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Swing Trading Tips for Beginners (Hindi)

Intermediate·Hindi·15 min·738 views·1 year ago

In this Hindi session, Dharmendra from Quantsapp lists what to check before taking a swing trade.

First, pick a liquid stock with the Liquidity Finder (three stars or more) and check its implied volatility on the IV Chart and Vol Grid, since very high IV percentile makes buying riskier. The Trap Indicator is mentioned for spotting fresh buying or selling.

Next, identify the trend with both data (build-up and PCR) and technicals (50 and 200 moving averages on the Quantsapp chart), using BankNifty and Bajaj Auto as examples.

The session then covers risk management (always use a stop loss and aim for at least a 1:2 risk-reward), capital allocation and diversification across sectors, the overall market condition from build-up and the Advance Decline chart, FII and DII positions from Participant Data, and following market news before the next day.

What you’ll learn

✓Checking liquidity with the Liquidity Finder before choosing a stock
✓Reading implied volatility and IV percentile before buying or selling
✓Identifying the trend with build-up data, PCR and moving averages
✓Stop loss, a 1:2 risk-reward and diversified capital
✓Market condition, FII/DII positions and news before a swing trade
Transcript

हेलो एवरीवन, वेलकम टू Quantsapp। माय नेम इज़ धर्मेंद्र। आज मैं बात करने वाला हूं स्विंग ट्रेडिंग टिप्स के बारे में, कि किस तरीके से स्विंग ट्रेडिंग को और भी अच्छा बनाया जा सकता है। उसमें मैं देखूंगा कि क्या-क्या फैक्टर्स को मैं कंसीडर करूंगा। ठीक है? सो स्विंग ट्रेडिंग स्टार्ट करने से पहले, स्विंग ट्रेडिंग लेने से पहले ये चीजें जानना बहुत जरूरी है। ठीक है? आपको ये चीजें अगर आप जानेंगे, तो आप ये देखेंगे कि आपको जो-जो भी आप ट्रेडिंग सेटअप बनाए हो, जो भी आप स्टॉक पिकअप कर रहे हो, उसमें सक्सेस होने का चांसेस थोड़ा बढ़ जाएगा। ठीक है? तो ये सारी चीज़ें हमें जानना बहुत जरूरत होती है। ठीक है? क्योंकि इसके बगैर अगर आप ट्रेडिंग स्टार्ट भी करते हैं, तो थोड़ा सा मैं ये कहूंगा कि कहीं-कहीं पर हम हर्डल्स फेस करते हैं, कहीं-कहीं हम परेशानी फेस करते हैं, तो उसे हम ओवरकम किया जा सकता है। ठीक है? उसे ओवरकम किया जा सकता है, ताकि इन सारी चीजों को ध्यान में आप रखोगे तो आपका जो ट्रेडिंग जर्नी है, और भी आसान बन जाएगा। जो स्विंग ट्रेडिंग आप करना चाहते हो, वो और भी आसान हो जाएगा। ठीक है? तो चलिए डिस्कस करते हैं कि सबसे पहला हम इसमें क्या देखना चाहेंगे। ठीक है? तो यहां पर मैंने कुछ पॉइंट्स यहां पर लिखे हैं। ठीक है? तो सबसे इंपॉर्टेंट चीज होती है स्विंग ट्रेडिंग स्टार्ट करने से पहले कि राइट स्टॉक क्या होना चाहिए। ठीक है? अभी जो राइट स्टॉक है, अभी मैं राइट स्टॉक कहूंगा तो अभी हम ये तो नहीं कहेंगे कि वो राइट स्टॉक वही राइट स्टॉक है। ठीक है? लेकिन कुछ-कुछ तरीके होते हैं ताकि हम

