं कुछ और इंडिकेटर्स भी लगा देता हूं, तो मुझे एक बहुत ही अच्छा सपोर्ट लेवल मिलता है, ठीक है, जिसके वजह से मेरा कॉन्फिडेंस अच्छा इंप्रूव होता है, जहां पे मैं देखूंगा कि मुझे ट्रेड बहुत अच्छे मिलते हैं, ठीक है। तो यह वीडियो स्पेसिफिकली उनके लिए है जो एक बहुत ही सिंपल स्विंग ट्रेडिंग देखना चाहते हैं, बहुत ही सिंपल यहां पर वो इंट्राडे देखना चाहते हैं, तो ये बिल्कुल उनके लिए बहुत सिंपल सेटअप है। सिर्फ यहां पर जो स्टार्टिंग में जो सेटअप है, मतलब जो सेटिंग्स है, वो देखना जरूरी, कि किसमें क्या-क्या इंडिकेटर्स मैं इसमें लगा रहा हूं, वो देखना आपके लिए जरूरी है। इंडिकेटर्स में सेटिंग जो है वो भी मैं आपको बता दूंगा, कि क्या-क्या सेटिंग्स मुझे देखना है, एंड उसके मुताबिक मुझे किस तरीके से ट्रेड बनाना है, ठीक है। तो अगर आप
ऑप्शन जर्नी, मतलब ऑलरेडी स्टार्ट कर चुके हैं या फिर स्टार्ट करना चाहते हैं, तो यह वीडियो आपके लिए, जहां पर आप देख सकते हो कि एक सिंपलेस्ट वे में किस तरीके से मैंने एक स्ट्रेटजी बनाई है, ठीक है। ROI पे विशेष करके ध्यान देना चाहिए, ठीक है, वो इसलिए क्योंकि ROI यानी रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट, ठीक है, क्योंकि आप मंथ बेसिस पे या डेली बेसिस पे अपने इन्वेस्टमेंट में कितना रिटर्न देखना चाहते हो, ये बहुत ही इंपॉर्टेंट फैक्टर है, ठीक है। और यहां पे, जैसे मैं हमेशा साइकोलॉजी की बात करता हूं, तो साइकोलॉजी यहां पर बहुत जरूरी है, किसी भी ट्रेडिंग जर्नी में साइकोलॉजी बहुत जरूरी है। तो यहां पर ROI आप जितना रियलिस्टिक रखेंगे उतना आपके लिए अच्छा है। इसका फायदा यह होगा कि आप नंबर ऑफ ट्रेड ज्यादा नहीं लेंगे, दूसरा फायदा यह होगा कि पीस ऑफ माइंड रहेगा, ठीक है, और तीसरा फायदा रहेगा क्या? प्रॉफिटेबल रहने की संभावना और भी बढ़ जाएगी, ठीक है। क्योंकि ROI अगर आप रियलिस्टिक रखते हैं, जैसे आप देख सकते हो कि जो Nifty है वो ईयर ऑन ईयर बेसिस पर आपको 12-14% रिटर्न देता है, लेकिन यहां पर आप ROI देख रहे हैं कि मुझे मंथ बेसिस पे 5%, 10%, 15% सब मिल रहा है, तो आप क्लियर देख रहे हो कि साल भर में आप Nifty को पूरे तरीके से आउटपरफॉर्म कर रहे हो। अगर यहां पर आप रिटर्न देख रहे हो कि 3-4% है, तो भी आप Nifty को आउटपरफॉर्म कर रहे हो, ठीक है। तो इस, इस अर्थ में देखिए, इस रिटर्न के हिसाब से देखिए, ठीक है। चलिए
सेटअप देखते हैं, और सेटअप में किस तरीके से काम करेंगे, ठीक है। तो यहां पर, आई एम सॉरी, यहां पर देखिए, मैंने कुछ सेटिंग्स मैंने आपको बताई है, मतलब कुछ सेटअप मैं ये बता रहा हूं। सबसे पहला, जो सुपरट्रेंड है उसका टाइम फ्रेम, मतलब जो चार्ट है, टाइम फ्रेम क्या रहेगा? स्विंग ट्रेडिंग के लिए 15 मिनट रहेगा, इंट्राडे के लिए 5 मिनट रहेगा, ठीक है। यह पहला सेटअप है। दूसरा, मैं सुपरट्रेंड यूज़ करूंगा, उसकी सेटिंग्स डिफॉल्ट रहेगी, कुछ भी सेटिंग्स में चेंजेज़ नहीं है, सुपरट्रेंड आप एज़ इट इज़ लगाएंगे, ठीक है। कलर उसका चेंज करना चाहते हो, वो आप चेंज कर सकते हैं, लेकिन सेटिंग्स उसको डिफॉल्ट रखी है। साथ ही साथ मुझे थोड़ा ट्रेंड
