QuantsappFaster in the app: live data, alerts, tradingOpen
Log inStart free
Watch in the Quantsapp appFree. The full video library, your progress, and Technical Chart live with market data.
Open in app

MACD aur Supertrend Combined Strategy (Hindi)

Intermediate·Hindi·15 min·897 views·1 year ago

This lesson builds a simple trading setup from two indicators, MACD and Supertrend, both on their default settings (MACD 12 and 26, Supertrend 10 and 3).

The trend is read on a higher timeframe and the trade is executed on a lower one: for intraday, analysis on 15 minutes and execution on 3 or 5 minutes; for swing trading, analysis on 1 hour and execution on 15 minutes. The MACD line staying below or above its zero line gives the direction, and a Supertrend colour change gives the entry.

The speaker covers stop loss placement (candle low versus the Supertrend level), exiting when Supertrend flips, keeping at least a 1:1.5 risk-reward ratio, and walks through examples on the Nifty chart.

What you’ll learn

✓Analyse on a higher timeframe and execute on a lower one
✓Use the MACD zero line to judge trend direction instead of every crossover
✓Enter when Supertrend changes colour in the direction of the trend
✓Place the stop loss at the candle low or the Supertrend level
✓Exit on a Supertrend flip and aim for at least a 1:1.5 risk-reward
Transcript

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम धर्मेंद्र राजभर है। Quantsapp में आपका स्वागत है। Quantsapp के ऑप्शन सी के सेशन में आपका स्वागत है। जहां पर हम सीखते हैं ऑप्शन के कुछ कांसेप्ट जहां पर आप सीखते हैं ऑप्शन की कुछ स्ट्रेटजीस। सो आज मैं आपके सामने एक ऐसी स्ट्रेटजी लाया हूं जो आप इंट्राडे एज वेल एज आप उसमें स्विंग ट्रेडिंग में भी यूज कर सकते हैं। बहुत ही सिंपल तरीके से मैंने इसको बनाया है। बहुत ही सिंपल तरीके से इसको काफी हमने टेस्ट भी किया है। कई बार टेस्ट किए हैं। इसमें क्या-क्या अप्स एंड डाउन्स है। मैं ये सारी चीजें आपसे डिस्कस करूंगा और देखूंगा कि किस तरीके से हम इसमें ट्रेड ले सकते हैं। कब हमें ट्रेड नहीं लेना है। वो भी मैं आपको बताऊंगा और इसी के दौरान हम ट्रेड के बीच में क्या एडजस्टमेंट कर सकते हैं। और भी उसको इंप्रूव करने के लिए क्या-क्या तरीका कर सकते हैं। ये सारी चीजें मैं आपसे डिस्कस करूंगा। ऑलराइट। तो चलिए अपना स्क्रीन शेयर करते हैं। आप सबके सामने मेरा स्क्रीन दिख रहा है। तो दोस्तों देखिए कई लोग जब इंट्राडे या फिर स्विंग ट्रेडिंग जब हम बनाते हैं। ठीक है? सो इंट्राडे मैं यहां पर नाम दे देता हूं इंट्राडे प्लस स्विंग ट्रेडिंग। ठीक है? अब मैंने इन दोनों को साथ में क्यों लिया है? क्योंकि इसमें एक कॉमन टाइम फ़्रेम मेरे पास आ रहा है जो कि 15 मिनट का टाइम फ़्रेम है। अभी इसमें जो इंट्राडे का जो मैं टाइम फ़्रेम मैं इसमें यूज़ करूंगा ट्रेड लेने के लिए जो एग्ज़क्यूशन होगा वो मेरा 3 मिनट का होगा। ठीक है? 3 मिनट का होगा और एनालिसिस मेरी 15 मिनट के टाइम