आइडेंटिफिकेशन होने की संभावना है। ठीक है? तो सबसे पहले आप वो पर्टिकुलर स्टॉक में अगर ट्रेड ले रहे हो, तो लिक्विडिटी चेक कीजिए। ठीक है? लिक्विडिटी चेक करना बहुत जरूरी है, खास करके जब आप ऑप्शन स्ट्रेटेजी यूज कर रहे हो। ठीक है? इवन डेरिवेटिव, मतलब आप फ्यूचर में भी जा रहे हो, तो आपको लिक्विडिटी चेक करने की जरूरत होती है, क्योंकि लिक्विडिटी में अक्सर क्या होता है कि आप अपनी ऑप्शन स्ट्रेटेजी ले रहे हो, तो उसमें कई बार OTM के ऑप्शंस इन्वॉल्व होते हैं, जिनकी वजह से वो ऑर्डर जल्दी एग्जीक्यूट नहीं होते हैं। इवन आप प्रॉफिट बना रहे हो, तो प्रॉफिट एग्जीक्यूट नहीं होते हैं। ठीक है? तो पहले आप लिक्विडिटी चेक कीजिए, और उसके बाद आपको वोलैटिलिटी भी उसकी चेक करनी पड़ती है। ठीक है? वोलैटिलिटी चेक करनी पड़ती है कि इसकी वोलैटिलिटी क्या है, मतलब इम्प्लाइड वोलैटिलिटी उसकी क्या चल रही है, क्योंकि इम्प्लाइड वोलैटिलिटी अगर उसकी बराबर नहीं है, मतलब अगर मान लीजिए उसको बाय करना है, लेकिन वो ऑलरेडी बहुत हाई-हाई जोन में है, ठीक है, वोलैटिलिटी बहुत ज्यादा है, तो वहां सेलिंग प्रेशर बन जाता है। वोलैटिलिटी लो है तो वहां पर बाइंग बनता है, वहां पर मैं सेलिंग करने की कोशिश करूंगा तो मेरा लॉस हो सकता है। ठीक है? तो IV हमें चेक करने की जरूरत है। तो हम क्या करेंगे? कोई भी अगर स्टॉक पिक अप कर रहे हैं, तो मुझे उसकी लिक्विडिटी चेक करनी है, तो हम टूल्स में जाएंगे और यहां पर आपको बताया जाएगा Liquidity Finder। ठीक है? Liquidity Finder। तो जो भी स्टॉक

आप पिक अप कर रहे हो, यहां पर Liquidity Finder में आपको बताया जाएगा कि उसकी लिक्विडिटी क्या है। ठीक है? और ये रियल टाइम पे चेंज होता है, मतलब दिन भर में चेंज नहीं होता, मतलब मान लीजिए उसकी लिक्विडिटी एक दिन में या दो दिन में या फिर हफ्ते, 10 दिन में अगर चेंज हो रही है, तो यहां पर वो अपडेट होता है। ठीक है? तो यहां पर हम क्या करेंगे? मिनिमम आप थ्री स्टार से जाइए, कि थ्री स्टार्स, उसके ऊपर जो सारे स्टॉक्स हैं, उनमें लिक्विडिटी आपको अच्छी मिल रही है। ठीक है? जैसे यहां पर आप देख सकते हो, सारे स्टॉक हैं। ठीक है? ये सारे स्टॉक्स में लिक्विडिटी आपको काफी अच्छी मिलती है। ठीक है? जैसे Bajaj Auto, Bajaj Finserv, Bajaj Finance, Bandhan Bank, लिक्विडिटी आपको अच्छी मिल रही है, थ्री स्टार। अगर आप और भी ज्यादा लिक्विड स्टॉक देखने हैं, और भी अच्छी लिक्विडिटी मिले, तो यहां पर आप क्या कर सकते हो? फोर स्टार को पिक अप कर सकते हो, कि फोर स्टार से ऊपर वाले रहें, तो इसमें और भी जो लिक्विड स्टॉक्स हैं, जिसके OTM ऑप्शंस में आपको अच्छी-खासी लिक्विडिटी मिलती है, वो सारे स्टॉक आपको यहां पर मिल जाएंगे। ठीक है? तो हमने यहां पर लिक्विडिटी फाइंड आउट कर ली। अभी मुझे चेक करना है कि उसकी वोलैटिलिटी क्या हो सकती है। ठीक है? IV क्या हो सकता है, और प्लस ये देखूंगा कि उसमें जो IV है, IV के मुताबिक कहां पर सेलिंग हो सकती है, बाइंग हो सकती है। ठीक है? मतलब संभावना क्या है, और सारे स्टॉक इस वक्त क्या कर रहे हैं। ठीक है? क्योंकि देखिए, अगर मान