आइडेंटिफिकेशन... ट्रेडिंग देख रहे हो, कम मिलेगा, ठीक है। 20 दिन की ट्रेडिंग है, हो सकता है आपको पांच ही ट्रेड मिले, लेकिन अच्छा ट्रेड मिल सकता है, ठीक है। चलिए, वो भी आपको दिखाऊंगा। आई एम सॉरी, यहां पर फिर मैं दूसरा, तीसरा इंडिकेटर यूज़ कर रहा हूं, चॉपीनेस इंडेक्स। चॉपीनेस इंडेक्स का इंपॉर्टेंस क्या है, ये मैंने इसके ऊपर एक वीडियो बनाया है, आप उसको देख सकते हो। चॉपीनेस इंडेक्स आपको साइडवेज़ से बचाता है, ठीक है, एक ट्रेंडिंग मार्केट कहां हो सकता है वो आपको आइडेंटिफाई... को यूज़ करके मैंने सेटअप बनाया है। चॉपीनेस इंडेक्स के बारे में ब्रीफ वीडियो है, आप उसको देख सकते हो, ठीक है। फिर यहां पर आपका SL, रिस्क मैनेजमेंट, जो कि बहुत इंपॉर्टेंट है; बगैर रिस्क मैनेजमेंट के ट्रेड नहीं करना चाहिए। तो रिस्क मैनेजमेंट बताऊंगा, और आपको RR भी बताऊंगा, यानी कि रिस्क रिवॉर्ड रेशो। स्विंग ट्रेडिंग में रिस्क रेशो बहुत अच्छा है, 1:2 आसानी से मिल जाता है, और वहीं पर आप इंट्राडे में देखो तो 1:2, मैं कहूंगा कि, मिलता भी है, ठीक है, 1:3 भी मिलता है, ऐसी बात नहीं है, लेकिन 1:1.5 थोड़ा वहां पे आसानी से मिल जाता है, तो मैं उसको फोकस करूंगा, ठीक है। तो चलिए, यह हो गया कि मुझे क्या-क्या इंडिकेटर चाहिए, क्या-क्या टाइम फ्रेम रहेगा, क्या-क्या सेटअप रहेगा, ठीक है। अभी Quantsapp एप्लीकेशन
पर चलते हैं, ठीक है। यहां पर Analyse में जाएंगे, और Chart, Order and Trade को मैंने क्लिक किया, ठीक है। तो चार्ट... तो 15 मिनट, 5 मिनट, दोनों में इसमें टाइम फ्रेम आएगा। तो पहले मैं आपको 15 मिनट का दिखा देता हूं, ठीक है। तो 15 मिनट का टाइम फ्रेम है, ऑलराइट, तो का टाइम फ्रेम यहां पर मुझे दिख रहा है, जिसमें मैं इंट्राडे सेट, पोजीशनल ट्रेडिंग में आसानी से ले सकता हूं, ठीक है। यहां पर नीचे ये ऑर्डर बुक का इंडिकेटर है; आप इसको अगर हटा भी देंगे तो कुछ प्रॉब्लम नहीं है, ठीक है, इसको यूज़ करेंगे तो भी यूज़ कर सकते हैं। ऑलराइट, जस्ट अ मिनट, ओके, ठीक है। चलिए, अभी इसमें देखिए, जो भी इंडिकेटर मैंने लगाया वो आपको यहां पर दिख रहे हैं। मूविंग एवरेज 50 मैंने लगाया, सुपरट्रेंड मैंने 10, 3 का जो सेटअप है वही है, इसमें कुछ भी चेंजेज़ नहीं है। आप देख सकते हो, कुछ भी इसमें चेंजेज़ नहीं किया है, बाय डिफॉल्ट है, सारे इनपुट्स आप देख सकते हो, 10 और 3 ही है, ठीक है, कोई चेंजेज़ नहीं है, कोई बदलाव नहीं है। मूविंग एवरेज में अगर आप देखना चाहोगे तो यहां पर देख सकते हो, 50 का है, SMA है, और नाइन है, सोर्स मेरा क्लोज ही है, ठीक है, इसमें मैंने कुछ चेंजेज़ नहीं किया है। नीचे इसमें बहुत इंपॉर्टेंट इंडिकेटर है, वो है आपका चॉपीनेस
