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Built-up aur Index Contribution se Stock Kaise Chune (Hindi)

Intermediate·Hindi·18 min·1.1K views·2 years ago

Traders often stack many indicators without a clear process. This lesson first covers what to check in any indicator: the time frame it works on, its strike ratio, the risk-reward it gives, its settings and the data behind it.

It then shows two free Quantsapp tools used together. Futures Built-up reads OI and price to label long build-up, short build-up, short covering and long unwinding for indices and stocks, giving the broad direction.

Index Contribution then shows which stocks are pushing Nifty or BankNifty in that direction. The trainer opens 5-minute charts of a few of these stocks to show waiting for a fresh swing or support instead of entering on a long candle.

What you’ll learn

✓What to check in any indicator: time frame, strike ratio, risk-reward, settings and data
✓Reading long build-up, short build-up, short covering and long unwinding from OI and price
✓Using Futures Built-up to judge the direction of Nifty, BankNifty and stocks
✓Using Index Contribution to find the stocks driving the index move
✓Waiting for a swing or support rather than entering on a long candle
Transcript

हेलो एवरीवन, वेलकम टू Quantsapp. मेरा नाम धर्मेंद्र राजभर है। आज हम बात करेंगे नए ट्रेडर्स के बारे में और पुराने जो एक्सपीरियंस्ड ट्रेडर्स हैं उनके बारे में बात करेंगे कि कैसे हम इंडिकेटर्स को यूज़ करके अपनी ट्रेडिंग को और भी आसान बना सकते हैं। तो सबसे ज़्यादा सवाल यह होता है कि हमें कितने इंडिकेटर यूज़ करने चाहिए, कौन से इंडिकेटर यूज़ करने चाहिए। ठीक है? बाज़ार में तो आपको बहुत सारे इंडिकेटर्स मिलेंगे, ठीक है, बहुत सारे इंडिकेटर्स मिलेंगे, जिसके बलबूते पर आप ट्रेडिंग कर सकते हो। ठीक है? जैसे मैं यह कहूं कि बाज़ार में आपको Supertrend आपको मिलेगा, ठीक है, Supertrend है, RSI है, ठीक है, बोलिंजर बैंड है, ठीक है, बोलिंजर बैंड मैं कहूंगा, ठीक है। पिवट, पिवट स्टैंडर्ड का भी एक इंडिकेटर है, ठीक है, और भी बहुत सारे इंडिकेटर्स हैं जो हमें उसमें मिलते हैं। ऑलराइट, ADX, ADX आता है, ATR आता है, बहुत सारे इंडिकेटर्स हैं। ठीक है? तो सवाल ये होता है कि हमें कितने इंडिकेटर्स लगाने चाहिए। हाउ मेनी? ठीक है? कितने इंडिकेटर्स लगाने चाहिए, हाउ मेनी इंडिकेटर्स, ठीक है, इंडिकेटर्स लगाने चाहिए, ठीक है, कि मेरा

जो ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी है वो थोड़ा और अच्छा इंप्रूव हो जाए, ठीक है, और भी अच्छे से इंप्रूव हो जाए। मतलब अभी तक मैं जितना मैं बना रहा था, जितना मैं कर रहा था, वो थोड़ा सा और अच्छे से इंप्रूव हो जाए। और मुझे यह भी देखना पड़ता है कि उसकी कॉस्टिंग कितनी है, ठीक है, कॉस्टिंग कितनी है। कभी-कभी ऐसा होता है, कुछ इंडिकेटर जिसकी ज़ीरो कॉस्टिंग है और हमें उसमें बहुत ही अच्छा सेटअप मिल जाता है, जिसमें मैं कुछ परसेंटेज में कमा सकता हूं, ठीक है, कुछ परसेंटेज में कमा सकता हूं। तो मैं यहां पर वो बात करने वाला हूं कि हम दो इंडिकेटर यूज़ करेंगे जिनकी कॉस्टिंग ज़ीरो है, ठीक है, और आपकी जो स्ट्रेटजी, जो आप यूज़ कर रहे हो, जो आपकी ट्रेडिंग जर्नी है, उसको बहुत ही अच्छे से वो ऑप्टिमाइज़ कर सकते हैं। ठीक है? तो पहले मैं बात करूंगा यहां पर, पहले हम देखते हैं कि लोग गलती क्या करते हैं। यह वीडियो खास करके उनके लिए है जो नए ट्रेडर्स हैं, और जो ट्रेडिंग ऑलरेडी कर रहे हैं लेकिन अलग-अलग इंडिकेटर्स यूज़ करके वह एक डिसीजन नहीं बना पा रहे हैं कि मुझे कौन सा इंडिकेटर लेना चाहिए, जिनका कुछ खास प्रॉफिट हो नहीं रहा है, या फिर लॉस, लॉस बहुत ज़्यादा हो रहा है, या फिर मैं यह भी कहूंगा कि उनको ट्रेडिंग जम ही नहीं रही है, उनको लग रहा है कि हमारे लिए यह नहीं है। तो खास करके उन लोगों के लिए, ठीक है। तो अगर मैं बात करूं कि इंडिकेटर्स जितने भी सारे यूज़ करते हैं, ठीक है, तो पहले आप इंडिकेटर जो भी यूज़ करते हैं, जो