लीजिए कि सारे स्टॉक आप देखोगे कि हाई वोलैटिलिटी में हैं, मतलब IV बहुत ऊपर है, तो मार्केट कंडीशन ये बनती है कि ज्यादातर लोग वहां पर सेलिंग करें। ठीक है? तो मार्केट थोड़ा सा करेक्ट कर सकता है, तो वहां पर मुझे बाइंग करना मेरे लिए थोड़ा सा रिस्की होगा। ठीक है? तो हम क्या करेंगे? हम Analyse में जाएंगे और IV Chart को क्लिक करेंगे। ठीक है? तो IV Chart आपको यहां पर बता देगा कि हाईएस्ट वोलैटिलिटी कहां पर गई थी, लोवेस्ट वोलैटिलिटी कहां पर गई थी। ठीक है? और ये मीडियन क्या चल रहा है। ठीक है? अगर ये मीडियन, जहां पर आप देख सकते हो, ये जो वाइट वाली लाइन है, ये वोलैटिलिटी है। ठीक है? अगर यहां पर लाइन है, ठीक है, आप देख सकते हो कि यहां पर अच्छी-खासी वोलैटिलिटी यहां पर दिखती है। ठीक है? कि IV यहां पर घटता-बढ़ता रहता है। तो ये वाले, ये वाले ज़ोन में अगर आपकी इम्प्लाइड वोलैटिलिटी रहती है, मतलब स्टॉक में वोलैटिलिटी अच्छी है। ठीक है? तो बाइंग भी अच्छी बनेगी, सेलिंग भी अच्छी बनेगी, मतलब वहां पर ये होगा कि स्टॉक में मोमेंटम मुझे मिल सकता है, क्योंकि अगर किसी पर्टिकुलर स्टॉक में मोमेंटम नहीं है, तो वहां पर दिक्कत है। ठीक है? यहीं से आप सोचिए, अगर मोमेंटम, यहां पर जो IV और बढ़ जाता है, तो आपको मोमेंटम और भी बनता है। देख सकते हो कि किस तरीके से IV नीचे थी, उसके बाद जब IV बढ़ता है, तो देख सकते हो कि किस तरीके से मोमेंटम आपको मिलता है। तो ये जो आप देख रहे हो लाइन, अगर इसके आसपास IV रहती है,

तो मुझे वहां पर मिलेगा कि स्टॉक में मोमेंटम रहेगा। आप देख सकते हो कि फ्यूचर का प्राइस किस तरीके से मूव किया है। अभी ये तो हो गया कि आप एक इंडिविजुअल स्टॉक को आप चेक कर रहे, जैसे कि मैं क्वालिटी स्टॉक देखना चाह रहा हूं, तो इंडिविजुअल स्टॉक यहां पर आपको मिल जाएगा। ठीक है? सारे स्टॉक को आप देखना चाहते हो, तो Vol Grid में आप जाइए। ठीक है? Vol Grid में आपको दिखेगा कि इम्प्लाइड वोलैटिलिटी का जो परसेंटाइल है, वो यहां पर आप देखोगे। जैसे जो 90 के ऊपर है, देख सकते हो, सारे 90 के ऊपर हैं, कुछ 70 में हैं, कुछ 90 के ऊपर हैं। तो ये जो 90 के ऊपर जो इम्प्लाइड वोलैटिलिटी रहती है, जो रेड में रहती है, तो ज्यादा चांसेस हैं कि इसमें सेलिंग आएगी। ठीक है? तो बाइंग बनाना मेरे लिए थोड़ा रिस्की रहेगा। ऐसा नहीं कि मैं इसमें बाइंग नहीं बना सकता हूं, मैं इसमें बाइंग बना सकता हूं, लेकिन मैं एक स्ट्रिक्ट और छोटे स्टॉप लॉस के साथ जाना चाहूंगा। मैं कहीं पर मैं देखूंगा कि बीच में मैं कहीं पर भी नहीं लो ब ब कैंडल है, लिक्विडिटी स्वीप हो सकता है, वहां पर मैं ट्रेड नहीं लूंगा। ठीक है? तो मुझे ये बातें जरूर ध्यान में रखनी हैं कि उसकी IVP क्या चल रही है और उसकी इम्प्लाइड वोलैटिलिटी फिलहाल क्या थी। ठीक है? क्या चल रही है, क्या है, जिसके मुताबिक मैं वो स्टॉक सेलेक्ट कर सकता हूं कि ये स्टॉक ट्रेडिंग के लिए है। ठीक है? ये स्टॉक ट्रेडिंग के लिए। अभी आप इसमें ये देखोगे कि अगर आपको जानना है कि कौन से स्टॉक में अभी बाइंग

