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Bollinger Bands for Option Traders Kaise Use Kare (Hindi)

Intermediate·Hindi·20 min·875 views·1 year ago

There is no single best indicator: the best one is the one that suits your own trading style. This lesson combines a technical indicator with order-book data to take fewer, cleaner intraday trades.

A moving average is used for the trend, and Bollinger Bands mark overbought and oversold zones. The trainer explains why simply selling at the upper band or buying at the lower band often hits the stop-loss.

The filter is buyer and seller initiated quantity in Charts, Order and Trade. In an overbought zone, a trade is taken only when a candle with clearly more sellers (about double) breaks the low of the buyer-dominated candle; the reverse applies in an oversold zone. The rules are shown on a Nifty 3-minute chart, with stop-loss placement and setups that were skipped.

What you’ll learn

✓Why no single indicator works alone and the best one fits your trading style
✓Moving average for trend, Bollinger Bands for overbought and oversold zones
✓Why trading every touch of the upper or lower band leads to repeated stop-losses
✓Use buyer vs seller initiated quantity, ideally about double, to confirm the entry
✓Stop-loss at the signal candle's high or low on a Nifty 3-minute chart
Transcript

हेलो एवरीवन, वेलकम टू Quantsapp। माय नेम इज धर्मेंद्र। आज का टॉपिक है द बेस्ट इंडिकेटर फॉर इंट्राडे ट्रेड। तो यहां पर मैं इंट्राडे ट्रेड के बारे में बात करूंगा और उस इंडिकेटर के बारे में भी बात करूंगा जो मुझे हेल्प करेगा एक अच्छा खासा इंट्राडे ट्रेड लेने के बारे में। ठीक है? अभी देखिए, इंडिकेटर्स बहुत सारे होते हैं, ठीक है? आप अगर TradingView में जाते हैं, किसी भी Quantsapp, Quantsapp एप्लीकेशन में भी आप देखोगे कि डाटा के हिसाब से बहुत सारे इंडिकेटर्स हैं। अगर आप इसमें जाएंगे ऊपर वाले सारे ऑप्शन में, तो आपको इंडिकेटर्स मिलेंगे, ठीक है? यहां पर देखिए, TradingView में आप जाएंगे तो आपको अलग-अलग टेक्निकल इंडिकेटर्स आपको मिलते हैं, ठीक है? लेकिन उसमें से कौन सा अच्छा है, यह जानना बहुत डिफिकल्ट होता है। रीजन ये है कि सबकी अलग-अलग सोच होती है, सबकी अलग-अलग एक्सपेक्टेशन होती है, सबका अलग-अलग ट्रेडिंग स्टाइल होता है। तो मैं ये कहूंगा कि बेस्ट इंडिकेटर वही होता है जिससे आप बेस्ट निकाल सको, जिससे आप बेस्ट रिटर्न निकाल सको, मतलब वो रिटर्न जिससे आप संतुष्ट हो। ऑलराइट? तो अगर वो, वो काम करता है, तो वो इंडिकेटर आपके लिए बेस्ट है। ऑलराइट? तो इसी संदर्भ में बात करेंगे कि किस तरीके से मैं एक टेक्निकल इंडिकेटर यहां पर यूज़ कर रहा हूं। साथ में मैं एक दूसरा इंडिकेटर भी यूज़ करूंगा, प्लस डाटा यूज़ करूंगा। रीजन ये है, आई एम सॉरी, रीजन ये है कि एक सिंगल इंडिकेटर कभी भी अच्छे से काम नहीं करता है, ठीक है? एक सिंगल इंडिकेटर आपको कुछ चीजें बताएगा, लेकिन