इंडेक्स, ठीक है। चॉपीनेस इंडेक्स का देखिए अपर लेवल 60 है, उसका बिलो आप देखो, देखोगे 40 है, ठीक है। तो ऐसा बोला जाता है कि जो इसके बीच में जब रहता है, ठीक है, तो वहां पर साइडवेज़ रहता है, लेकिन आप देखोगे कि बीच में भी मोमेंटम देता रहता है, ठीक है। तो उसका जो बाय डिफॉल्ट सेटिंग है, मैं उसको फॉलो नहीं कर रहा हूं। मैं यहां पर, मैंने कुछ ऑब्ज़र्वेशन किया, उस ऑब्ज़र्वेशन को हम फॉलो करते हैं, ठीक है। तो यहां पर देख सकते हो कि अपर बैंड जो इसका 60 है, लोअर वाला 40 है, तो मैं यहां पर 60-40 नहीं देखने वाला हूं, ठीक है। मैं यहां पर क्या करूंगा? मैं सीधा यहां पर, जस्ट अ मिनट, इसको थोड़ा सा हम ऊपर कर देते हैं, ठीक है, ऑलराइट, इसको थोड़ा सा और ऊपर कर देते
हैं, ठीक है। तो यहां पर आप देख सकते हो कि मैंने चॉपीनेस इंडेक्स लगाया। अभी इसमें हम क्या करेंगे? एक हॉरिज़ॉन्टल लाइन इसमें ऐड करता हूं, ठीक है, और हॉरिज़ॉन्टल लाइन का मैं यहां पर कोऑर्डिनेट करता हूं 50, ठीक है। यहां पर मैंने 50 लगा दिया, ऑलराइट, सो सिंपल है यहां पे। इसको, सेटिंग्स को सेव कर देते हैं, ठीक है। अभी मैंने 50 यहां पर क्यों चुना है, मैं आपको बता देता हूं, ठीक है। देखिए, 50 के ऊपर रहता है तो यहां पर ज्यादातर है कि 50 के ऊपर अगर रहेगा तो मार्केट ज्यादा चॉपी है, साइडवेज़ होने के ज्यादा चांसेस हैं; 50 के नीचे रहता है तो ट्रेंडिंग होने के चांसेस ज्यादा रहते हैं, ठीक है। स्विंग ट्रेडिंग में, स्विंग ट्रेडिंग में मैं ज्यादातर यूज़ करूंगा कि 40 के नीचे अगर मिलेगा तो मैं ज्यादा कोशिश करूंगा, लेकिन 50 के नीचे भी आता है तो मुझे अच्छी खासी ट्रेडिंग मिल जाती है, ठीक है। सेटअप बहुत ही सिंपल है, ठीक है, बहुत ही सिंपल है। चलिए, सेटअप की बात करते हैं, कि सेटअप में किस तरीके का ट्रेड मुझे मिलेगा। ऑलराइट, ठीक है। 50 डे, ये रेड वाला जो लाइन है, वो 50 डे मूविंग एवरेज लाइन है। मतलब प्राइस अगर उसके नीचे है तो मैं डाउनट्रेंड देखूंगा, प्राइस उसके ऊपर है तो मैं अपट्रेंड देखूंगा, ठीक है। ये एक, मतलब, 50
डे मूविंग एवरेज कॉन्सेप्ट है। अभी इसी में जब सुपरट्रेंड बनता है, ठीक है, देखिए, अगर बगैर चॉपीनेस इंडेक्स के मैं करूं, तो सिंपल सी बात है कि अगर सुपरट्रेंड इसके ऊपर रहता है, प्राइस भी इसके ऊपर रहता है, तो वहां पर बाय करूंगा, ठीक है, और सुपरट्रेंड अगर इसके नीचे रहता, प्राइस भी अगर इसके नीचे रहता, तो मैं सेल करूंगा, ठीक है। एक सिंपल सा कॉन्सेप्ट है। लेकिन कई बार देखिए, यही, अगर इसी के हिसाब से अगर मैं करूं, तो कई जगह मेरा स्टॉप लॉस हिट हो सकता है, या मुझे प्रॉफिट मिलेगा नहीं, जैसे यहां पर आप देख सकते हो, ठीक है। यहां पर आप क्लियर देख सकते हो, जस्ट अ मिनट, अब यहां पर देखिए, ठीक है, सिंपल है, ये देखिए, ये ऊपर गया, ठीक है, ये नीचे आया। अगर यहां नीचे भी मैं ट्रेड लूं, यहां पर वापस से ऊपर गया, तो मुझे थोड़ा कन्फ्यूज़न क्रिएट करेगा, ठीक है। तो मैं क्या कर सकता हूं? यहां पर पहला मैं देखूंगा कि 50 के ऊपर प्राइस है या इसके नीचे, ठीक है। ये मैं पोजीशन ट्रेडिंग की बात कर रहा हूं, ठीक है। तो यहां पर देखिए, जैसे आप देख सकते हो कि यहां पर 40 के नीचे, मतलब पूरा 50 के नीचे यहां पर है प्राइस, लेकिन प्राइस आप देख सकते हो ये सुपरट्रेंड में ऊपर चला गया, तो मैं यहां पर बुलिश वाला ट्रेड नहीं बनाऊंगा, ठीक है। यहां पर, आई एम सॉरी, यहां पर बुलिश वाला ट्रेड... ये देखिए, ये नीचे है ऑलरेडी, यहां पर काफी नीचे आया हुआ था, ठीक है। इसको हम देखते हैं, थोड़ा पीछे का है, ठीक है, उसको भी पहले देख लेते हैं, ठीक है, नहीं तो लोग
