Trap Indicator se Next Day Trading Setup (Hindi)
Option writers usually sell OTM strikes for time decay. When a stock moves through several of those strikes, call writers or put writers get trapped and may unwind, which can push the move further. This lesson explains both signals: a call writer trap is bullish, a put writer trap is bearish.
The speaker then opens the Trap Indicator in Quantsapp's Trading section, explains the probable buy and probable sell signals for a date, and confirms each stock with futures build-up in the Track section: long build-up with price holding above it for bullish, short build-up for bearish.
His rules: no trade on the signal day, analyse after the close, and enter next day only if the stock opens near the previous close, not more than about 1% away. Trades can be booked intraday or carried as positional trades.
In this video
- 0:00Intro: Trap Indicator se next day trade
- 0:51Call writer trap aur put writer trap
- 3:25Put writer trap: bearish signal
- 4:41Futures build-up se confirmation
- 5:57App mein Trap Indicator signals
- 7:13Entry rules: opening vs closing price
- 8:29Built-up check: UPL example
- 9:46Intraday booking aur live signals
- 12:18Rules ka recap
What you’ll learn
Read and practise
Transcript
हेलो एवरीवन, वेलकम टू Quantsapp। माय नेम इज़ धर्मेंद्र। आज मैं बात करने वाला हूं कि नेक्स्ट डे के लिए ट्रेड हम कैसे लें, ठीक है, ये, ये बात करने वाला हूं मैं Trap Indicator को यूज़ करके, ठीक है। और इसमें मैं बताने वाला हूं कि किस तरीके से आपको इंट्राडे भी इसमें मूव मिल जाता है, किस तरीके से आपको इसमें एक, मैं कहूंगा कि, पोजीशन ट्रेड भी इसमें आसानी से मिल जाता है, ठीक है। तो Trap Indicator का कॉन्सेप्ट थोड़ा समझेंगे, और उसके बाद हम देखेंगे कि किस तरीके से उसमें एक मोमेंटम हमें मिलता है, ठीक है। तो चलिए डिस्कस करते हैं। यहां पर मैं बात कर रहा हूं Trap Indicator की, ठीक है। सो Trap Indicator में मुझे यूज़ुअली लगभग, मैं कहूंगा कि, एक दिन में आठ-10 स्टॉक उसमें दिख जाते हैं, लेकिन हमें पूरे आठ-10 स्टॉक उसमें नहीं लेने होते हैं, हमें उनको आइडेंटिफिकेशन
तैयार मिले, ठीक है। तो यहां पर देखिए, अगर मैं कोई भी स्टॉक को अगर पिक अप करता हूं, ठीक है, अभी Trap Indicator में आपको अलग-अलग टाइप के स्टॉक मिलेंगे, लेकिन वहां पर सिर्फ आपको दो तरीके का सिग्नल मिलेगा, ठीक है। एक मिलेगा आपको वहां पर कॉल राइटर ट्रैप, ठीक है, एक मिलेगा आपको पुट राइटर ट्रैप, ठीक है, पुट राइटर ट्रैप। एक मिलेगा कॉल राइटर ट्रैप और एक मिलेगा पुट राइटर ट्रैप, ठीक है। तो चलिए डिस्कस करते हैं कि दोनों सिग्नल का क्या मतलब होता है, और उसके मुताबिक किस तरीके से मैं उसमें ट्रेड बना सकता हूं, ठीक है। तो अगर