या सेलिंग आई है, तो डायरेक्टली आप Trading में जाके Trap Indicator देख सकते हो। यहां पर आपको सिग्नल दिया जाएगा कि कौन से स्टॉक में बाइंग आई है, सेलिंग आई है। Put Writer Trap मतलब उसमें सेलिंग आई है, Call Writer Trap मतलब उसमें बाइंग आई है। Put Writer Trap मतलब डाउन साइड का सिग्नल है, Call Writer Trap मतलब अप साइड का सिग्नल है। ठीक है? ये डिफरेंट है, ये सिग्नल बेस्ड टूल है। इसके बारे में आप डिटेल जानकारी ले सकते हो, या How to Use पर क्लिक करोगे तो यहां पर आपको पूरा वीडियो मिलेगा। ठीक है? चलिए वापस चलते हैं। यहां पर हमने डिस्कस किया था कि लिक्विडिटी और वोलैटिलिटी हमें चेक करनी है। दूसरा इंपॉर्टेंट पॉइंट होता है ट्रेंड आइडेंटिफिकेशन, जिसमें मैं टेक्निकल्स और डाटा दोनों को यूज करता हूं। ठीक है? टेक्निकल्स और डाटा दोनों को यूज करता हूं। ट्रेंड आइडेंटिफिकेशन बहुत ही जरूरी है, क्योंकि आप किसी स्टॉक को स्विंग ट्रेडिंग के लिए ले रहे हो, वो अप साइड जाएगा कि डाउन साइड जाएगा, ये जानना बहुत ज्यादा जरूरी है। ठीक है? तो ट्रेंड आइडेंटिफिकेशन आप डाटा के हिसाब से और टेक्निकल, दोनों के हिसाब से कर सकते हो। डाटा के हिसाब से करना है तो Track में जाइए, Built-up Scrip, सिंबल को सेलेक्ट कीजिए। यहां पर Futures OI Historical आप सेलेक्ट कर सकते हो। अगर सिंबल को सेलेक्ट कर रहे हो, तो ये आपको इंट्राडे का ट्रेंड बता रहा है। देख सकते हो कि Nifty, BankNifty शॉर्ट में हैं, कितने सारे स्टॉक लॉन्ग बिल्ट-अप में हैं। तो जहां पर Nifty, BankNifty मुझे शॉर्ट में दिख