कन्फ्यूज़ हो जाते हैं, ठीक है। चलिए, यहां पर देखिए, ओके, अभी देखिए कि यहां पर चॉपीनेस इंडेक्स देखिए 50 के नीचे, ठीक है, यहां पर देखिए, यहां पर भी 50 के नीचे, और यहां पर प्राइस ऊपर गया हुआ है, ठीक है। तो मैं यह कहूंगा कि यहां पर प्राइस थोड़ा सा ऊपर गया है, आप देख सकते हो प्राइस काफी यहां पर ऊपर गया है। प्राइस का डिफरेंस कितना है वो भी आप देख सकते हो, कि 100 पॉइंट का कुछ लगभग वहां पर डिफरेंस है, ठीक है। तो यहां पे जब प्राइस इस तरीके से ऊपर जा रहा है, ठीक है, आपको क्या करना है? कि पहले यह देखना है कि जो कैंडल वहां पर बन रही है, 15 मिनट का जो कैंडल होती है, ठीक है, 15 मिनट का जो कैंडल है वहां पर बन रही है, तो उसको ब्रेकआउट वो कर रहा है कि नहीं, ठीक है। पहला है कि उस पर ब्रेकआउट करे, ठीक है। दूसरा यह रहेगा कि ब्रेकआउट करने के बाद, ठीक है, जो ब्रेकआउट उस पे कर रहा है, आप ये देखिए कि सुपरट्रेंड कैसे उस पे बन रहा है, ठीक है। यहां पर आप देख सकते हो, यह ब्रेकआउट करने पे मैं इसमें पोजीशन ट्रेड ले सकता हूं। अभी अगर मैं यहां पे ट्रेड लेता हूं, तो देख सकते हो यहां से 15,420 तक गया है। बाइंग मेरा कितना है? 15,300 के आसपास है, ठीक है, 300 के आसपास है। तो ये सिर्फ 100 पॉइंट का ही मूव इसने किया हुआ है, तो यहां पर मेरा कॉस्ट टू कॉस्ट निकल सकता है, बिकॉज़ 100
पॉइंट ऊपर है, ठीक है, तो, तो कॉस्ट टू कॉस्ट मेरा निकल सकता है, ठीक है। अभी यहां पर मैं क्या करूंगा? नेक्स्ट डे मेरा यहां पर ट्रेड बना। अभी जैसे ही सुपरट्रेंड के अंदर एंट्री किया है, और यहां पर 50 के नीचे, तो उसको एग्ज़िट कर लीजिए। तो यहां पर मेरा कॉस्ट टू कॉस्ट एग्ज़िट हो गया है। अभी क्या मुझे यहां पर ट्रेड बनाना चाहिए? जी हां, यहां पर ट्रेड मैं बना सकता हूं, लेकिन सुपरट्रेंड आप देख सकते हो उस 50 मूविंग एवरेज के ऊपर है, भले प्राइस नीचे है। यहां पे ये पोजीशन सिस्टम तो बनी हुई है, यहां पर मुझे बनाना चाहिए, बट यहां पर मैं क्लियरली देख रहा हूं कि मुझे उतना अच्छा मूव यहां पर नहीं दे सकता है, ठीक है। क्योंकि सेटअप के मुताबिक मैं देखूं कि प्राइस भले नीचे, सुपरट्रेंड ऊपर है, अभी भी आप देख सकते हो, ठीक है। तो आप देख सकते हो यहां पर मेरा ट्रेड नहीं बनेगा, ठीक है। आगे जाके मैंने क्या देखा? कि इसी को इसने रेजिस्ट किया और नीचे आ रहा है, ठीक है, रेजिस्ट करके नीचे आ रहा है। तो मैं एक रिस्क टेकर हूं, तो मैं यहां पर रिस्क के मुताबिक मैं ट्रेड यहां पर ले लूंगा, लेकिन जो नए ट्रेडर्स हैं उनको यहां पर नहीं लेना चाहिए, बिकॉज़ हो सकता है कि यहां पर थोड़ा सा प्राइस यहां पर सस्टेन करे, फिर नीचे, तो वो यहीं पर डर जाएंगे, क्योंकि ये सुपरट्रेंड के ऊपर जाएगा, वहां पे सोचेंगे कि इसको एग्ज़िट कर लेना चाहिए। क्योंकि ट्रेडिंग के समय हमेशा हमारा जो दिमाग बहुत खुराफाती तरीके से चलता है, तो वहां पर उनका गलत हो जाएगा, ठीक है। तो मैं यहां पर भी ट्रेड