मैं कॉल राइटर ट्रैप की मैं बात करूं, तो हम सबको पता है कि जैसे मेरा यह ATM, मतलब जो स्पॉट लेवल है, ठीक है, कोई भी पर्टिकुलर स्टॉक का आप पकड़ लीजिए कि स्पॉट है, यहां पर आप देख सकते हो कि OTM लेवल रहता है, ठीक है। कि जैसे अगर यह स्पॉट यहां पर 500 है, तो ये जो आगे का OTM लेवल है ये 510 है, 520 है, 530 है, इस तरीके का आपको यहां पर OTM लेवल का स्ट्राइक मिलेगा। सिमिलरली, नीचे आप जाएंगे तो यहां पर आपको 490, 480, इस तरीके का आपको स्ट्राइक मिलेगा, ठीक है। अब ये जितने भी स्ट्राइक होते हैं, ये जो OTM का, या फिर यहां पर मैं कहूंगा कि, अ, ITM का जो स्ट्राइक होता है, ठीक
है, तो खास करके हम ध्यान देते हैं OTM पे, क्योंकि वहां पर ज्यादातर आप देखोगे राइटर्स होते हैं। ये जो कॉल राइटर्स ट्रैप है, ये आप देखोगे, जो कॉल राइटर है ज्यादातर OTM लेवल पर ही अपना पोजीशन बनाते हैं। रीज़न ये होता है कि OTM लेवल पर टाइम डीके बहुत ही ज्यादा होता है, ठीक है। तो टाइम डीके के मुताबिक वहां पर वो राइट करते हैं कि टाइम डीके होगा तो मुझे वहां पर फायदा होगा, ठीक है। लेकिन मार्केट डायनेमिक होता है, मार्केट कभी भी राइटर्स के हिसाब से नहीं चलता है, ठीक है, वो डिमांड एंड सप्लाई के हिसाब से चलता है, ठीक है। तो यहां पर आप देखोगे कि अगर स्टॉक इस तरीके से मूव करके आया, ठीक है, स्टॉक ऐसे मूव करके आया और यहां पर मल्टीपल स्ट्राइक को ब्रेक करता है, ठीक है। उसने क्या किया? मल्टीपल स्ट्राइक को यहां पर ब्रेक किया, ये स्ट्राइक को ब्रेक किया, ये स्ट्राइक को ब्रेक किया, ये स्ट्राइक को ब्रेक किया, ठीक है। तो जब भी वो मल्टीपल स्ट्राइक को ब्रेक करता है, या फिर एक पर्टिकुलर अच्छे लेवल को ब्रेक करता है, तो वहां पर आप देखोगे कि जो कॉल, कॉल राइटर्स होते हैं वो ट्रैप हो जाते हैं, ठीक है, वो ट्रैप हो जाते हैं। जहां पर कॉल राइटर्स ट्रैप होते हैं वहां पर कॉल बायर्स पैसा, पैसा बनाएंगे, ठीक है। तो कॉल राइटर ट्रैप का सिंपल सा मतलब है कि उसमें बुलिश ट्रेड आया हुआ है। तो यहां पे जो राइटर्स होंगे, इस लेवल पर, इस लेवल पर राइटर्स होंगे, उनमें एक फियर आ जाएगा कि ये स्टॉक ऊपर जा सकता है। तो वहां पर वो क्या करेंगे? अपनी पोजीशन यहां पर हटाना शुरू करते हैं, ठीक है, जिसके वजह से यह जो रेजिस्टेंस लेवल है
ये और भी कमजोर हो जाता है, और स्टॉक में एक बढ़िया मूव ऊपर देखने को हमें मिलता है, ठीक है। तो यहां पर क्या होगा? स्टॉक एक मूव, अच्छा मूव ऊपर की ओर देगा, ठीक है। तो यहां पर जो कॉल राइटर ट्रैप, जब भी कोई सिग्नल आता है, तो इसका सिंपल मतलब है कि वो पर्टिकुलर स्टॉक में बुलिश ट्रेड आया हुआ है, ठीक है, उस पर्टिकुलर स्टॉक में बुलिश ट्रेड आया हुआ है, ठीक है। अभी बात करते हैं पुट राइटर ट्रैप की, ठीक है। यहां पर बात करेंगे पुट राइटर्स ट्रैप। तो पुट राइटर ट्रैप जब भी आएगा, ठीक है, तो आप देखोगे कि पुट राइटर ट्रैप में क्या होता है कि स्टॉक जो है वो इस तरीके से मूव कर रहा है, और वो