रहे हैं, वहां पर मैं स्टॉक भी शॉर्ट वाला लूंगा, अगर इंट्राडे के हिसाब से जा रहा हूं। ट्रेंड आइडेंटिफिकेशन इसलिए इंपॉर्टेंट होता है। ये तो आपका इंट्राडे हो गया। मैं जा रहा हूं स्विंग ट्रेडिंग में, तो स्विंग ट्रेडिंग में जैसे आप BankNifty देख सकते हैं, डाउन ट्रेंड में। ठीक है? अभी यहां पर देखिए, लॉन्ग बिल्ट-अप बना था, लेकिन लॉन्ग बिल्ट-अप यहां पर सस्टेन नहीं कर रहा है। अगर ये सस्टेन नहीं करेगा, नीचे आएगा, ये शॉर्ट बिल्ट-अप बन रहा है, तो यहां पर डाउन ट्रेंड अभी भी मेंटेन है। तो अगर यहां पे आप पूरे बिल्ट-अप के डाटा को यूज करके यहां पर आप एनालाइज कर सकते हो कि कौन से ट्रेंड में है। आप PCR का डाटा यूज कर सकते हो, कि PCR का डाटा मुझे क्या बता रहा है, कि डाउन टर्न में रहेगा, अप टर्न में रहेगा, ये भी आपको बताएगा, और उसके मुताबिक आप उसमें डिसीजन ले सकते हो। ठीक है? तो ये तो हो गया डाटा के आधार पे। टेक्निकल के आधार पे अगर आप लेना चाहते हो, कि टेक्निकल पे मैं कैसे करूं, ठीक है, तो Charts, Order and Trade में आप जा सकते हो। यहां पर देखिए, मैं मूविंग एवरेज लगाता हूं, जिसके आधार पर मुझे मालूम पड़ता है कि मार्केट का डायरेक्शन क्या हो सकता है। ठीक है? अब ये 50 डे मूविंग एवरेज है, मान लीजिए मैं 200 लगाता हूं, और यहां 1 मिनट की जगह मैं 1 ऑवर का ट्रेड लगाता हूं, कि वन ऑवर वाले टाइम फ्रेम में BankNifty, Nifty या कोई भी पर्टिकुलर स्टॉक कौन से ट्रेंड में है। ठीक है? तो मैं आज देख सकता हूं कि फिलहाल ये

200 मूविंग एवरेज के ऊपर जा रहा है, तो अपट्रेंड मुझे बता रहा है। ठीक है? ये लेवल जो है, इसके भी ऊपर जा रहा है, तो ये मुझे बता रहा है कि फिलहाल ये अपट्रेंड में, मतलब इसके ऊपर जा रहा है, तो मतलब अपट्रेंड में। लेकिन अभी मुझे ये देखना है कि ये जो उसके ऊपर ये सस्टेन करता है कि नहीं, क्योंकि यहां पर देख सकते हो कि एक स्ट्रांग रेजिस्टेंस है, कितने पर है? 52,600 के लेवल पे। तो अपट्रेंड में है, लेकिन यही जो 200 मूविंग एवरेज है, इसको बार-बार रेजिस्ट करके यहां पर आया हुआ है। तो अगर यहां से ऊपर भी जाएगा, तो मेरा टारगेट ये हो सकता है। तो जब तक ये लेवल ब्रेक नहीं करेगा, तो मुझे यहां पर अपट्रेंड नहीं मिलेगा। तो इस लिहाज से मैं चेक करूंगा कि मार्केट की कंडीशन क्या है, मार्केट अपट्रेंड में है कि डाउनटर्न में। तो कोई भी स्टॉक अगर मुझे सेलेक्ट करना है, ठीक है, कि वो कौन से ट्रेंड में है, तो मैं यहां पर उसको एनालाइज करूंगा। ठीक है? जैसे Bajaj Auto है, ठीक है, मैं उसको एनालाइज करूंगा कि उसका ट्रेंड क्या है। ठीक है? वन ऑवर के टाइम फ्रेम में, 15 मिनट का टाइम फ्रेम, अभी देख सकते हो कि Bajaj का ट्रेंड पूरा डाउन ट्रेंड है, ये पूरा नीचे है, अभी भी नीचे है। तो Bajaj, जो Bajaj Auto है, ठीक है, इसमें मैं डाउन साइड वाला ही ट्रेड बनाऊंगा। ठीक है? कंडीशन भी यहां पर, ये टेक्निकल भी यही बोल रहा है। ठीक है? डाटा क्या कह रहा है? डेटा को मुझे चेक करना पड़ेगा, कि डाटा को भी एक बार चेक कर लिया