भी इंडिकेटर्स आप लगाते हो, ठीक है, इंडिकेटर्स, तो इंडिकेटर्स की खासियत क्या होती है कि आप टाइम फ्रेम देखिए, ठीक है, उसका टाइम फ्रेम, कौन से टाइम फ्रेम में वो अच्छा काम करेगा। ठीक है? फिर उसके बाद उस टाइम फ्रेम में आपको स्ट्राइक रेशो देखना पड़ता है। स्ट्राइक रेशो क्या है? ठीक है, स्ट्राइक रेशो तो आप देख रहे हो, उसके साथ-साथ आपको सेटिंग्स देखनी पड़ती हैं, उसमें क्या-क्या सेटिंग्स हैं। कैलकुलेशंस, उसके अंदर कुछ कैलकुलेशंस होते हैं, डेटा कैलकुलेशन, उसकी वजह से वो इंडिकेटर बनता है। ठीक है? यह सारे फैक्टर्स हैं। किसी भी इंडिकेटर को आप पकड़ोगे, उस इंडिकेटर के पीछे यह सारी चीज़ें होती हैं। ठीक है? तो टाइम फ्रेम जो हम लोग यूज़ करते हैं, वो चाहे 1 मिनट हो, 3, 5, 15, ठीक है, तो हम यह देखेंगे कि कौन से टाइम फ्रेम में वो अच्छा काम करता है ताकि मुझे एक अच्छा ट्रेड मिल सके। ठीक है? टाइम फ्रेम बहुत इंपॉर्टेंट होता है। इसके ऊपर मैंने एक वीडियो भी बनाया है कि टाइम फ्रेम क्यों इतना इंपॉर्टेंट है, वो आप देख सकते हो। ठीक है? तो टाइम फ्रेम मुझे इसमें चेक करना पड़ता है, कोई भी इंडिकेटर मैं लगाऊंगा। ऑलराइट, फिर स्ट्राइक रेशो होता है, ठीक है, कि मतलब अगर मैं 10 ट्रेड ले रहा हूं महीने भर में, तो 10 में से मेरा कितना सक्सेस जा रहा है और कितना मेरा लॉस जा रहा है। ठीक है? तो अगर मैं बात करूं सक्सेस

की, ठीक है, तो जैसे मान लीजिए 60-40 भी अगर है, कि मतलब 60 ट्रेड प्रॉफिटेबल हैं, 40, मतलब 60% प्रॉफिटेबल, 40% लॉस है, या फिर मैं ये कहूंगा कि 70% अगर जा रहा है और 30% लॉस हो रहा है, तो ये एवरेज इतना, ऐसा होना चाहिए। ठीक है? तो यह आप स्ट्राइक रेशो सेलेक्ट कीजिए। अगर स्ट्राइक रेशो ऐसा सेलेक्ट कर रहे हो, तो उसमें एक चीज़ आपको ज़रूर ध्यान देनी है कि आपका रिस्क-रिवॉर्ड रेशो, आपका कितना RR, आपका कितना है। अगर RR आपका बराबर नहीं है तो यह कोई भी आपका स्ट्राइक रेशो बराबर काम नहीं करेगा, आपका स्टडीज़ फेल होगा। ठीक, ठीक है? RR हमें वहां पर बिल्कुल चेक करना है कि रिस्क-रिवॉर्ड रेशो मेरा कितना है। ठीक है? फिर हमें कुछ सेटिंग्स चेंज करनी पड़ती हैं, क्योंकि यह जो रिस्क-रिवॉर्ड जो आपको आ रहा है, यह सेटिंग्स की बदौलत ही आएगा। ठीक है? सेटिंग्स को मुझे चेंज करना पड़ता है, क्योंकि कई बार आप देखोगे, सेटिंग्स लगाने पे हमें रिस्क-रिवॉर्ड है ना, जो चेंज हो जाता है, इवन एंट्री और एग्ज़िट भी चेंज हो जाता है। जैसे मैं सबसे बेस्ट एग्ज़ाम्पल में बताता हूं, जो मूविंग एवरेज यूज़ करते हैं, ठीक है, मूविंग एवरेज में आप देखोगे, जो EMA लगा रहे हैं, SMA लगा रहे हैं, फिर उसके बाद उसमें आप देखोगे कि डिफ़ॉल्ट यूज़ कर रहे हैं, क्लोज़ यूज़ कर रहे हैं, ओपन-क्लोज़,