आपको ट्रेड, ट्रेड कैसे लेना, वो कहां पर, वो नहीं बता पाएगा। सिमिलरली, अगर कोई इंडिकेटर आपको बता रहा है कि यहां पर ट्रेड आपको लेना चाहिए, लेकिन वो ट्रेड कब लेना चाहिए ये नहीं बता पाएगा, मतलब मार्केट का डायरेक्शन क्या हो सकता है ये नहीं बता पाता है। राइट? तो हम लोग तीनों कांसेप्ट में बात करेंगे और देखेंगे कि यहां पर मैंने एक सिंगल इंडिकेटर ही लिया है, उसके तक सपोर्ट के तौर पर। मैं ये नहीं कहूंगा कि उसका, उसका रोल मतलब सबसे कम है, लेकिन इक्वल है। तो मैं यहां पर इंडिकेटर्स को यूज करके किस तरीके से ट्रेड बना रहा हूं, यहां पर मैं आपको बता रहा हूं। ऑलराइट? और मैं उसके साथ एक डाटा को यूज करूंगा जो कि बहुत ही क्रूशियल है वो ट्रेड लेने के लिए। ऑलराइट? तो यहां पर जो इंडिकेटर है, ऑलराइट, आप देखो, जो भी आप इंडिकेटर्स अगर आप लेते हो, तो सिर्फ अगर इंडिकेटर्स से अगर आप ट्रेड लेते हो तो थोड़ी सी डिफिकल्टी आती है। तो उसके साथ मैं क्या करता हूं? कुछ पैटर्न्स को फॉलो करता हूं। तो मैं, मैं क्या करूंगा? मैं चार्ट पैटर्न को फॉलो करता हूं, ठीक है? मैं चार्ट पैटर्न को फॉलो करता हूं और कई बार मैं कैंडलस्टिक पैटर्न को फॉलो करता हूं। सो और भी कुछ तरीके, जिसको हम फॉलो करते हैं, लेकिन यहां पर जो एक इंडिकेटर्स, यहां पर इंडिकेटर्स मैं लगाऊंगा, राइट, इंडिकेटर मैं यहां पर लगाऊंगा, उसके साथ मैं कुछ पैटर्न को फॉलो कर रहा हूं। ऑलराइट? अब ये पैटर्न आप देखोगे, चार्ट

पैटर्न भी हो सकता है, जिसको फॉलो करके मैं ट्रेड बना सकता हूं। राइट? यहां पर मैं क्या करूंगा? वो पैटर्न को एक बार देखूंगा, उसके साथ मैं डाटा को अलाइन करूंगा, जो काफी क्रूशियल होगा मुझे यह जानने में कि यहां पर किस तरीके से मैं ट्रेड बनाऊंगा। ऑलराइट? यहां पर मैं आपको बताऊंगा कि देखिए, अगर टेक्निकल इंडिकेटर के बारे में बात करें, तो मैं यहां पर दो इंडिकेटर यूज कर रहा हूं। एक मैं यूज कर रहा हूं ट्रेंड के लिए, ऑलराइट, ट्रेंड मतलब कहां पर हो सकता है। दूसरा मैं यह कहूंगा कि एक रिवर्सल, जहां पर होने के चांसेस हैं। ठीक है? ट्रेंड हो रहा है आपका, ठीक है, और दूसरा मैं ये कहूंगा कि ट्रेंड रिवर्सल के जो चांसेस हैं, उसकी मैं बात कर रहा हूं, ट्रेंड रिवर्सल। तो ट्रेंड रिवर्सल में क्या होता है कि ये ट्रेंड रिवर्सल बड़ा नहीं होगा, शॉर्ट वाला, शॉर्ट ट्रेंड होगा। तो मैं उसके हिसाब से मैं बात करूंगा और यहां पर मैं डाटा यूज करूंगा, जो मुझे बताएगा एक्शन के बारे में, कि मतलब मैं वहां पर ट्रेड मुझे लेना चाहिए या नहीं लेना चाहिए, ये मुझे बताएगा। ऑलराइट? तो चलिए, ट्रेंड का जो है, ट्रेंड आइडेंटिफिकेशन

करने के लिए मैं यूज करता हूं एक मूविंग एवरेज। ऑलराइट? मूविंग एवरेज यूज करूंगा मैं, काफी कारगर होता है मूविंग एवरेज। देखिए, बहुत लोग यूज करते हैं। तो यहां पर मैं क्या कर रहा हूं? 50 डे मूविंग एवरेज का इस्तेमाल कर रहा हूं। ऑलराइट? 50 डे मूविंग एवरेज का इस्तेमाल कर रहा हूं। मैं देख रहा हूं कि जो 50 डे मूविंग एवरेज है, जिस तरीके से ऐसे बनी हुई है, और मैं ये देखता हूं कि प्राइस अगर इसके ऊपर ज्यादातर है, तो वहां पर मुझे बुलिश ट्रेंड दिख रहा है; अगर डाउन साइड है, तो मुझे बेयरिश ट्रेंड दिख रहा है। तो कैसा होता है कि ट्रेंड को आइडेंटिफिकेशन है, वो है आपका Bollinger Band। ऑलराइट? सबसे मेन इंडिकेटर है Bollinger Band। तो Bollinger Band जो है, उसका इस्तेमाल मैं क्यों कर रहा हूं, वो भी मैं आपको बता देता हूं। तो Bollinger Band जो है, हम सबको पता है कि इसका एक अपर रेंज होता है, ऑलराइट, एक डाउन रेंज होता है, और बीच में आप देखोगे कि यहां पर एक लाइन होती है, और आप स्टॉक को देखोगे कि स्टॉक इसी रेंज में घूमता है। अगर यहां पर ऊपर गया, अपर वाले, अपर वाला जो रेंज है, अपर बाउंड रेंज है, तो यहां पर मैं क्या कहूंगा कि ये ओवरबॉट जोन में गया है। राइट? सिमिलरली, स्टॉक अगर यहां पर नीचे