जाए। ठीक है? कि डाटा मुझे क्या बता रहा है। डाटा भी मुझे डाउन ट्रेंड बता रहा है, आप देख रहे हो। तो दोनों चीजें मैच कर रही हैं, तो यहां पर मैं ट्रेंड का आइडेंटिफिकेशन... क्योंकि आप कितना स्टॉप लॉस ले रहे हो, कितना टारगेट ले रहे हो, ये जरूरी है। ठीक है? स्टॉप लॉस अगर आपका ₹10,000 का है, तो टारगेट डेफिनेटली, और वो भी मिनिमम 20,000 का होना चाहिए। राइट? अगर इस तरीके का रिस्क मैनेजमेंट अगर आप नहीं करते हो, तो आपका प्रॉफिटेबल रहना थोड़ा डिफिकल्ट है। ठीक है? तो यहां पर मुझे इस तरीके का रिस्क मैनेजमेंट करना जरूरी है कि 1:2 का रेशियो रहे। स्विंग ट्रेडिंग है, ठीक है, स्विंग ट्रेडिंग में स्ट्रिक्ट स्टॉप लॉस के हिसाब से जाना पड़ता है, क्योंकि आपको ये भी देखना है कि मुझे लॉस मैं कितना ले सकता हूं, प्रॉफिट कितना दे सकता हूं। मार्केट डायनेमिक है, हमारे हिसाब से नहीं चल सकता है। हम सिर्फ उसको एनालाइज करके

प्रेडिटरमिनेशन होता है, घूम कर आता है, तो मेरा लॉस हो सकता है। तो आप बगैर स्टॉप लॉस के इसमें नहीं जाएंगे। ठीक है? दूसरी बात, आप ही रिस्क मैनेजमेंट में अगर मैं बात करूं, तो आप कितना कैपिटल लगा रहे हैं, वो भी जरूरी है। कितना कैपिटल आप यूज़ कर रहे हैं। ठीक है? कैपिटल, प्लस आप इसके साथ डाइवर्सिटी, एक ही सेक्टर के स्टॉक को ले रहे हो तो भी ठीक है। ठीक है? और आप डिफरेंट स्टॉक, डिफरेंट सेक्टर को ले रहे हो, तो वो भी ठीक है। ठीक है? अलग-अलग सेक्टर अलग-अलग तरीके से काम कर रहे हैं, तो सेक्टर एनालिसिस भी आप कर सकते हो, कि ठीक है, ये सेक्टर इस सीजन में अच्छा चलता है, तो वो सेक्टर को पिक अप करिए। ये सेक्टर सीजन में अच्छा नहीं चलता, तो उसको अवॉइड करिए। तो यहां पर इस तरीके से डायवर्सिफाई करना, इस तरीके से स्टॉक पिक अप करना इंपॉर्टेंट होता है। ठीक है? आगे देखिए, आगे आता है आपका मार्केट कंडीशन। मार्केट कंडीशन क्या चल रहा है, ये इंपॉर्टेंट है। ठीक है? अभी जैसे मैंने आपको बिल्ट-अप बताया यहां पर, ठीक है, यहां हमने बिल्ट-अप दिखाया, तो यहां पर मुझे कैसी है मार्केट कंडीशन, जानना जरूरी है। राइट? यहां पर मैं चेक करूंगा कि Nifty, BankNifty क्या कह रहा है। ओके, Nifty, BankNifty क्या कह रहा है, जिसके मुताबिक मैं यहां पर सेटअप तैयार करूं। Nifty देखिए, Nifty