फ्रेम पर होगी। ओके? एनालिसिस मेरी 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे होगी। मैं 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे एक बड़ा एनालिसिस करूंगा। स्विंग ट्रेडिंग अगर आपको करनी है तो स्विंग ट्रेडिंग में हम क्या करेंगे? हम 1 ऑवर के टाइम फ्रेम पर एक बड़ा एनालिसिस करेंगे और 15 मिनट के टाइम फ्रेम पर एग्जीक्यूट करेंगे। ठीक है? बहुत ही सिंपल है। अगर मैं यहां पे जस्ट अ मिनट मैं आपको यहां पर वापस से लिख कर बता देता हूं। यहां पर हम क्या करेंगे? इंट्राडे। ठीक है? इंट्राडे के लिए मैंने क्या किया है? मैंने 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे मैंने इसको एक एनालिसिस किया। ब्रॉड एनालिसिस किया है। ठीक है? और वहीं पर मैं क्या करूंगा? 3 मिनट के टाइम फ़्रेम पे 3 या 5 मिनट आप ले सकते हो। 3 या 5 मिनट के टाइम फ़्रेम पे मैं इसको एग्ज़क्यूट करूंगा। ठीक है? और सिमिलरली स्विंग ट्रेडिंग की जब मैं बात कर रहा हूं यहां पर स्विंग ट्रेडिंग तो यहां पर मैं क्या कर रहा हूं? इसको 1 ऑवर के टाइम फ्रेम पे मैं इसको एनालिसिस कर रहा हूं। ठीक है? और यहां पर मैंने क्या किया? मैंने 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे मैंने इसको एग्जीक्यूट किया है। 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे मैंने इसको एग्जीक्यूट किया। ठीक है? एक सिंपल सा मैंने कांसेप्ट इसमें बनाया हुआ है। अभी ये एनालिसिस क्या कर रहा हूं, एग्जीक्यूट क्या कर रहा हूं? ये सबसे बड़ी बात है। इसी में हमारा पूरी स्ट्रेटजी है। ठीक है? तो दोस्तों जब हम जब भी हम ट्रेड बनाते हैं चाहे हम इंट्राडे कर रहे हैं या फिर

मैं स्विंग ट्रेडिंग कर रहा हूं। तो यहां पर देखिए सबसे पहला सबसे इंपॉर्टेंट चीज क्या होती है कि हम वो ट्रेड का या फिर वो पर्टिकुलर स्टॉक Nifty या BankNifty का हम डायरेक्शन को आइडेंटिफाई करते हैं। राइट? हम डायरेक्शन को आइडेंटिफाई करते हैं कि डायरेक्शन कहां पर हो सकता है। ठीक है? डायरेक्शन को आइडेंटिफ़ाई करने का मतलब यह होता है कि मैं एक अह फ़ॉरकास्टिंग कर रहा हूं कि यह जो पर्टिकुलर स्टॉक है, यह इस दिशा में रह सकता है। यह मेरी फ़ॉरकास्टिंग होगी। राइट? और मैं उसी दिशा में वहां पर ट्रेड बनाने की कोशिश करूंगा कि ये जो पर्टिकुलर स्टॉक है, ये इस दिशा में है। तो, चलिए, इसी दिशा में हम ट्रेड बनाएंगे। अभी डायरेक्शन आइडेंटिफाई करने के दो तरीके हैं। एक यहां पर मैं डेटा को यूज़ कर सकता हूं। ठीक है? दूसरा मैं टेक्निकल्स को यूज़ कर सकता हूं। ऑलराइट? सो अगर आपने डाटा देखा हुआ है, फ्यूचर डाटा आप यूज कर रहे हो, फ्यूचर डाटा आपको बता रहा है कि यह पूरे तरीके से लॉन्ग बिल्ट-अप में है। ठीक है? और OI डाटा आप देख रहे हो, देख रहे हो कि कॉल राइटर्स का पोजीशन कम हो चुका है। पुट राइटर्स का ज्यादा हो चुका है। तो डेटा के आधार पर हम उसमें लगा सकते हैं। लेकिन जब मैं टेक्निकल के आधार पर करूंगा, तो टेक्निकल मैंने क्या किया? मैंने एमएसीडी को लिया है और प्लस मैंने यहां पर सुपर ट्रेंड को लिया है। ठीक है? और मेरा एग्जीक्यूशन भी इसी दोनों इंडिकेटर के हिसाब से होगा। ठीक है? एमएसीडी और सुपर ट्रेंड इंडिकेटर। ठीक