ओपन यूज़ कर रहे हैं, वो सारी सेटिंग्स हम यूज़ करते हैं, जिसकी वजह से आप ये देखोगे कि स्ट्राइक रेशो डेफिनेटली चेंज होता है। ठीक है? और आप ये भी देखोगे कि रिस्क-रिवॉर्ड जो है, स्ट्राइक रेशो तो चेंज हो रहा है, आप ये देखोगे कि एंट्री और एग्ज़िट भी चेंज होती है कई बार, आप देखोगे। ठीक है? और इन सबके साथ हम ये भी देखेंगे कि हमारा टाइम फ्रेम क्या है, टाइम फ्रेम के मुताबिक मुझे वहां पर क्या चेंजेज़ मिल रहे हैं। ऑलराइट, तो हमने यह देख लिया, ठीक है, कि सेटिंग जो है वो चेंज करने के बाद ही हमको यह रिस्क-रिवॉर्ड चेंज हो सकता है। अभी इसके पीछे जो कैलकुलेशंस होते हैं, जो कि सबसे इंपॉर्टेंट है, वह है डेटा। ठीक है? कि जो इंडिकेटर यूज़ कर रहे हैं वह क्या डेटा ले रहा है, वो ज़्यादा इंपॉर्टेंट होता है। तभी हमें वो जाके एक सटीक, हम कहेंगे, एक सटीक वहां पर निशाना हमें दे सकता है, एक सटीक एग्ज़ीक्यूशन दे सकता है कि यहां पर मुझे ट्रेड मिल जाना चाहिए, यहां पर मुझे एग्ज़िट हो जाना चाहिए। ठीक है? तो जब मैं डेटा की बात करूं, अगर मैं डेटाबेस पे अगर कोई इंडिकेटर करता हूं, तो ये तो हो गया आपका डेटा और टेक्निकल। ठीक है? तो मैं ये कहूंगा कि कुछ डेटाबेस पे मुझे इंडिकेटर्स मिल जाएं और मैं एक सिंपल टेक्निकल यूज़ करूं अपने चार्ट में। सिंपल टेक्निकल की मैं बात कर रहा हूं, तो नॉर्मली चार्ट पैटर्न, वो आपको हर एक जगह मिलेगा, जो आप सपोर्ट-रेज़िस्टेंस बना सकते हो,