नीचे OTM के लेवल को यहां पर ब्रीच कर रहा है, ठीक है। तो यहां पे जितने भी राइटर्स होंगे, इस लेवल पे, इस लेवल पे, इस लेवल पे, वो सारे ट्रैप हो जाएंगे, ठीक है, वो सारे ट्रैप, अ, ट्रैप हो जाएंगे। तो जहां पर पुट राइटर्स ट्रैप होता है वहां पर पुट बायर्स पैसा बनाते हैं, ठीक है। तो सिंपल सा मतलब, अगर यहां पर ट्रैप हुए हैं तो यहां पर मुझे एक बेयरिश सिग्नल मिला हुआ है, तो यहां पर मैं कहूंगा कि ये एक बेयरिश मोमेंटम है। तो जिस स्टॉक के, जिस स्टॉक के भी आगे अगर पुट राइटर ट्रैप लिखा होगा, मतलब उसमें मैं सेल साइड
की ओर ट्रेड बना सकता हूं, उसमें मैं डाउनसाइड की ओर ट्रेड उसमें बना सकता हूं, ठीक है, डाउनसाइड की ट्रेड बना सकता हूं। ऑलराइट, तो ये मेरा बेयरिश सिग्नल हो गया। इस तरीके से स्टॉक अगर नीचे जाएगा तो पुट में, सेल करके एक अच्छा खासा पैसा बना सकता हूं। अभी यह होता है कि यह तो सिग्नल की बात हो गई, ठीक है। अभी इसमें सिग्नल तो हमें मिल चुका है, ठीक है, सिग्नल हमें मिल चुका है। अभी मुझे इसमें सिर्फ ट्रेंड देखना है कि ट्रेंड किस तरीके से, मैं इसमें आइडेंटिफाई करने के लिए मैं क्या करूंगा? मैं फ्यूचर डेटा की ओर देखूंगा, ठीक है, फ्यूचर डेटा। और फ्यूचर डेटा में सिंपल सी बात है, अगर मैं बुलिश ट्रेड देख रहा हूं तो वहां पर मैं लॉन्ग बिल्ट-अप देखूंगा, ओके, और अगर मैं बेयरिश देख रहा हूं तो वहां पर मैं शॉर्ट बिल्ट-अप देखूंगा, ठीक है। तो मतलब ये है कि अगर लॉन्ग बिल्ट-अप जहां पर बन रहा है, ठीक है, जिस पर्टिकुलर लेवल पे भी बन रहा है, मान लीजिए 510, वहां पर जो एक पर्टिकुलर डे है उसका क्लोजिंग 510 था, और यहां पर लॉन्ग बिल्ट-अप बना हुआ था, ठीक है, तो प्राइस अगर इसके ऊपर सस्टेन करता है तो मेरा वो बुलिश ट्रेड यहां पर बना हुआ रहता है, ठीक है। अगर लॉन्ग बिल्ट-अप बना हुआ है, मतलब डेटा वहां पर चेंज हो रहा है, ठीक है, प्राइस वहां पर
सस्टेन कर रहा है, तो मैं वहां पर एक बुलिश ट्रेड ले सकता हूं। सिमिलरली, शॉर्ट बिल्ट-अप का मतलब यह हो गया कि यहां पर अगर शॉर्ट बिल्ट-अप कोई पर्टिकुलर स्टॉक में बना हुआ है, मतलब 510 पे बना हुआ है, और प्राइस इसी के नीचे अगर सस्टेन करता है, तो ये मेरा पूरी तरीके से एक डाउन सेटअप बनेगा। तो मुझे एक सेकंड कन्फर्मेशन मिल जाता है फ्यूचर डेटा के हिसाब से कि इसमें यह पर्टिकुलर ट्रेंड है। तो अगर वहां पर Trap Indicator में अगर सिग्नल मुझे मिलता है कि उसमें कॉल राइटर ट्रैप है, और यहां पर मेरा बिल्ट-अप लॉन्ग बिल्ट-अप है, तो मैं उसमें बुलिश ट्रेड बना सकता हूं। सिमिलरली, अगर यहां पर मेरा बेयरिश ट्रेड है, ठीक है, तो यहां पर मैं देखूंगा कि शॉर्ट बिल्ट-अप है, तो मैं उसमें डाउनसाइड वाला ट्रेड बना सकता हूं। सो यहां पर हम Quantsapp एप्लीकेशन में आएंगे, और यहां पर हम जाते हैं, ठीक है, Trading में, और यहां पर मैं देखूंगा Trap Indicator, ठीक है। सो यहां पर Trap Indicator आप देखोगे कि यहां पर आपको सिग्नल मिलेगा, जैसे कॉल राइटर