है? सेटिंग्स में क्या-क्या करना है? सेटिंग्स मैं आपको बताऊंगा। ऑलराइट। बाय डिफॉल्ट सेटिंग्स है दोनों की। उसमें कोई भी चेंजेस नहीं है। मैंने बाय डिफ़ॉल्ट दिया है। क्योंकि उसमें चेंजेस आप अगर करते हो तो कहीं ना कहीं आप देखोगे पूरा सेटअप भी चेंज होता है। हम उसमें कर सकते हैं। ठीक है? आप सभी आजाद हो उसमें कोई भी सेटिंग चेंज करने के लिए। उसको और भी इंप्रूव करने के लिए। ठीक है? जरूरी नहीं कि जो मैंने आपको बताया वही बेंचमार्क हो। आप उसको बढ़ा भी सकते हो और भी इंप्रूव कर सकते हो। और भी अच्छी एक्यूरेसी आ सकती है। स्ट्राइक रेशियोज़ में आ सकता है। ठीक है? तो यहां पर हम क्या करेंगे? इंडिकेटर्स को यूज़ कर रहे हैं। ठीक है? इंडिकेटर्स मैंने लिया यहां पर एमएसीडी और मैंने इसी के साथ-साथ मैंने लिया सुपर ट्रेंड। ठीक है? सुपर ट्रेंड का जो सेटिंग्स है वो 10 और 3 है। एमएसीडी का जो बाय डिफ़ॉल्ट वहां पर है 12 और 26 वही है यहां पर। ठीक है? उसमें कोई भी बदलाव नहीं है। अभी इसमें हमें ट्रेड कब करना है वो एक वो जानना हमारे लिए बहुत जरूरी है। तो दोस्तों एमएसीडी और सुपर ट्रेंड दोनों चीज बताता है। सुपर ट्रेंड थोड़ा सा लेट भी आ सकता है। अर्ली भी आ सकता है। ठीक है? मुझे दोनों चीज़ इसमें देखनी है। तो, हम इसमें क्या देखेंगे कि जो एमएसीडी है, आप देखेंगे कि एमएसीडी का एक ज़ीरो लाइन हमें मिलता है। ठीक है? मैं आपको यहां पर लाइन ड्रॉ करता हूं। यह एमएसीडी का एक ज़ीरो लाइन होता है। ठीक है?

ज़ीरो लाइन होता है। और आप देखोगे कि काफी जो हिस्टोग्राम है इसी के ऊपर इस तरीके से हिस्टोग्राम ऐसे-ऐसे होते हैं। कई कई बार बहुत बड़े-बड़े होते हैं। छोटे-छोटे होते हैं। ठीक है? और वहीं पर आप देखोगे फिर हिस्टोग्राम नीचे-नीचे इस तरीके से बड़े-बड़े भी बनते हैं। छोटे-छोटे भी यहां पर बनते रहते हैं। और आप देखोगे फिर यहां पर जो एमएसीडी की लाइन ठीक है? दो लाइन आपको मिलेगी। ठीक है? मैं ड्रॉ कर देता हूं। एक लाइन आपको यहां पर मिल सकती है। वो दूसरे कलर की होगी। जस्ट आपको शो करने के लिए मैं बता रहा हूं कि एक एक लाइन आपको ऐसे मिलेगी एमएसीडी की लाइन और दूसरी आप देखोगे वहां पर आपको मिलेगी एक अह जो मूविंग एवरेज है। ठीक है? सो इसको भी मैं थोड़ा कलर कर देता हूं। जैसे मैंने यहां पर ब्लू लाइन ले ली है। ठीक है? अभी यहां पर हम क्या करेंगे? अभी मान लीजिए कि यहां पर इस तरीके से क्रॉसओवर हो रहा है। ठीक है? और इस तरीके से क्रॉसओवर यहां पर हो रहा है। तो दोस्तों कई लोगों को मैंने क्या देखा है कि सिर्फ क्रॉसओवर पे यहां पे ट्रेड करते हैं। और मैं आपको बताऊंगा कि एमएसीडी का जब आप क्रॉसओवर देख रहे हो मल्टीपल टाइम क्रॉसओवर आपको आएगा। 3 मिनट में, 5 मिनट में, 1 मिनट में कोई भी टाइम फ्रेम लगाइए, मल्टीपल टाइम आपको वहां पर क्रॉसओवर होगा। अभी जो भी इंडिकेटर हम लगाते हैं, जब आप बड़े टाइम फ्रेम में जाते हो तब आप देखते हो कि इंडिकेटर बहुत ही अच्छा काम करता है। लेकिन लोगों के पास इतना पेशेंस नहीं होता है। लोगों को क्विक मनी चाहिए होता है। ठीक है? तो वहां पर