आता है, लोअर वाले रेंज को सेलेक्ट करता है, तो ये मैं कहूंगा कि ओवरसोल्ड में गया है। अभी यहां पर लोगों के सेंटीमेंट्स रीड कीजिए। लोग क्या सोचते हैं कि ये डाउन ट्रेंड में आया हुआ है, तो ठीक है, यहां पर हम क्या करेंगे कि तुरंत ट्रेड ले लेते हैं। तो नतीजा क्या होता है कि वहां पर उनका स्टॉप लॉस हिट होता है। अभी देखिए, यहां पर ऊपर वाले रेंज में जब जाता है तो लोग वहां पर सेल करते हैं, नीचे वाले में जाता है तो लोग बाय करते हैं। एक सिंपल कांसेप्ट यूज करके वहां पर ट्रेडिंग स्टार्ट कर देते हैं, लेकिन ये बहुत ही गलत तरीका है। रीजन ये है कि जरूरी नहीं है कि Bollinger Band में अगर ये ओवरबॉट में गया तो वहां से वो नीचे ही आएगा। कई बार आप देखिए कि ये ओवरबॉट में गया है तो यहां से ये ऊपर ही चला जाता है, और अगर यह नीचे आया ना, तो यहां से क्या करेगा? प्राइस यहां पर सस्टेन करेगा और वापस से नीचे जाएगा। तो अगर इस केस में अगर आप ट्रेड ले लोगे, तो आपका बार-बार यहां पर स्टॉप लॉस आपका हिट होने के चांसेस हैं। तो यहां पर मुझे यह देखने की जरूरत है कि Bollinger Band में जब भी इस तरीके से ट्रेड आता है, तो मैं यहां पर डाटा को रीड करूंगा। मैं डाटा को रीड करूंगा कि डाटा मुझे यहां पर क्या कह रहा है। अगर डाटा जो यहां पर मुझे करेक्ट बता रहा है, तो डाटा के हिसाब से मैं यहां पर ट्रेड लूंगा। राइट? यहां पर भी मैं डाटा के हिसाब से ट्रेड लूंगा, क्योंकि डाटा मुझे बताएगा कि ये यहां पर नीचे लेना, ट्रेड सही

रहेगा कि गलत रहेगा। अभी ये, इसमें मैं ये नहीं कहूंगा कि वो 100% राइट होगा, क्योंकि कोई भी स्ट्रेटजी 100% राइट नहीं होती है। किसी का स्ट्राइक रेशो 80 होता है, 70 होता है, 75 होता है, 90 भी होता है, कई स्ट्रैटेजी ऐसी भी हैं। यहां पर मैं आपको यह कहूंगा कि वो जो स्ट्रैट, जो मैं स्ट्रेटजी आपको बता रहा हूं, जहां पर मैं ट्रेड लूंगा, मैं ये नहीं कहूंगा कि स्टॉप लॉस हिट नहीं होगा, लेकिन आपका अगर ज्यादा स्टॉप लॉस होता है तो वो आधा होने के चांसेस हो जाएंगे। ठीक है? तो मैं यहां पर कांसेप्ट कह रहा हूं जो बायर इनिशिएटेड, सेलर इनिशिएटेड क्वांटिटी, यानी ऑर्डर बुक के बारे में। कई लोग ऑर्डर बुक को गलत इस्तेमाल करते हैं, ठीक है? मैं हमेशा कहता हूं कि किसी भी चीज की, ठीक है, किसी भी चीज की, चाहे वो इंडिकेटर हो या कोई भी चीज ले लो, इस दुनिया में कोई भी मटेरियल चीज ले लो, या फिर मैं कहूंगा टैंजिबल, टैंजिबल एसेट ले लीजिए, उसकी वैल्यू एक करेक्ट टाइम पे, एक करेक्ट जगह ही होती है। ऑलराइट? तो ऑर्डर बुक की भी यही चीज है कि वो करेक्ट टाइम पर ही और करेक्ट जगह पर ही उसका अच्छा इस्तेमाल हो सकता है। बीच में कहीं भी स्पाइक मारा, वहां पर ट्रेड बिल्कुल नहीं लेना है। राइट? तो ऑर्डर बुक के बारे में बता देते हैं कि ऑर्डर बुक किस तरीके से काम करता है। ओके, जस्ट अ मिनट। यस, ऑर्डर बुक में देखिए एक सिंपल कांसेप्ट होता है कि यहां