ट्रैप, ठीक है, पुट राइटर ट्रैप, ठीक है, दो सिग्नल आपको मिलेगा। PB/PS, मतलब प्रोबेबल बाय और प्रोबेबल सेल, ठीक है, मतलब यह फ्रेश सिग्नल है। तो यहां पर जो सिग्नल जनरेट होगा, फ्रेश सिग्नल, आप यहां पर डेट दे सकते हो, जैसे 21 है, तो 21 के डेट में आप देख सकते हो कि यहां पर लगभग आपको सात से आठ स्टॉक यहां पर आपको मिले हुए हैं, और हर एक पर्टिकुलर स्टॉक के आगे उसका सिग्नल लिखा हुआ है, ठीक है। अभी यहां पर क्या करना है? यहां पर कुछ रूल्स यहां पर है जिसको हमें फॉलो करना
पड़ता है। पहला रूल ये है कि जिस दिन ये सिग्नल जनरेट होता, उस दिन मैं कोई फ्रेश ट्रेड नहीं बनाऊंगा। मतलब अगर ये सिग्नल आज जनरेट हुआ है 21 नवंबर को, तो यहां पर मैं कोई ट्रेड नहीं बनाऊंगा, ठीक है। आज आफ्टर मार्केट, ठीक है, चाहे इवनिंग में, अ, इवनिंग में मैं कह सकता हूं कि वहां पर, मुझे जब भी टाइम मिलेगा तो मैं इसको एनालाइज़ करूंगा, ठीक है। इसका सबसे पहला मैं देखूंगा कि क्लोजिंग प्राइस क्या है, ठीक है। तो जो क्लोजिंग प्राइस है, ठीक है, नेक्स्ट डे जब मार्केट ओपन होता है तो क्लोजिंग प्राइस के आसपास ओपन होना चाहिए, ठीक है। यहां पर प्रेफर क्या करेंगे हम? कि अगर कॉल राइटर ट्रैप बोला गया है तो क्लोजिंग प्राइस के ऊपर थोड़ा प्राइस होना चाहिए, ठीक है। अब कितना ऊपर होना चाहिए, वहां पर कुछ हमें डिसाइड करना पड़ता है, कि 1% से ज्यादा ऊपर नहीं होना चाहिए, ठीक है। 1% से ज्यादा अगर ऊपर होगा तो गैप-अप कंसीडर किया जाएगा, तो वहां पर मुझे कोई ट्रेड नहीं बनाना, ठीक है। तो मुझे बहुत, मतलब 1% से लेस होना चाहिए, अगर ओपनिंग हो रहा है तो, चाहे ऊपर हो रहा है, ठीक है। और वहीं पर आप देखोगे, अगर पुट ट्रैप, मतलब बेयरिश ट्रेड बोल रहा है, तो वहां पर जो प्राइस है वो इस पर्टिकुलर क्लोजिंग प्राइस के नीचे ओपन होना चाहिए, और वहां पर भी यह है कि 1% से ज्यादा नीचे ओपन नहीं होना चाहिए, ठीक है। तो अगर उसके आसपास ओपन होता है तो मैं उसमें ट्रेड बना सकता हूं, ठीक है। तो ये मेरी कंडीशंस है, ठीक है। लेकिन नेक्स्ट
ट्रेड लेने के पहले मैं एनालाइज़ करूंगा कि यह पर्टिकुलर स्टॉक में बिल्ट-अप क्या चल रहा है, ठीक है। अभी जैसे कॉल राइटर ट्रैप UPL पर आया हुआ है, ठीक है, PFC, Muthoot Finance पे आया हुआ है, और Infosys पे आया हुआ है। तो हम क्या करेंगे? हम Track में जाएंगे, Built-up, स्क्रिप, सिंबल को सेलेक्ट करेंगे, और यहां पर फ्यूचर्स में जाएंगे, ठीक है। तो यहां पर UPL हमने चेक किया था, ठीक है, तो चेक करते हैं UPL, ठीक है। तो UPL को हम चेक करते हैं, ठीक है। तो UPL में क्लियर दिख रहा है कि यहां पर शॉर्ट बिल्ट-अप इसका बना हुआ था, ठीक है। शॉर्ट बिल्ट-अप इसका ऑलरेडी बना हुआ है और प्राइस आप देख सकते हो कि उसके ऊपर उसने सस्टेन भी किया है, तो ये मुझे क्लियर इंडिकेशन दे रहा है, ठीक है। पीछे भी डेटा आप देख सकते हो, लॉन्ग बिल्ट-अप के ऊपर यहां पर गया हुआ था, और यहां पर लॉन्ग बिल्ट-अप बना हुआ है, सॉरी, यहां