या फिर मैं यह बात करूं कि कोई आपने कैंडलस्टिक पैटर्न यूज़ किया, वो यूज़ करके, सिंपल दो इंडिकेटर यूज़ करके कैसे आप उसमें बना सकते हो। ठीक है? तो जो सिंपल इंडिकेटर्स हैं, जैसे मैं Quantsapp टूल की मैं बात कर रहा हूं, तो Quantsapp एप्लीकेशन में मेरे जो सिंपल दो इंडिकेटर आपको मिलेंगे, जो टोटली फ्री हैं, जो आप यूज़ करेंगे तो आपको बहुत अच्छा ट्रेड मिल सकता है। ठीक है? अगर आपने Quantsapp एप्लीकेशन में लॉगइन किया है तो इस तरीके का आपको इंटरफ़ेस आएगा। ठीक है? यहां पर आपको बहुत सारे ऑप्शंस हैं, यही ऑप्शंस में वो आपको मिलेंगे। ठीक है? तो अगर मैं यहां पे Track, Analyse, Scan, सब में जाके आपको एक-एक टूल है, आपको दिखेगा। ठीक है? लेकिन जो मैं फ्री वाला बता रहा हूं, सबसे पहले आप Track में जाएंगे तो आपको ये बिल्ट-अप वाला आपको टूल फ्री मिलेगा। ठीक है? तो बिल्ट-अप वाला जो टूल है, आप ये देखोगे, तो बिल्ट-अप स्क्रिप्ट सिंबल जो है, मैं इसको यहां पर ओपन करूंगा, तो मुझे यह फ्यूचर का डेटा यहां पर मिल रहा है। ठीक है? फ्यूचर के डेटा से मैं यह देखूंगा कि जो मैं इंट्राडे के बेस पर, मुझे उस पर्टिकुलर स्क्रिप्ट में फिलहाल क्या कंडीशन बनी हुई है, मुझे वो पता चल जाएगा। ठीक है? फिलहाल क्या कंडीशन बनी हुई है, मुझे वो पता चल जाएगा, जो यहां पर क्लियरली आपको दिख रहा है। ठीक है? तो अगर मैं यहां पे बात करूं फ्यूचर डेटा की, तो

फ्यूचर डेटा से आपको क्या मालूम पड़ेगा कि एक ब्रॉडर वे में पर्टिकुलर स्टॉक का डायरेक्शन किस तरफ हो सकता है, या फिर मैं इंडेक्सेस की बात करूं तो इंडेक्सेस का डायरेक्शन किस तरफ हो सकता है, मुझे वो पता चलेगा। ठीक है? तो जैसे मैं इंडेक्सेस की मैं बात कर रहा हूं, ठीक है, और उसमें मैं फ्यूचर डेटा को यूज़ कर रहा हूं, तो फ्यूचर डेटा में जनरली मैं क्या देखूंगा? फ्यूचर बिल्ड देखूंगा, ठीक है, फ्यूचर बिल्ट-अप देखूंगा, और साथ-साथ में मैं प्राइस को भी देखूंगा। ठीक है? OI बिल्ट-अप है और प्राइस बिल्ट-अप है। ठीक है? यहां पर मैं प्राइस लिख देता हूं ढंग से, ठीक है, प्राइस। ऑलराइट, तो अभी यह देखिए कि जैसे ही आप उस पेज को ओपन करेंगे, तो आपको फ्यूचर डेटा में दिखाएगा कि OI बढ़ता है और घटता रहता है, प्राइस भी बढ़ रहा है और घट रहा है। ठीक है? तो मैं क्या करूंगा, यहां पर चेक करूंगा। तो अगर OI आपका बढ़ रहा है, OI आपका बढ़ रहा है और साथ में प्राइस भी आपका बढ़ रहा है, तो ये क्या इंडिकेट करेगा? कि आपका वहां पर लॉन्ग बिल्ट-अप है। ठीक है? तो इंडिकेट कर रहा है कि जो पर्टिकुलर स्टॉक है, यह अपट्रेंड में रह सकता है, यह पूरे तरीके से लॉन्ग बिल्ट-अप है। ठीक है? इंडिकेट कर रहा है कि लॉन्ग बिल्ट-अप है इसमें। तो मैं क्या करूंगा? अगर इंडेक्सेस में लॉन्ग बिल्ट-अप दिखा रहा है,

तो मैं देखूंगा कि कौन-कौन से स्टॉक्स फॉलो कर रहे, वो बिल्ट-अप में, लॉन्ग बिल्ट-अप में, मैं उनको पिक अप करूंगा। ठीक, ठीक है? उसमें भी मैं देखूंगा कि उसमें स्टॉक को कैसे फ़िल्टर करेंगे। ठीक है? तो यहां पर देखिए, लॉन्ग बिल्ट-अप है। अभी यहीं पर अगर OI गिर रहा है और प्राइस भी साथ में गिर रहा है, तो ये कंडीशन आपको बताएगी लॉन्ग अनवाइंडिंग की। ठीक है? लॉन्ग बिल्ट-अप, लॉन्ग अनवाइंडिंग, दोनों ही बुलिश सिनेरियो हैं। ठीक है? अगर आपको दिखता है वहां पर बिल्ट-अप के सिंबल में, मतलब लॉन्ग बिल्ट-अप है। ओके, अगर यहां पे अभी हम जाते हैं दूसरी कंडीशन में, अगर यहां पे OI बढ़ रहा है लेकिन प्राइस नीचे गिर रहा है, ठीक है, ध्यान से देखिए, OI इंक्रीज़ हो रहा है, प्राइस गिर रहा है, तो ये आपको क्या कंडीशन बता रहा है? यहां पे शॉर्ट कवरिंग है। यहां पे क्या बता रहा है? शॉर्ट कवरिंग है। ऑलराइट, OI इंक्रीज़ हो रहा है, प्राइस गिर रहा है, शॉर्ट कवरिंग, मतलब स्टॉक नीचे जा रहा है या फिर इंडेक्सेस नीचे जा रहा है। ठीक है? यहीं पर अगर OI नीचे गिर रहा है और जो प्राइस है वह थोड़ा सा बढ़ रहा है, तो ये क्या इंडिकेट कर रहा है? कि आपका शॉर्ट कवरिंग है। आई एम सॉरी, यहां