वहीं पर यही जो मंशा होती है, यही जो माइंडसेट होता है इसी की वजह से वहां पर लोग लॉस करते हैं। तो दोस्तों अगर आपको एक बड़े टाइम फ्रेम में यहां पे आपको ट्रेंड पता चल रहा है। यहां पर एक बड़े टाइम फ्रेम में ट्रेंड मालूम पड़ रहा है कि ट्रेंड मेरा डाउन साइड है। तो आगे जब छोटा टाइम फ्रेम आएगा तो छोटे टाइम फ्रेम में भी जब ये क्रॉसओवर होगा तभी आपको ट्रेड यहां पर बनाना चाहिए। राइट? ये एक मंशा होनी चाहिए। तो मैं यहां पर क्या करता हूं कि मैंने यहां पर क्रॉसओवर देखा बड़े टाइम फ्रेम में। ठीक है? दो चीजें या तो मैं यहां पर पहले क्रॉसओवर देखता हूं। दूसरा मैं यहां पर देखता हूं कि नीचे आया है कि नहीं। दोस्तों जब ये मूविंग एवरेज और जो एमएसीडी की लाइन है जब ये ज़ीरो के नीचे रहती है तब आप देखोगे पूरी तरीके से उसका डाउन ट्रेंड रहता है वहां पर। ठीक है? और आप देखिए कि जब ये डाउन ट्रेंड रहता है और तभी आप देखोगे कि जो सुपर ट्रेंड है सुपर ट्रेंड अगर वहां पर चेंज होता है मतलब प्राइस जो पूरी तरीके से नीचे अगर आती है तब देखोगे कि उसका ट्रेंड पूरी तरीके से नीचे की ओर जाता है तो यहां पर जो हमारा एंट्री है इसी के हिसाब से होगा। हम क्या करेंगे? जो हमारा एमएसीडी है, ठीक है? हम देखेंगे कि एमएसीडी की जो लाइन है, वो ज़ीरो के नीचे होनी चाहिए। मैं क्रॉसओवर के ऊपर नहीं जा रहा हूं। ठीक है? कई लोग क्रॉसओवर पे क्रॉसओवर पर करते हैं। क्रॉसओवर भी आप कर सकते हो। नो डाउट। लेकिन मैंने क्या किया है? मैंने एक ट्रेंड के हिसाब से मैं यहां पर ट्रेड ले