नहीं लूंगा, यहां पर भी नहीं लूंगा। अभी आप देखिए, यह प्राइस यहां पर भले ही यहां पर नीचे आया है, ठीक है, 40 के नीचे गया है, यहां पर भी आप देख सकते हो कि 50 के नीचे यहां पर आया हुआ है, ठीक है, यहां पे ट्रेड मुझे नहीं बनाना चाहिए। बिकॉज़ जो सुपरट्रेंड भी देखिए यहां पर काफी, अगर यहां पर भी नीचे आ रहा है तो क्रॉस ही कर रहा है, ऊपर ही है, नीचे नहीं आया, यहां पर क्रॉस कर रहा है। यहां से मेरा स्टॉप लॉस काफी बड़ा हो जाएगा, तो मुझे वेट करना चाहिए, ठीक है। अभी आप देखो कि यहां से अगर मैं यहां पर ट्रेड लेता हूं, यहां पर देखिए, क्लियर ये 50 के नीचे इसने सस्टेन किया है। अभी देखिए इसकी यहां पर हरकत देखिए, ये यहां पर नीचे गया, इसके ऊपर गया ही नहीं। ज़ाहिर सी बात है, यहां से रेजिस्ट करके नीचे आया, ये सेम प्राइस को रेजिस्ट करके नीचे आया, ठीक है, सेम प्राइस को, ठीक है। जो मेरा पहले लेने का जो तर्क था, वो इसी हिसाब से था कि यहां पर इसको रेजिस्ट करके नीचे आया, तो सेम चीज को रेजिस्ट करके नीचे आ रहा है, तो आप यहां पे ट्रेड ले सकते हो, नहीं तो आप यहां पे ले सकते हो, ठीक है। क्योंकि ये सुपरट्रेंड नीचे आया, दोबारा सुपरट्रेंड बन गया, ठीक है। तो मैं यहां पे ईज़ीली ट्रेड ले सकता हूं, और जो मैं रिस्क मैनेजमेंट की बात कर रहा था, मैं क्या करूंगा? स्विंग हाई पे रखूंगा, नहीं तो ये सुपरट्रेंड का जो कोना है, मैं उसको, जो अपना स्टॉप लॉस है, पकड़ सकता हूं, ठीक है। तो हम यहां पर क्या करेंगे? एक
शॉर्ट पोजीशन बनाएंगे, ठीक है। शॉर्ट पोजीशन यहां पर मेरा बनेगा, ठीक है। यह मेरा यहां पर स्विंग हाई पे थोड़ा सा बफर रखेंगे, तो 140 का यहां पर स्टॉप लॉस है, ठीक है। स्विंग ट्रेडिंग है तो स्टॉप लॉस थोड़ा बड़ा रहता ही है। तो देखिए, 1:2 का रेशो यहां पर मुझे दिया, पूरा गैप डाउन हुआ, और ईज़ीली मुझे 1:2 का रेशो इसने दिया, ठीक है, पूरे तरीके से गैप डाउन होके आया, ठीक है। अभी देखिए, प्राइस यहां से सस्टेन करके ऊपर चला गया, ठीक है। अभी सब बोलेंगे कि सर, यहां पे क्यों नहीं ट्रेड लिया गया? ठीक है, दो रीज़न है। पहला, देख सकते हो कि यह प्राइस जो है, यहां पर आप देख सकते हो कि प्राइस इसके नीचे; दूसरा, मूविंग एवरेज ऊपर है, ठीक है, दोनों मैच नहीं कर रहे, ठीक है। सुपरट्रेंड देखिए यहां पर बना तो है। अगर मैं सुपरट्रेंड के हिसाब से जाऊं तो मैं यहां पे ट्रेड ले सकता हूं, इसका हाई ब्रेक करने पे ले सकता हूं, लेकिन कितना मुझे मिलेगा? फिर से वैसी हरकत हो जाएगी जो पीछे हो गई है, ठीक है। गलतियां होंगी, ठीक है, सबसे गलतियां होंगी, और मैं चाहता हूं कि वह गलतियों से सीखें आप, ठीक है। तो यहां पर देखिए, मैं सेम गलती दोबारा नहीं दोहराऊं, आप देख सकते हो कि सुपरट्रेंड यहां पर बना अगेन, ठीक है, प्राइस देखिए इसी के ऊपर है। क्या अगेन यहां पे ट्रेड बनेगा? नहीं, ट्रेड आगे जाके बनेगा, ठीक है। ये देखिए, अब यहां पे सुपरट्रेंड यहां पे नीचे आया। सुपरट्रेंड