पर बायर है और सेलर है। राइट? तो बायर मेरा क्या होता है? यहां पर आप देखोगे कि अगर बायर, ठीक है, मैं यहां पर आगे की बात करता हूं, बायर यहां पर 20,000 है, राइट, यहां पर मैं ले लेता हूं कि यहां पर, यहां पर भी 20,000 है। ठीक है? या फिर मैं ले लेता हूं कि 10,000 है। ओके, बायर यहां पर 10,000 है, यहां 20,000 है। सेलर देख लीजिए, अगर यहां पर 5,000 होते हैं, ओके, और यहां पर मान लीजिए 20,000 होता है, तो यहां पर देखिए सिंपल कांसेप्ट है कि अगर बायर आपका ज्यादा है एक पर्टिकुलर कैंडल पे, सेलर कम है, तो ये आपका अपट्रेंड बता रहा है। ओके? और यहीं पर अगर बायर आपका 10,000 है, सेलर 20,000 है, तो ये आपका डाउन ट्रेंड बता रहा है। ठीक है? मतलब वो पर्टिकुलर कैंडल आपको बता रहा है कि नीचे जा सकता है। तो सिमिलर, एक सिंपल वे में उस कैंडल पे ट्रेड नहीं बनाना है, हमें सिर्फ वो डायरेक्शन बता रहा है, लेकिन ये डायरेक्शन किस जगह पर बता रहा है, वो इंपॉर्टेंट है। तो इसके लिए हम Bollinger Band का इस्तेमाल करेंगे, और मूविंग एवरेज का ट्रेंड तो है ही। तो वहां पर Bollinger Band में जहां पर ये सिस्टम बनेगा, वहां पर मैं ट्रेड बनाऊंगा, और आप देखेंगे कितने अच्छे तरीके से ट्रेड बनता है। ठीक है? तो चलिए, चलते हैं Quantsapp एप्लीकेशन पे। ऑलराइट? और यहां पे मैं जाता हूं Analyze में और सेलेक्ट करता हूं Charts, Order and Trade।

तो यहां पर आप देखिए, मैंने ऑलरेडी Bollinger Band लगाया हुआ है। Nifty का स्टॉक है, और यहां पर आप देख सकते हो, 3 मिनट का टाइम फ्रेम है। ठीक है? 3 मिनट का टाइम फ्रेम है। अभी यहां पर आप देखिए कि कहीं से भी आप देख सकते हो। मैं थोड़ा सा पीछे मैं जाता हूं डाटा, ऑलराइट, थोड़ा पीछे से मैं डाटा इस्तेमाल करता हूं ताकि आपको थोड़ा और डिटेल में यहां पर जानकारी मिल सके। अभी देखिए, यहां पर कहीं पर भी आप जाते हैं, यह यहां पर ट्रेड काफी यहां पर बना हुआ है। तो यहां पर मैं आपको बताना चाहूंगा कि किस तरीके से ट्रेड यहां पर बना हुआ है। अभी देखिए, इसमें देख सकते हो कि ये, यहां पर आप देख सकते हो कि ओवरसोल्ड जोन में आया हुआ है। ठीक है? अभी यहां पर देखिए, आपका ये जो कैंडल है, यहां पर देख सकते हो कि 1 लाख बायर है और 72,000 सेलर है। ऑलराइट? 1 लाख बायर है, 72,000 सेलर है, तो प्राइस देखिए वहां पर रुक गया। यहां पर देखिए ग्रीन बन, ग्रीन भी बना, ओके, ग्रीन भी बना, जिसमें 1 लाख आपके सेलर हैं और 58,000, सॉरी, 1,10,000 बायर हैं, 58,000 सेलर हैं, लेकिन प्राइस आप देख सकते हो आगे वापस से यहां पर नीचे आ गया। ओके? और वहां से पूरा नीचे ही आया। अभी अगर यहां पे जो सेलर यहां पर मेरा बनता, ठीक है, जिसमें मुझे दिखता कि सेलर बहुत ज्यादा है, ठीक है, मतलब डबल की क्वांटिटी की मैं बात कर रहा हूं, और बायर उसके ऊपर यहां पर क्लोज होते, ठीक