पर शॉर्ट कवरिंग लिखा मैंने, यह शॉर्ट बिल्ट-अप है, ठीक है, और यह शॉर्ट कवरिंग है। तो OI बढ़ रहा है, प्राइस नीचे गिर रहा, शॉर्ट बिल्ट-अप; OI नीचे गिर रहा, प्राइस थोड़ा सा ऊपर जा रहा, शॉर्ट कवरिंग। ठीक है? तो ये आपका बुलिश का सिनेरियो है, यह आपका बेयरिश का सिनेरियो है। ठीक है? तो कंडीशन यह हो गई। अभी यहां पर क्या करूंगा? मैं देखूंगा कि स्टॉक्स, अगर मुझे यह वाली कंडीशन दिख रही है, ठीक है, तो जो स्टॉक्स बुलिश में हैं मैं उनको ही पकड़ूं। ठीक है? अगर मुझे यह स्टॉक दिख रहा है, तो जो स्टॉक बेयरिश में, ठीक है, बेयरिश कंडीशन में, तो मैं उनको अप करूंगा। ठीक है? सिंपल है, आपको एक फ्री टूल मिल गया जिसमें आपको बुलिश, बेयरिश दिखा रहा है, सामने आपको दिखाएगा। ठीक है? तो ये मेरा Nifty, BankNifty बुलिश में है, तो ये सारे स्टॉक जो बुलिश में हैं मैं इनको पकड़ सकता हूं। राइट? तो यहां पर अगर मैं देखूंगा लॉन्ग बि-, लॉन्ग बिल्ट-अप, तो सारे लॉन्ग वाले स्टॉक्स मुझे मिल गए। ठीक है? सारे लॉन्ग वाले स्टॉक्स मुझे मिल गए कि ये सारे स्टॉक बुलिश में हैं, मैं इनमें ट्रेड बना सकता हूं। आप देख सकते हो कि उसमें क्या-क्या चेंजेज़ आए हैं। ठीक है? अभी मुझे

ये देखना है कि मैंने मॉर्निंग में देखा, ठीक है, 9:15 बजे मार्केट ओपन होता है, मैंने 9:30 बजे तक देखा कि इसमें अभी भी लॉन्ग, बुलिश है। ठीक है? तो मैं देख रहा हूं कि Nifty जो है पूरी तरीके से बुलिश ट्रेंड में है, ठीक है, ऑलरेडी। तो Nifty को फॉलो करने के लिए बहुत सारे स्टॉक्स हैं। ठीक है? अभी मुझे यह देखना है, स्टॉक को फ़िल्टर करने के लिए, बहुत सारे स्टॉक्स हैं, सारे स्टॉक्स तो नहीं ले सकता हूं, तो मुझे मेजर स्टॉक देखना, जो सबसे ज़्यादा कंट्रीब्यूट कर रहा है उसके बुलिश में। ठीक है? कि कोई भी स्टॉक है, वो ज़्यादा Nifty को कंट्रीब्यूट कर रहा है अपवर्ड मूवमेंट में, तो मैं वैसे स्टॉक को पिक अप करूंगा। तो वैसे स्टॉक को जानने के लिए हम जाएंगे Track में और Index Contribution पर क्लिक करेंगे। यह आपको जो पेज ओपन होगा, यहां पर आपको बताया जाएगा कि कौन सा जो पर्टिकुलर स्टॉक है वो ज़्यादा कंट्रीब्यूट कर रहा है, इंडेक्स, जो इंडेक्स को ऊपर की ओर मूव करने में। ठीक है? क्लियर आपको दिखाएगा। अगर वहां पे Nifty, BankNifty बुलिश में है, यहां पर आइए, BankNifty या Nifty सेलेक्ट करिए, जो बुलिश वाले स्टॉक्स हैं वो आपको यहां पर दिखेंगे, जो सबसे ज़्यादा कंट्रीब्यूट कर रहा है वो भी आपको यहां पर दिखेंगे। जैसे यहां पर इंफोसिस है, भारती एयरटेल है, आप किसी को भी पिक अप कर सकते हो और उसमें एक पर्टिकुलर ट्रेड बना सकते हो। अभी