थोड़ा नीचे आ जाना चाहिए, तब जाके मेरा थोड़ा अच्छा सा सिस्टम बनेगा। प्राइस यहां पे रेजिस्ट किया, जैसे हमने देखा कि पीछे जो रेजिस्ट कर रहा था, यहां पे सेम कॉन्सेप्ट देखिए यहां पे इसने दोहराया है, ठीक है। देखिए, प्राइस यहां से रिजेक्शन मिल रहा है, यहां से रिजेक्शन मिल रहा है, क्लियर है कि सुपरट्रेंड यहां पे ऊपर नहीं जाएगा, ठीक है। चॉपीनेस इंडेक्स देखिए, ये 50 के ऊपर है, साइडवेज़ है। यहां पर देखिए, यहां से लेके यहां तक पूरा साइडवेज़ है, ठीक है। देखिए, टाइम यहां पर क्या मिल रहा है? 9:45 से लेके पूरा देख के मार्केट क्लोज़ हो गया, वो अगले दिन के 9:15 पे आ गया, ठीक है। अभी देखिए, अगले दिन के 9:15 पे यहां पे ब्रेक कर रहा है, यहां पे ब्रेक कर रहा है, देख सकते हो कि चॉपीनेस इंडेक्स के हिसाब से यहां पे ट्रेड आया हुआ है, ठीक है। तो मैं यहां पे ट्रेड ले सकता हूं। मैं क्या करूंगा? यहां पे ट्रेड लूंगा, ठीक है, और ये देख सकते हो कि स्विंग हाई है जो, यहां पर मैं स्टॉप लॉस रखूंगा। तो हम क्या करेंगे? अगेन यहां पे शॉर्ट पोजीशन बनेगा, ठीक है, शॉर्ट पोजीशन यहां पे बनेगा, और यह लेटेस्ट स्विंग वाला जो यह है, थोड़ा बफर रखूंगा, 150 का स्टॉप लॉस है। देखिए, स्विंग ट्रेडिंग है, 150 का स्टॉप लॉस कॉमन है, इसमें कोई दिक्कत नहीं है, ठीक है, उसमें आपको उतना प्रॉफिट भी मिल सकता है। अभी आप देखिए, यहां पे 1:1.5 का रेशो अगले दिन दे रहा था, ठीक है, लंबी-लंबी कैंडल मार के
यहां पर नीचे आया। अभी जब, अ, अभी मुझे ये है कि यहां पर, अब देखिए, आपको एक इंपॉर्टेंट चीज बताने जा रहा हूं, कि यहां पर जब नीचे गया, ठीक है, अभी लोग ये बोलेंगे कि मुझे यहां पर एग्ज़िट कर जाना चाहिए कि नहीं कर जाना चाहिए। पहला ये है कि अगर ये 15 मिनट का जो कैंडल है, इसको ब्रेक, ब्रेक करके नीचे जा रहा है, थोड़ा होल्ड करिए, जब ये पूरा गैप में जाता है, ठीक है। प्लस यहां पर ऑर्डर बुक का इंडिकेटर है जो कि यहां पर थोड़ा सपोर्ट का काम कर रहा है, उसमें आप देख सकते हो कि प्राइस पूरा नीचे, उसके बीच का डिफरेंसेस भी ज्यादा, पूरा देख सकते हो, पूरा डाउनसाइड है, ठीक है। अगर उसको ऊपर जाना होता है, तो अगर, जब तक कैंडल इसके आधे के ऊपर नहीं बंद होती, तब तक उसको एग्ज़िट मत करिए। आधे के ऊपर बंद होगी, वहां पर क्लोज़ हो रहा है, तो वहां पर एग्ज़िट कर जाना जरूरी है। अदरवाइज़ आप क्या कर सकते हैं? अगर इसको ऐसे फॉलो कर रहे हैं, देख सकते हो कि आधे के ऊपर बंद कहां पर हो रही है, यहां हो रही है, ठीक है, आधे के ऊपर, यहां पर एग्ज़िट कर लीजिए। तो यहां पर मेरा क्या होगा? जो टारगेट है यहां तक आ सकता है, ठीक है। तो 1:3 का रेशो है, जहां 150 पॉइंट का स्टॉप लॉस है, 500 पॉइंट मुझे मिल रहा है यहां पर। तो इस तरीके से आप सुपरट्रेंड को यूज़ करके पोजीशनल ट्रेडिंग कर सकते हैं, ठीक है। अभी यहां पे ऊपर की ओर का देखते हैं, ठीक है। ऐसा नहीं कि ऊपर की ओर नहीं मिलेगा; SL हिट हो सकता है, SL भी होगा हिट, ठीक है। ये देखिए, सुपरट्रेंड ऊपर