रहा हूं। मुझे मल्टीपल ट्रेड्स नहीं चाहिए। मुझे कुछ ही ट्रेड्स चाहिए जो मेरे लिए सक्सेसफुल हो सकते हैं। तो यहां पर मैं क्या करूंगा? मैं देखूंगा कि जो एमएसीडी है वो पूरे तरीके से ज़ीरो लाइन के नीचे रहना चाहिए। तो मुझे इंडिकेट करेगा कि ये डाउन ट्रेंड है। अब अगर वो पूरा ज़ीरो लाइन के नीचे है तो मतलब वो डाउन ट्रेंड है तो मैं जो भी ट्रेड बनाऊंगा वो डाउन साइड की ओर बनाऊंगा। अभी मुझे ट्रेड कहां बनाना है यह मेरे लिए जानना बहुत जरूरी है। एंड उसी चीज के लिए मैंने सुपर ट्रेंड मैंने यूज़ किया है। अब सुपर ट्रेंड आप देखोगे जब आप 15 मिनट का टाइम फ्रेम लगाओगे तो एमएसीडी अगर ज़ीरो के नीचे सुपर ट्रेंड भी नेगेटिव है तो पूरा आपको डाउन ट्रेंड इंडिकेशन दे रहा है। तो 15 मिनट का टाइम फ्रेम अगर आप ट्रेड लेते हो तो आपका स्विंग ट्रेडिंग हो जाता है। वो आप एक लंबे पीरियड के लिए ले सकते हो। मतलब कि आप 2-3 दिन हफ्ता भर के लिए उसको ले सकते हो। लेकिन वहीं पर जब आपको इंट्राडे लेना है तो 15 मिनट से हटकर आपको 3 या 5 मिनट में आना पड़ता है। वो 3 या 5 मिनट में आप देखोगे कि कहां पर सुपर ट्रेंड अगेन सेम ट्रेंड में जा रहा है। मतलब ये है कि सुपर ट्रेंड अगर यहां पर आपको एमएसीडी समझ में आ गया। मैं सुपर ट्रेंड की ओर बढ़ता हूं। ठीक है? क्योंकि एंट्री हमारा वही है। मैंने आपको यहां पर बताया डायरेक्शन क्या है? अभी एंट्री मैं आपको बताता हूं। तो मान लीजिए कि सुपर ट्रेंड था। वह इस तरीके से आप देखोगे कि वह पूरा ऐसे-ऐसे रेड यहां पर बना हुआ था। ठीक है? अभी यहां पर क्या हुआ कि सुपर ट्रेंड बन गया ग्रीन।

ठीक है? सुपर ट्रेंड यहां पर बन गया ग्रीन। तो अभी मुझे यहां पर देखना है कि सुपर ट्रेंड ग्रीन बन गया। तो इस तरीके से ऐसे-ऐसे यहां पर जाएगा। और जो प्राइस है, प्राइस आप देखोगे कि उस तरीके से नीचे-नीचे आ रहा है। आप देखोगे कि यहां पर एक कैंडल बनेगी। ठीक है? फिर आप देखोगे कि यहां पर प्राइस का मूवमेंट ऊपर की ओर जाएगा। अब क्या जरूरी है कि कैंडल यहां पर बन रहा है तो ऐसे जाएगा? नहीं। कैंडल यहां पर रिट्रेस करके यहां से भी जा सकता है। तो अगर आप लोग को याद होगा मैंने आपको बताया था कि सुपर ट्रेंड लगाकर किस तरीके से स्टॉप लॉस लगाया जा सकता है। तो 15 मिनट का टाइम फ्रेम में लगा रहे हो तो जाहिर सी बात है ये वाला आपका स्टॉप लॉस जरूर लगेगा। तो आप देखोगे भले ही रिट्रेस करके यहां पर आ रहा है। यहां से वापस बाउंस बैक यहां पर कर सकता है। तो आपको यहां पर ट्रेड में बने रहना है। एक सिंपल सा तरीका जब 3 मिनट और 5 मिनट के टाइम फ्रेम में आ रहे हैं तब आप देखिए यहां पर आप दोनों तरीका ले सकते हो। या तो आप इस कैंडल के हाई का जो ब्रेक हो रहा है वहां पर ट्रेड लीजिए। ठीक है? इसी कैंडल पे भी आप लेंगे। स्टॉप लॉस रखने की बारी है तो स्टॉप लॉस या तो आप इसके लो पे नीचे रख सकते हो या तो इसके नीचे एक कैंडल होगी उसके लो पर रख दीजिए। क्योंकि इंट्राडे है। लोग ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहेंगे तो मुझे बड़ा स्टॉप लॉस लेकर का भी मतलब नहीं है। ठीक है? तो दोनों तरीका अपना सकते हो। लेकिन मैं आपसे ये कहूंगा कि अगर आप ये दोनों कैंडल को अगर आप यूज़ करते हो कि मैं इसके लो पे स्टॉप लॉस रखूं तो आप देखोगे आपको मल्टीपल टाइम्स आपको स्टॉप लॉस हिट भी हो सकता है। और अगर आप बड़ा