इसमें ट्रेड बनाने का भी एक ज़रिया है, ठीक है, एक ट्रेड बनाने का भी ज़रिया है, वो मैं आपको बता देता हूं। ठीक है? मान लीजिए मैंने भारती एयरटेल में मैंने ट्रेड बनाया। ठीक है? मैं उसका चार्ट ओपन करता हूं, उसके बगल में चार्ट का ऑप्शन था। ठीक है? तो यहां पर देखिए, दो तरीके से मेरा यहां पर ट्रेड बन सकता है। ऑलराइट, यहां पर दो तरीके से ट्रेड बन सकता है। ठीक है? यहां पर देखिए, ऑलराइट, तो यह 26 है, ठीक है, आज 5 मिनट का मैं चार्ट ले रहा हूं। ऑलराइट, 5 मिनट का मैंने चार्ट लिया, तो मैंने क्या देखा कि मॉर्निंग में 9:30 तक मैं यहां पर देख रहा हूं कि यह पूरी एक लंबी कैंडल बनी है। ठीक है? लंबी कैंडल बनी है। यहां पर मुझे ट्रेड इसको बनाना चाहिए कि नहीं बनाना चाहिए, वो मैं सोचूंगा यहां पर। राइट? तो मैं क्या करूंगा? यहां पर मैं ये करूंगा कि मैं वेट करूंगा। इतनी लंबी कैंडल है तो इसमें मेरा स्टॉप लॉस बड़ा हो जाएगा, उतना बड़ा स्टॉप लॉस नहीं लेना है, तो मैं वेट करूंगा कि लेटेस्ट स्विंग बने। अगर लेटेस्ट स्विंग बनता है तब मैं ट्रेड लेता हूं, या फिर मैं क्या करूंगा कि अगर वो सपोर्ट के पास है तब जाकर भी मैं ट्रेड बना सकता हूं। ठीक है? बेस्ट एग्ज़ाम्पल इसमें मैं दिखा देता हूं आपको, कि अगर मैं इसमें ट्रेड बनाता हूं,

ठीक है, यहां पर आप पूरा कैंडल का मूव देख सकते हो। यहां पर इसने लेटेस्ट स्विंग यहां बनाया, यह कैंडल ऊपर की तरफ मूव कर रही है, तो अगर मैं यहां पर ट्रेड लेता हूं या यहां पर भी ट्रेड लेता हूं, तो यह मेरा SL होगा। ठीक है? और इसी के मुताबिक मैं अपना प्रॉफिट रखूंगा। आप देख सकते हो कैसा एकतरफा मूव इसने दिया है। खैर, यह तो पूरा एंड ऑफ द डे तक दिया। अगर इंट्राडे में भी मैं बोलूं तो यहां तक भी मुझे जो टारगेट दिया वो काफी अच्छा दिया है। ठीक है? एक तरीका यह होता है, जब-जब भी ऐसी लंबी कैंडल आपकी बनती है, उस लंबी कैंडल पर ट्रेड बिल्कुल नहीं लेना चाहिए, क्योंकि आपका स्टॉप लॉस बड़ा हो जाएगा। ठीक है? सिंपल है, वेट करिए, थोड़ा सा स्विंग बनाने दीजिए, आप आगे जाके ट्रेड ले सकते हो। ये लेटेस्ट जो स्विंग है इस पे SL लगा दीजिए और आपको वहां पर एक अच्छा ट्रेड मिल जाएगा। ठीक है? दूसरा वाला देखते हैं। ठीक है? बाकी स्टॉक्स भी हैं, जस्ट अ मिनट। बाकी स्टॉक्स के लिए हम क्या करेंगे? वापस से जाते हैं Track में, Index Contribution, कोई भी पिक अप, रैंडमली मैं इसमें पिक अप कर सकता हूं। ITC है, L&T है, कोई भी स्टॉक है, M&M फांस है, तो मैं, सॉरी, M&M।