है, और बायर में मैं देखता कि क्वांटिटी मुझे ज्यादा है, और मैं वही चीज देखूंगा कि थोड़े मेरे डबल हों, डबल, ट्रिपल, थोड़े ज्यादा हों। लेकिन कहीं पर भी आप देखोगे कि बायर मेरे ना डबल हुए हैं, ना कहीं पर मेरे सेलर डबल हुए हैं, यहां मेरा ट्रेड बिल्कुल नहीं बना। ऑलराइट? बिल्कुल, बिल्कुल भी नहीं बना। अभी यहां पर आप देखिए, यहां पर अभी आगे जाके सेलिंग बनी। आप देख सकते हो कि ये ओवरसोल्ड का थोड़ा सा हिस्सा इसने टच किया, जहां पे आप देख सकते हो कि 49,000 यहां पर मुझे बायर्स हैं और 16,000 सेलर हैं। इसने ओवरबॉट को सेलेक्ट किया। आगे, आगे देखिए, वहां पर सेलर का कैंडल बना, लेकिन उसमें देख सकते हो, उसमें भी बायर ज्यादा हैं। अभी ये जो अगला कैंडल, इसने लो ब्रेक किया, उसमें मैं देख रहा हूं कि 16,000 मेरे सेलर हैं और 11,000 बायर हैं, तो ये भी कुछ खास कन्विक्शन नहीं बना कि मैं यहां पर ट्रेड ले सकूं। मेरा सिंपल कांसेप्ट ये है कि अगर ये ओवरबॉट में जाता है, जहां पे जो कैंडल, जिसमें सबसे ज्यादा बायर हैं, अगर उस कैंडल का लो जो कैंडल ब्रेक करती है जिसमें सेलर सबसे ज्यादा हों, तो वहां पे आप ट्रेड बनाएंगे। ठीक है? अगेन मैं आपको रिपीट करता हूं: ओवरबॉट जोन में जब कैंडल गई, आप देखिए बहुत सारी कैंडल जाएंगी वहां पे, जिसमें मैं ये कहूंगा कि जो ओवर, जो बायर्स हैं, उनकी क्वांटिटीज बहुत ज्यादा सेलर के मुकाबले,

तो नेक्स्ट वाली जो सेलर वहां पर बनेगी, ठीक है, तो सेलर की क्वांटिटी जो वहां पर बनेगी, अगर वहां पर उसको नीचे की ओर अगर वो ब्रेक करता है, जिसमें सेलर काफी डबल हैं, तो मेरा वो डाउन साइड की ओर उसमें अच्छा खासा ट्रेड बनता है। चलिए आगे दिखाता हूं आपको। ठीक है? अभी देखिए, इसका लो जो यहां पर ब्रेक यहां पर किया है, लेकिन उस कैंडल में कुछ खास मेरे सेलर ज्यादा नहीं हैं, तो मैं यहां पर देखूंगा कि प्राइस काफी नीचे आ गया, तो मैं यहां पर ट्रेड बिल्कुल नहीं बनाऊंगा। 24,215 है, हाई कितना है? 24,292 है। बहुत बड़ा स्टॉप लॉस हो जाएगा, रहने दीजिए। ठीक है? अभी यहां पर मैं कैंडल पे जाता हूं जो उसके लो पे ब्रेक हुई है। यहां पे देखिए, 13,000 मेरे सेलर हैं और सिर्फ 4,000 बायर हैं, तो मेरा ट्रेड यहां पर बनेगा, और एक मैं इसी के हाई पे स्टॉप लॉस रखूंगा। मैं इसके हाई पे भी स्टॉप लॉस रख सकता हूं, लेकिन मैं यहीं पर रखूंगा क्योंकि मुझे स्टॉप लॉस छोटा लग रहा है। तो यहां पर देखिए, इसका लो कौन सा, क्लोजिंग क्या है? 228, 24,228। इसका हाई कितना है? हाई है 268। तो 30 पॉइंट का स्टॉप लॉस है। तो यहां पर 30 पॉइंट का स्टॉप लॉस है। 260 से लो इसने कितना किया है, आप देख सकते हो, 158। ऑलराइट? तो मुझे ऑलमोस्ट, आप देखोगे कि 70 पॉइंट का मूव दिया है, तो 1:2 का रेशो मुझे आसानी से यहां पर इसने दे दिया। अभी इसमें देखिए, आपके सेलर ज्यादा हैं,