पर लॉन्ग बिल्ट-अप बना हुआ है, मैंने शॉर्ट बिल्ट-अप कह दिया। यहां पर आप देख सकते हो कि पूरी तरीके से लॉन्ग बिल्ट-अप बना हुआ है, और प्राइस उसके ऊपर वहां पर सस्टेन किया हुआ है, ठीक है। तो यह मुझे पूरा, अ, बुलिश सिग्नल दे रहा है। तो कल अगर मार्केट जब ओपन होगा, तो इसका जो भी आज क्लोजिंग प्राइस होगा उसके ऊपर ओपन होना चाहिए, जहां पर मुझे एक, अ, फ्रेश ट्रेड मिल सकता है। अब यह जो ट्रेड है, यह कई बार क्या होगा कि आपको इंट्राडे
में ही अच्छा मूव दे देता है, ठीक है, तो आप उसको इंट्राडे में भी बुक कर सकते हो, ठीक है। इंट्राडे में कई बार आप देखोगे वह आपको 2-3% का मूव दे देता है। अगर उसमें मोमेंटम बहुत अच्छा है, बिल्ट-अप बहुत अच्छा है, तो 2-3% वहीं पर दे देता, तो आप उसमें, उसको, अ, वहां पर प्रॉफिट बुक कर सकते हो, ठीक है। तो ज़ाहिर सी बात है, अगर यह क्लोजिंग प्राइस यहां पर इसका बना हुआ है, ठीक है, और कल मार्केट इसके ऊपर ओपन होता है, तो मान लीजिए कि यहां पर इसका 500 का लेवल था, तो यहां पर मान लीजिए ये 503, 502 के आसपास हो रहा है, ठीक है, % कहेंगे तो इसका ₹ हो जाएगा। तो यहां पर अगर ये ओपन होता है, तो यहां से ये पूरा ऊपर जाने की कोशिश करेगा, ठीक है। तो मैं यहां पर इसको ट्रेड बना सकता हूं, ठीक है, और यहीं पर मैं इसको SL रख सकता हूं, ठीक है। तो इस तरीके से मैं इसमें ट्रेड बना लूंगा, ठीक है। चलिए, देखते हैं कि Trap Indicator में जो अभी कुछ सिग्नल आए तो उसमें कैसे-कैसे काम किए, ठीक है। तो हम जाते हैं Trap Indicator में। देख सकते हो, यहां पर कुछ ट्रेड्स अभी भी बने हुए हैं, ठीक है। यहां पर देख सकते हो कि यहां पर आपको MFSL में अभी भी 1-2% के लगभग पूरा नीचे है, ठीक है। अभी फ्रेश सिग्नल जो कल बना हुआ था, मतलब, आई मीन, ऑन ट्यूज़डे को बना हुआ था, तो उसमें ये ट्रेड बना हुआ है, ठीक है। कहीं-कहीं पर आपको एग्ज़िट पता दिया जाएगा, ठीक है, कहीं-कहीं पर जो ट्रेड अभी भी बना हुआ है, तो उसमें आपको
प्रॉफिटेबिलिटी दिखेगी, ठीक है, कि इसमें इतना प्रॉफिट हो रहा है। अभी जैसे OFSS है, ठीक है, तो ये आपके 18 का, 18 का ट्रेड था, ठीक है। कितने पे इसका क्लोजिंग था? आप देख सकते हो, 11131, ठीक है, यहां पर आपका इसका क्लोजिंग प्राइस था, ठीक है, और उसी के मुताबिक इसमें ट्रेड इसमें बना हुआ था। ऑलराइट, तो हम इसमें देखते हैं। अभी देख सकते हो कि अभी भी ये पूरी तरीके से नीचे है, ठीक है, तरीके से नीचे। तो इसमें मुझे जो ट्रेड सेटअप बना हुआ है उसमें मुझे अभी भी प्रॉफिट हो रहा है, ठीक है। अभी इसके पहले आप देखोगे कि कुछ और भी सिग्नल्स आए हुए थे, तो यहां पर MFSL है, ठीक है। MFSL थोड़ा, मैं कहूंगा कि, बेयरिश की ओर है, ठीक है। लेट्स चेक। तो यहां पर देख सकते हो कि MFSL पूरे तरीके से नीचे जा रहा है, ठीक है। यहां से आप देख सकते हो कि पूरे तरीके से नीचे जा रहा है, ये नीचे ही ओपन हुआ है और अभी भी ये नीचे जा रहा है, ठीक है। तो इसमें ट्रेड बना हुआ है। तो अगर ये इंट्राडे के तौर पे अगर मैं देखूं, तो यहां पर हो सकता है कि आज मुझे ये अच्छा खासा मूव दे दे। तो अगर इंट्राडे में अगर आपको यह मूव देता है, तो आप वहां पर अपना प्रॉफिट बुक कर सकते हो, ठीक है। अगर आप थोड़ा बड़ा टारगेट लेना चाहते हो, तो आपको इसको कैरी फॉरवर्ड करना पड़ेगा, क्योंकि Trap Indicator एक, अ, मैं कहूंगा कि, पोजीशन