आप देख सकते हो, मैं यहां पर ट्रेड बना सकता हूं। यह पिछले दिन का क्लोज़िंग था, इसके ऊपर बंद हो रहा है। यह एक हाई बनाया था पिछले दिन का, यहां पर बंद हो रहा है, तो मेरा एक बहुत अच्छा यहां पर रेज़िस्टेंस बन रहा है, जिसको ब्रेक करके अच्छा ट्रेड मिला, और देखिए रेज़िस्टेंस आगे भी कंटिन्यू हुआ है। तो अगर मैं यहां पर ट्रेड नहीं बनाता हूं, तो मैं यहां पर ट्रेड बना सकता हूं, क्योंकि मेरा SL छोटा होगा, और इसके ऊपर जाने पे मेरा यहां तक, मुझे एक अच्छा टारगेट यहां पर मिल गया है, क्लियर आप देख सकते हो। ठीक है? तो मैंने बिल्ट-अप को यूज़ किया। बिल्ट-अप यूज़ करने से मुझे क्या मालूम पड़ रहा है? कि बाज़ार का मूव क्या, बाज़ार का फिलहाल रंग क्या है। ठीक है? बाज़ार क्या कहना चाह रहा है, बुलिश है, बेयरिश है, क्या कहना चाह रहा है, वो मुझे बता रहा है। उसके मुताबिक मैं Index Contribution में देखूंगा कि कौन सा स्टॉक बाज़ार को उस पर्टिकुलर डायरेक्शन में ले जा रहा है। स्टार्टिंग से मत लीजिए, ठीक है, पहले बाज़ार को एक डायरेक्शन लेने दीजिए। ठीक है? जैसे आप स्टार्टिंग में देखें, Nifty ऑलरेडी डायरेक्शन में हो गया। Nifty तो डायरेक्शन में, कैच करना बहुत आसान है। आपको स्टॉक मिल जाएगा, जो स्टॉक कंट्रीब्यूट कर रहा है हायर, जो ऊपर वाला लेवल है, वो स्टॉक को पिक अप करिए, उसमें एक अच्छा ट्रेड आप आसानी से बना सकते हो। दोनों ही टूल फ्री हैं, बिल्ट-अप स्क्रिप्ट सिंबल भी और Index Contribution भी। तो इस तरीके से आप एक

अच्छा ट्रेड इसमें बना सकते हो, जो मैंने आपको दिखाया। ऑलराइट, सो आप कई, कई स्टॉक जो हैं, वो यहां पर नीचे-नीचे भी घूम रहे हैं, वो स्टॉक आपके लिए और अच्छा है क्योंकि वो सपोर्ट पर घूम रहा है। ठीक है? वो आपको बहुत अच्छे प्राइस पे देगा और बहुत ऊपर जा सकता है। ठीक है? तो यहां पर Track में जाकर मैंने Index Contribution देखा है। कोई भी स्टॉक हम ले सकते हैं, हम HCL Tech को लेते हैं कि HCL Tech ने क्या मूव किया है। तो HCL Tech को देखिए, ये तो पूरा गैप-अप ओपन किया है। ठीक है? तो बहुत सारे स्टॉक आपको ऐसे मिल जाएंगे जो आपको एक आसानी से ट्रेड इसमें दे सकते हैं। ठीक है? तो ये हमने देखा कि कैसे मैं दो इंडिकेटर को यूज़ करके, जो भी फ्री ऑफ कॉस्ट हैं, ज़ीरो कॉस्ट हैं, कैसे मैं अपनी ट्रेडिंग जर्नी को इंप्रूव कर सकता हूं, कैसे मैं एक पर्टिकुलर सिंपल स्ट्रेटजी लगा के उसमें एक अच्छा ट्रेड बना सकता हूं। ठीक है? सो, और भी ऐसे जानकारीपूर्ण वीडियो जानने के लिए Quantsapp से जुड़े रहिए। मैं धर्मेंद्र राजभर, आपका धन्यवाद।

SPEAKERDharmendra RajbharTrainer

PGDM in finance, having 5+ experience in Equity, commodities , forex analysis and trading.

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