तो ओबवियसली यहां पर आपका कैंडल हाई ब्रेक करना चाहिए, लेकिन यहां पर ब्रेक नहीं किया, कैंडल फर्दर नीचे डाउन साइड आई हुई है। ओके? अभी यहां पर देखिए, डाउन साइड आई है, लेकिन यहां पर देखिए यह ओवरसोल्ड में गया, यहां पर कोई कैंडल ओवरसोल्ड में नहीं गई, तो यहां मेरा कोई ट्रेड बना नहीं। अभी आगे देखिए, यह देखिए, ओवरबॉट में यहां कैंडल गई। बायर देखिए 57,000 हैं, सेलर 42,000 हैं। ओके? अभी इसमें देखिए, इसमें आप देख सकते हो 40,000 सेलर हैं, 28,000 वहां पर मेरे, 28 सेलर, सेलर हैं। यहां पर देखिए बायर सेलर बराबर हैं। तो यहां पर मैं कहूंगा कि यह जो कैंडल ब्रेक की, जिसमें 25,000 सेलर हैं और 11,000 ही बायर हैं, मतलब डबल हो गया, तो यहां पर मैं ट्रेड लूंगा, और आप देख सकते हो कितने अच्छे तरीके से मुझे सिंगल कैंडल में उसने रिटर्न दिया हुआ है। ओके? तो यहां पर आप देख सकते हो कि किस तरीके से ये मुझे रिटर्न इसने दिया है। यह दो ट्रेड आपके हुए। आगे हम ट्रेड बनाते हैं, कहां पर हमारा कहीं स्टॉप लॉस हिट होता है, वो भी हम देख लेते हैं। तो यहां पर देखते हैं, बायर ज्यादा हैं, 44,000 हैं, 24,000 सेलर हैं। तो यहां पर मैं देखता हूं 26,000 हैं मेरे सेलर, ज्यादा सेलर नहीं हैं, यहां पर भी सेलर नहीं, तो यहां मेरा ट्रेड नहीं बना है। हम यहां पर देखते हैं, यह देखिए ओवरसोल्ड में यहां पर गया हुआ है, तो देखिए

28,000 बायर हैं, 10,000 सेलर हैं। बहुत अच्छी कैंडल है, मतलब बायर बहुत ज्यादा हैं, तो लोगों को ट्रैप करेगा वहां पर। अभी देखिए, आगे नेक्स्ट जो कैंडल बनी है, उसमें मैं देखता हूं 70,000 यहां पर मुझे ज्यादा दिख रहे, मतलब सेलर हैं, सेलर डोमिनेट कर रहे हैं, लेकिन मैं कहूंगा कि रेड कैंडल बनी है। तो यहां पर आप देखिए, नेक्स्ट कैंडल जो इसका लो ब्रेक की है, यहां पे देखिए 25,000 बायर हैं और 15,000 सेलर हैं। क्वांटिटी, मैं ये नहीं कहूंगा कि ऑलमोस्ट डबल है, लेकिन ज्यादा है। तो मैं ये कहूंगा कि ये अभी कैंडल बन रही है, तो यहां पर हमारा ट्रेड बन सकता है, लेकिन क्वांटिटी से मैं खुश नहीं, तो ये ट्रेड मेरा बनेगा नहीं। ऑलराइट? आगे जाके आप देख सकते हो कि यहां पर कैंडल जो है, यह ओवरसोल्ड में यहां पर गई है। ओके? जो उसने मूविंग एवरेज को इसने टच किया है, ओवरसोल्ड में भी नहीं गई, ओके, मूविंग एवरेज को टच किया है, तो ये मेरा अभी भी अपट्रेंड की ओर है। तो मूविंग एवरेज के ऊपर कैंडल बनी है, जो मैं कह रहा था कि मूविंग एवरेज को मैं ट्रेंड के लिए यूज कर रहा हूं। अपट्रेंड यहां पर देखिए चेंज हुआ है, प्राइस ऊपर गया है। ये देखिए, यहां पर सस्टेन किया, लेकिन ऊपर से नीचे आ गया। यहां देखिए, पूरा ओवरसोल्ड, ओवरबॉट में गया और सस्टेन किया, तो जाहिर सी बात है रीटेस्ट करके जाएगा। तो देखिए, रीटेस्ट में बायर देखिए 32,000 हैं, सेलर 17,000 हैं, ऑलमोस्ट डबल है, तो मेरा बाइंग यहां बनेगा, और देखिए एग्जिट यहां पर हुआ है। अभी यहां