बना, प्राइस भी ऊपर है, ठीक है। सुपरट्रेंड क्या है? इसके ऊपर गया है, ऊपर नहीं गया, तो मेरा वहां पर ट्रेड नहीं बन रहा है, ठीक है। सुपरट्रेंड कहीं नीचे जाना चाहिए। देखिए, यहां पर नीचे है, सुपरट्रेंड अभी भी ऊपर है, नीचे कहां पर है? यहां बन रहा है, और यहां बन रहा है, तो मेरा ट्रेड यहां बनता है, ठीक है। मेरा ट्रेड एक यहां बनता है और एक यहां बनता है, तो मैं यहां पर लूंगा, ठीक है। क्योंकि चॉपीनेस इंडेक्स के हिसाब से यहां पर बन रहा है, और सुपरट्रेंड भी नीचे आया हुआ है, तो ईज़ीली मैं यहां पर एक स्विंग ट्रेडिंग बनाऊंगा, ठीक है। यहां पर मैं स्विंग ट्रेडिंग बनाऊंगा, स्टॉप लॉस मैं यहीं पर रखता हूं, इसके हाई पे, ठीक है। अगेन, 117 का है, देख सकते हो, 177 के हिसाब से कितना नीचे आया, ठीक है। 1:3 नहीं ले सकते तो 1:2 तो लीजिए, ठीक है, आसानी से मिल जाएगा। अभी यहां पर चॉपीनेस इंडेक्स के हिसाब से, ठीक है, वापस से देखिए, सुपरट्रेंड यहां बना है, 50 के ऊपर क्रॉस कर रहा है। ईज़ीली देखिए, यह पूरा जो सेटअप है, जो चॉपीनेस इंडेक्स का साइडवेज़ था, देख सकते हो पूरा यहां से साइडवेज़ है, देख सकते हो यहां से, ठीक है। जस्ट अ मिनट, यह देखिए, चॉपीनेस इंडेक्स के ऊपर गया, यहां से यहां तक साइडवेज़ है, यह एक कंसोलिडेशन ज़ोन भी हो गया, जिसको ब्रेकआउट यहां पर किया है, ठीक है। लेकिन चॉपीनेस इंडेक्स में कहां बता रहा है? यहां पर बता रहा है एंट्री, ठीक है। मैं यहां पर एंट्री लूंगा, क्योंकि सुपरट्रेंड भी यहां से ऊपर क्रॉस किया है, तो अगर मैं
यहां एंट्री लेता हूं तो मेरा SL यहां पर होगा, ये कोने पर होगा, ठीक है। तो इसमें मुझे 1:2 तो नहीं मिलेगा, ठीक है, बट मेरा कॉस्ट टू कॉस्ट हो सकता है, ठीक है, कॉस्ट टू कॉस्ट हो सकता है। मुझे ज्यादा बड़ा ट्रेड नहीं मिला है, कॉस्ट टू कॉस्ट हो सकता है, बिकॉज़ ये भी 350 पॉइंट दिया है, तो 1:1.4 का रेशो है, ठीक है। उतना भी काफी है, उतना मुझे मिल सकता है, ठीक है। तो ये था स्विंग ट्रेडिंग का सेटअप। अभी आते हैं इंट्राडे में, ठीक है। यह यहां तक सबको समझ में आ गया होगा। अभी इंट्राडे में आते हैं, तो यहां पर मैं जाऊंगा, 5 मिनट का टाइम फ्रेम रखता हूं, ठीक है। तो देखिए, 5 मिनट का टाइम फ्रेम यहां पर लिया है मैंने, और 5 मिनट के टाइम फ्रेम में मैं देखूंगा कि कैसा मेरा सेटअप यहां पर बनता है, ठीक है। बहुत सिंपल है, सेम कॉन्सेप्ट है जो मैंने सुपरट्रेंड का बताया, कुछ भी उसमें डिफरेंस नहीं है। बस डिफरेंस यही है कि 15 मिनट का टाइम फ्रेम लिया, वो ब्रॉड व्यू बता रहा है, यहां पर आपको थोड़ा सा नैरो करेगा वो, ठीक है। तो अगर वहां पर अपट्रेंड है तो यहां पर भी अपट्रेंड के हिसाब से देखिए, ठीक है। यहां पर देखिए, अभी जैसे आप, सुपरट्रेंड बना हुआ है, ठीक है, यह देखिए आपका चॉपीनेस इंडेक्स, देख सकते हो नीचे आया, सुपरट्रेंड बना, पहला यहां पर ब्रेक करके ऊपर गया, तो मैं यहां पर ट्रेड इसमें से ले लूंगा, ठीक है। अभी इसमें से ट्रेड लूंगा। देखिए, इंट्राडे है तो मुझे रिस्क