ट्रे..., पोजीशन ट्रेडिंग बेस्ड टूल है, तो ज्यादातर इसको पोजीशनल ट्रेडिंग के लिए यूज़ किया जाता है, लेकिन इंट्राडे में भी कई बार आपको यह अच्छा खासा मूव दे देता है, ठीक है। तो यहां पर एक बार समराइज़ कर लेते हैं कि मैंने आपको क्या-क्या बताया, ताकि उस रूल्स को आप फॉलो कर लीजिए, ठीक है। सबसे पहले आप Trap Indicator में सिग्नल देखोगे, ठीक है, सिग्नल देखोगे कि उसमें आपको बुलिश आया है, ठीक है, या फिर बेयरिश आया हुआ है, ठीक है, ये आप देखोगे। सेकंड, आप इसको एक बार फ्यूचर OI हिस्टोरिकल, ठीक है, फ्यूचर OI इसका चेक करोगे, ठीक है। बुलिश के लिए आप यह देखिए कि उसमें लॉन्ग बिल्ट-अप बना होना चाहिए और उसके ऊपर प्राइस सस्टेन करना चाहिए। अगर उसके ऊपर प्राइस सस्टेन किया हो, तो वो आपका पोजीशन कैरी फॉरवर्ड होता, मतलब वहां पर आपको एक अच्छा खासा बुलिश ट्रेड मिल सकता है, अच्छा खासा प्रॉफिट मिल सकता है, ठीक है। तो उसके लिए आपको बुलिश, बुलिश होना चाहिए, ठीक है। सो यहां पर मैं कहूंगा, लॉन्ग बिल्ट-अप फॉर बुलिश और शॉर्ट बिल्ट-अप फॉर बेयरिश। ऑलराइट, ये हो गया आपका दो चीज जो हमने एनालाइज़ किया। अभी जब ट्रेड लेने की बारी
आएगी, ठीक है, ट्रेड, तो आपको सबसे पहला क्या देखना है? यहां पर क्लोजिंग चेक करना है, और प्राइस जो है, ठीक है, प्राइस, कौन सा प्राइस? ओपनिंग प्राइस, मतलब नेक्स्ट डे जब मार्केट ओपन होता है, ठीक है। तो ओपनिंग प्राइस है, ये क्लोजिंग के आसपास नहीं आना चाहिए, लेकिन ज्यादा प्रेफर क्या किया जाएगा? कि जो बुलिश ट्रेड है, जिसमें कॉल राइटर ट्रैप आया हुआ है, उसमें प्राइस ऊपर ही ओपन हो, ताकि मैं उसमें ट्रेड ले सकूं, और जिसमें बेयरिश ट्रेड है उसमें प्राइस नीचे ओपन हो, ताकि मैं उसमें ट्रेड बना सकूं, ठीक है। तो यह था हमारा Trap Indicator के बेस पे, जहां पर आप देखोगे कि स्टॉक फिल्टर करके आपको मिलते हैं कि कल के लिए इन सब में ये ट्रेड बना हुआ है। आप इन रूल्स को फॉलो करके उसमें एक अच्छा खासा, अ, ट्रेड सेटअप बना..., एक अच्छा खासा ट्रेड ले सकते हो, इंट्राडे में बुक कर सकते हो, और उसको आप कैरी फॉरवर्ड भी कर सकते हो, ठीक है। तो ये था हमारा Trap Indicator बेस पर एक सेटअप, ठीक है, फॉर इंट्राडे एंड फॉर पोजीशनल। आई होप आपको ये सेशन पसंद आया होगा। सो प्लीज़ इसको लाइक एंड शेयर कीजिएगा, और भी ऐसे जानकारीपूर्ण जानने के लिए Quantsapp से जुड़े रहिए। मैं धर्मेंद्र राजभर, आपका धन्यवाद।

PGDM in finance, having 5+ experience in Equity, commodities , forex analysis and trading.
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