पर आप देखिए कि यहां पर सेलिंग कैसे बनेगी। यह देखिए, यह कैंडल है जहां पे 36,000 मेरे बायर हैं और 35,000 सेलर हैं, तो ऑलमोस्ट बराबर है। उसके पीछे-पीछे जो कैंडल है, वो देखते हैं, तो उसमें 55,000 मेरे बायर हैं। ठीक है? कुछ खास नहीं है, सेलर उसमें कुछ चेंजेज नहीं आए हुए हैं। यहां पर देखते हैं, तो 97,000 यहां पर मुझे बायर दिख रहे हैं। ऑलराइट? तो यहां पर आप देख सकते हो कि बायर यहां पर बहुत ज्यादा हैं, हर एक कैंडल पे बायर आपको ज्यादा दिख रहे, इसकी वजह से देखो कि प्राइस कितना यहां पर सस्टेन कर रहा है। तो डाटा को रीड करिए, चार्ट को रीड करिए, आपको क्लियर यहां पर पैटर्न मालूम पड़ जाएगा कि डाटा किस तरीके से काम कर रहा है। आगे देखिए, यहां पर इसी जो, इसी जो कैंडल यहां पर देखिए सस्टेन कर रहा है, और मैं देख रहा हूं कि सेलर कहां पर डबल हैं। कहीं पर भी डबल नहीं आया। सेलर मेरे डबल कहां पर आ रहे हैं? यहां पर मैं आगे देखता हूं, यह देखिए, यहां पर 19,000 मुझे सेलर हैं, यहां पर भी मैं देख सकता हूं कि 8,000 मेरे यहां पर सेलर हैं, तो कहीं पर मैं, यहां पर देखो, 8,000 है, 3,000 बायर हैं, तो यहां पर मुझे थोड़ा कन्विक्शन दिख रहा है। तो यहां पर एक छोटा सा ट्रेड मेरा बना हुआ है, लेकिन इतना सारा डाटा यहां पर मुझे हमेशा बुलिश ही बता रहा है, तो मैं कहूंगा कि यहां पर भी हमारा ट्रेड नहीं बनता है। अभी पीछे चार्ट है तो पीछे रीड करना आसान होता है, लाइव में थोड़ा डिफिकल्ट होता है, तो मैं लाइव के हिसाब से सोच रहा हूं, मेरा

ट्रेड यहां पर नहीं बनेगा। ओके? अभी आगे देखिए, ट्रेड मेरा यहां पर कैसे बना है। ये देखिए, इसमें, जैसे मैंने कहा कि आपके किसी में सेलर ज्यादा होने चाहिए, तो सेलर देख के 16,000 हैं और बायर 6,000 हैं। आगे देखिए, इसी कैंडल का जो हाई ब्रेक किया है, जिसमें मेरे बायर ज्यादा हैं, ठीक है, बायर मेरे 9,000 हैं यहां पर, आगे देखिए, और 3,000 सेलर हैं। इसमें देखिए मेरा बायर और बायर, और वो दोनों बराबर ही हैं, तो फिर भी मैं देखूंगा कि यहां से जो बुलिश बना है कि मुझे बायर, मुझे यहां पर थोड़े ज्यादा मिल रहे हैं। तो यहां आप देख सकते हो कि यहां से पूरा बुलिश पैटर्न बना हुआ है। तो अगर मैं यहां पर ट्रेड नहीं लेता हूं, क्योंकि यहां पर ज्यादा मूव किया नहीं, क्योंकि बायर आपके ज्यादा डबल हुए नहीं। बायर आप देख सकते हो डबल आपके यहां पर हो रहे हैं, क्योंकि यहां पर आप देख सकते हो सेलर थोड़े से बढ़ गए, और इसमें आप देख सकते हो कि बायर आपको, क्वांटिटी थोड़ी अच्छी मिल रही है। यहां पर बायर देखो धीरे-धीरे हावी हो रहे हैं, तो यहां पर आपको एक मूव यहां पर मिला हुआ है। अगेन देखिए, अब ये जो ट्रेड है, मैं ये कहूंगा कि थोड़ी बायर और सेलर में फाइट थोड़ी ज्यादा हुई थी, तो नहीं मिला। यहां पर देखते हैं, ये देखिए, ये आपके यहां पर सेलर आप देख सकते हो कि 20,000 हैं। इसमें भी देखिए सेलर आपके कितने? 28,000 हैं, 14,000 मेरे बायर हैं, तो सेलर डबल हैं। इसी कैंडल का देखिए हाई पे ब्रेक किया है, जिसमें 12,000 बायर हैं और 3,800 सेलर हैं, तो ये देख सकते हो, इस कैंडल पे मेरा ट्रेड बनेगा और