वाइज़ बहुत स्ट्रिक्ट करना पड़ेगा, ठीक है। तो जो कैंडल ब्रेक कर रहा, मैं उसी कैंडल पे स्टॉप लॉस यहां पर रख सकता हूं, ठीक है। इसमें ज्यादा बड़ा स्टॉप लॉस नहीं लेना है। तो यहां पर हम क्या करेंगे? देख सकते हो, ये रहा, ठीक है, इसके हाई पे मेरा बाइंग है, यहां पे मैं स्टॉप लॉस रखता हूं, ठीक है। 1:1 का, 1.5 का रेशो है, दिया, 1:1.5 का रेशो मुझे मिल गया है, ठीक है, तो मैं वहां पर उसमें ट्रेड ले सकता हूं, ठीक है। डाउनसाइड वाला ट्रेड देखोगे, वो भी बहुत आसान है, ठीक है। यहां पर देखिए, मार्केट पूरा डाउनसाइड है, ठीक है, ये देख सकते हो, पूरा नीचे आया हुआ है, यहां से देख सकते हो, साइड में से। चॉपीनेस इंडेक्स देखिए, ऊपर है। अभी चॉपीनेस इंडेक्स को कहां पर उसने छोड़ा? यहां पर छोड़ा है, देख सकते हो, ठीक है। क्लियरली 50 के नीचे यहां पर आया है, और उसका लो ब्रेक किया, सुपरट्रेंड भी नीचे आया, ईज़ीली मैं यहां पर ट्रेड ले सकता हूं, ठीक है। मैं क्या करूंगा? मैं जाऊंगा, यहां पर शॉर्ट पोजीशन बनाऊंगा, ठीक है, ये देख सकते हो, शॉर्ट पोजीशन, और यहां पे 1:1.5 का रेशो मैं यहां पर लूंगा, ठीक है, जो कि मुझे आसानी से दे देगा। इसलिए मैंने स्टार्टिंग में बोला कि इंट्राडे है तो मैं 1:1.5 के हिसाब से ज्यादा जाऊंगा, ठीक है, 1:2 के हिसाब से नहीं। ऑलराइट, सो आपने देखा कि किस तरीके से मैंने इंट्राडे में सेटअप बनाया, किस तरीके
से मैंने स्विंग ट्रेडिंग में सेटअप बनाया। सो आई होप आपको समझ में आया होगा कि मैंने कैसे दो इंडिकेटर को यूज़ करके ऑप्टिमम स्ट्रेटजी यहां पर बनाई है, जो कि काफी बेहतरीन तरीके से काम करती है, जो न्यू ट्रेडर हैं उनके लिए भी अच्छे से काम करेगी, जो पुराने ट्रेडर्स हैं, जिनको, कुछ नई स्ट्रेटजी अगर खोज रहे हैं, तो यह स्ट्रेटजी उनके लिए काफी काम आएगी। मैंने इसको कई बार यूज़ किया है, ठीक है, बहुत अच्छा काम करता है। जब भी मुझे कोई ट्रेंडिंग इसमें देखना होगा तो मैं इस तरीके से करता हूं, पोजीशनल भी करना है तो मैं इसको कभी-कभी मैं यूज़ करता हूं, ठीक है। आप इसको यूज़ कर सकते हो, क्योंकि बहुत सारी वेरियस स्ट्रेटजीज़ हैं, जिसमें जिसको ज्यादा कम्फर्टेबल फील करता है, वहां पर यूज़ करना चाहिए। फ्रेश ट्रेडर है तो स्पेसिफिकली उनको साइडवेज़ से बचना चाहिए, तो ये आपको काफी अच्छा इंडिकेशन देता है कि मार्केट साइडवेज़ रहेगा, जहां पे आपको अच्छा ट्रेंड नहीं मिल सकता, तो उससे बचाने में काफी अच्छा हेल्प करेगा, ठीक है। सो आई होप आपको ये सेशन पसंद आया होगा, कि किस तरीके से मैंने सुपरट्रेंड को यूज़ करके एक अच्छा सेटअप बनाया, अलॉन्ग विद चॉपीनेस इंडेक्स, ठीक है। सो अगर ये वीडियो आपको पसंद आया तो प्लीज़ लाइक एंड शेयर कीजिएगा। मैं आपका ट्रेनर धर्मेंद्र राजभर, आपका धन्यवाद।

PGDM in finance, having 5+ experience in Equity, commodities , forex analysis and trading.
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