पूरा डाउन ट्रेंड देख सकते हो, पूरा शॉर्ट बिल्ट-अप है। ठीक है? तो मार्केट कंडीशन जानना जरूरी है। इसी के साथ-साथ अगर मैं ये देखूंगा कि मार्केट में Advance Decline Chart को मैं देख लूंगा, कि ज्यादातर स्टॉक किस तरफ हैं। आप देख सकते हैं, ज्यादातर स्टॉक डाउनटर्न की तरफ हैं। यहां पर थोड़े मुझे रेड में दिखे हैं, ग्रीन में दिखे हैं, लेकिन प्राइस उतना ऊपर नहीं आया। अभी भी आप देख सकते हो कि मार्केट यहां पर अपट्रेंड में था, यहां से आप देख सकते हो, अक्टूबर से ही वो डाउन ट्रेंड में है। तो मार्केट कंडीशन भी मुझे बता रही है कि अभी भी इसमें इतना बुलिशनेस नहीं आई है, तो ज्यादातर स्टॉक डाउन ट्रेंड में हैं, तो मुझे उसके हिसाब से ट्रेड लेना पड़ेगा। ठीक है? मार्केट कंडीशन देखिए, Participants Data देखिए। ठीक है? यहां पर आप टूल में जाएंगे, Participants Data देखिए, कि FII, DII लोग क्या कर रहे हैं। FII, DII कहां पर बाय-सेल कर रहे हैं। तो यहां पर आप देख सकते हो, इसके ऊपर कर्सर रखोगे तो ये ब्लू वाला आपको बता रहा है कि FII इतने लॉन्ग में हैं, और ग्रे वाला बता रहा है कि FII इतने शॉर्ट में हैं। तो आप देखिए, ज्यादातर देखिए, स्टार्टिंग में अक्टूबर से ये पूरा जो लॉन्ग है वो गिर चुका है, शॉर्ट बढ़ गया है, इसलिए मार्केट पूरा डाउन ट्रेंड है। अभी देखिए, धीरे-धीरे यहां पर मुझे जो लॉन्ग है वो बढ़ रहा है। ठीक है? धीरे-धीरे बढ़ रहा है, तो हो सकता है कि यहां पर आगे जाके ये थोड़ा कंडीशन बरकरार रहे, ये स्टेडिली इंक्रीज करे, तो वहां पर स्टॉक में बुलिश

मोमेंटम आ सकता है, ये शॉर्ट कम हो जाए। ठीक है? जैसे यहां पर हुआ था, देख सकते हो कि लॉन्ग जो है कम होता गया, शॉर्ट बढ़ता गया। ठीक है? जिसकी वजह से मार्केट यहां पर नीचे गिरा। यहां पर भी अगर कंडीशन अभी फेवरेबल बनती है, तो बुलिश की ओर ट्रेड ज्यादा लूंगा। ठीक है? तो मार्केट कंडीशन जानना बहुत जरूरी है। मार्केट न्यूज़ जानना जरूरी है। शाम को आप देख रहे हो कि मार्केट न्यूज़ है, कुछ कहीं पर कुछ कंडीशंस आ गईं, कुछ वॉर हो गया, कुछ दो-दो गवर्नमेंट के बीच में आप देखोगे ट्रेड वॉर हो रहा है, मतलब कि टैरिफ, ट्रेड, इकोनॉमिक डिसीजन कुछ ले रहे हैं, कुछ गवर्नमेंट के बीच में, हम ये कहेंगे कि समझौता हुआ है, कुछ लॉ आया, कुछ बिल पास हुआ, जिसकी वजह से ये पर्टिकुलर सेक्टर, पर्टिकुलर इंडस्ट्री खास करके असर होगी। तो जानना बहुत जरूरी है, ताकि आप नेक्स्ट डे में वो ट्रेड में एग्जिट कर सकें। ठीक है? सो आई होप आपको ये टिप्स समझ में आए होंगे कि किस तरीके से स्विंग ट्रेड लेने के पहले इन सारे स्टेप्स को मुझे फॉलो करना चाहिए। ठीक है? सो अगर ये वीडियो आपको पसंद आया तो प्लीज लाइक एंड शेयर कीजिएगा। मैं धर्मेंद्र राजभर, आपका धन्यवाद।

SPEAKERDharmendra RajbharTrainer

PGDM in finance, having 5+ experience in Equity, commodities , forex analysis and trading.

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