यहां पर देख सकते हो, यहां पर मेरा एग्जिट बनेगा। वो जो कैंडल है, बायर देखिए 84,000 हैं, बायर ज्यादा हैं, 55, 59,000 सेलर हैं। नेक्स्ट कैंडल देखिए जो बनी है, उसमें देखते हैं 29,000 मेरे सेलर हैं। ठीक है? कुछ खास नहीं है, और इंट्राडे के तौर पर मुझे कुछ खास मूव भी नहीं दिया है। आगे हम देखेंगे। यहां पर देखिए, यह जो कैंडल बनी है, इसमें आप क्लियर देख सकते हो कि जो सेलर हैं, 40,000 हैं, 21,000 बायर हैं। ये कैंडल देख के, जो हाई ब्रेक की है, 45,000 मेरे बायर हैं, 0000 मेरे सेलर हैं। तो जहां पे बायर कन्विक्शन के साथ, आप देख सकते हो, ट्रेड बना है, इसने बहुत अच्छा ट्रेड इसने दिया हुआ है। तो आप इस तरीके से, जो ओवरबॉट या ओवरसोल्ड जोन है, वहां डाटा को रीड कीजिए। देखिए बायर किस तरीके से बढ़ रहे हैं और सेलर किस तरीके से घट रहे हैं। और जो मैंने आपको पैटर्न बताया कि ओवरसोल्ड में ये देखिए कि जो सेलर वाली कैंडल है, जिसमें सेलर ज्यादा हैं, अगर उसका हाई बायर वाली कैंडल ब्रेक करती, जहां पे बायर ज्यादा डोमिनेट कर रहे हैं, तो वहां से अपट्रेंड मिलने के चांसेस हैं। ठीक है? और सिमिलरली, ऊपर वाले में जाता है, तो जहां पर आप देखिए कि बायर की कैंडल सबसे ज्यादा होनी चाहिए, उसको अगर सेलर वाली कैंडल अगर नीचे ब्रेक करती, जिसमें सेलर इनिशिएटिव ज्यादा होनी चाहिए, तभी जाके आपका ट्रेड बनेगा। इससे ये होगा कि आपके मल्टीपल ट्रेड्स नहीं बनेंगे। यहां देखिए, एक ट्रेड

यहां बना हुआ है। ये ट्रेड हमारा नहीं बना है, यहां बना हुआ है। इसके पहले मैं देखूंगा कि एक ट्रेड यहां बना हुआ है, बाकी कहीं पर ट्रेड नहीं बना हुआ है। उसके पहले-पहले आप देख सकते हो कि ट्रेड मेरा जो है, यहां पर बना है, इसके बीच में ट्रेड नहीं बना है। तो आप देख सकते हो कि जो मेरा ट्रेड है, दिन में एक ही, दो ट्रेड आ रहे हैं, लेकिन अच्छे ट्रेड आ रहे हैं। ऑलराइट? तो ये था हमारा एक बेस्ट इंडिकेटर के ऊपर सेशन। आपने देखा कि इंडिकेटर को यूज करके, साथ ही मैंने डाटा को यूज करके किस तरीके से यहां पर मैंने ट्रेड लिया, मैंने ट्रेंड को आइडेंटिफाई किया। आई होप आपको ये सेशन पसंद आया होगा, तो प्लीज इस वीडियो को लाइक एंड शेयर कीजिएगा। मैं धर्मेंद्र राज, आपका धन्यवाद।

SPEAKERDharmendra RajbharTrainer

PGDM in finance, having 5+ experience in Equity, commodities , forex analysis and trading.

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