वाला अगर टाइम बड़ा वाला अगर आप स्टॉप लॉस लेते हो कि मैं यहां पर लूं तो आपको इस बात से नहीं घबराना है कि ये यहां पर आ रहा है। मुझे एग्जिट कर लेना चाहिए। अगर ये यहां पर रेड टर्न होता है तो तब उसमें एग्जिट कर सकते हो। नहीं तो आप स्टॉप लॉस का ही वेट करिए। वहां से रिटर्न हो सकता है। मैं आपको लाइव एग्जांपल दूंगा कि किस तरीके से इसको किया जा सकता है। देखिए दोस्तों जब ट्रेड लिया जाता है तो यहां पर दो लोगों यहां पर मंशा देखिए दो तरीके से होती है। या तो आप स्टॉप लॉस लेकर एग्जिट करिए या तो जब कंडीशन चेंज हो रहा है तो कंडीशन के हिसाब से आप एग्जिट करिए। अभी कंडीशन यहां पर यही है कि अगर आपका कैंडल जो आपने बनाया है कि मैंने देख रहा हूं कि यह मेरा स्टॉप लॉस है इसके नीचे आ रहा है तो आप एग्जिट कर लीजिए। नहीं तो वहां जो सुपर ट्रेंड ग्रीन बना था वो रेड में कन्वर्ट हो जाता है तब आप एग्जिट कर लीजिए। यह भी आप इसमें कर सकते हैं। तब आप देखोगे कि मल्टीपल ट्रेड्स आपको मिल सकता है और उसमें भी स्ट्राइक रेशियो काफी अच्छा है। आप दोनों कर सकते हो। अगर आप सुपर ट्रेंड का लो या फिर हाई पे स्टॉप लॉस रखते हो तो आपको वेट करना पड़ेगा। या तो स्टॉप लॉस है तो प्रॉफिट के हिसाब से जाएंगे तो भी आप देखोगे आप इसमें एटलीस्ट 1:1.5 का रेशियो रखिए। आपको वहां पर ट्रेड मिल सकता है। ऑलराइट। तो चलिए मैं अपना स्क्रीन शेयर करता हूं और देखते हैं कि किस तरीके से स्ट्रेटजी काम करती है। तो मैंने अपना स्क्रीन आपको शेयर किया है। ठीक है? सो यहां पर देखिए इस तरीके से

इंडिकेटर दिखेगा। मैंने Nifty का टाइम, Nifty लिया और 15 मिनट का टाइम फ्रेम लिया है। अब ये देखिए पूरे तरीके से ट्रेंड किस तरीके से बना हुआ है। और यहां पर आप देखिए किस तरीके से ये ट्रेंड पूरा नीचे की ओर बना हुआ है। अभी ऐसा स्मूथ ट्रेंड हमेशा मिलता है नहीं मिलता है। ठीक है? आपका अलग रहेगा। लेकिन आप यहां पर मैं आपको एक चीज़ बता रहा हूं। देखिए जैसे मैंने आपको बताया था ये जो एमएसीडी ऊपर रहता है तो अप ट्रेंड ही रहता है और देखिए एमएसीडी ज़ीरो के नीचे तो पूरा डाउन ट्रेंड है। इस बात को ध्यान दीजिए। ठीक है? अभी नेक्स्ट वाला देखिए। देखिए जो मैंने आपको कहा था कि स्मूथ ट्रेंड नहीं रहेगा। देखिए इस तरीके से बनता है। तो इसलिए मल्टीपल ट्रेड भी हमें मिलेगा। तो उस पे भी ध्यान रखिए। 1:1.5 का रेशियो लीजिए। वहां पर आपको ईज़ली टारगेट मिल सकता है। ठीक है? चलिए ट्रेड कैसे बनेगा उस पे डिस्कस करते हैं। अभी देखिए जैसे मैंने आपको कहा था कि ज़ीरो के ऊपर जाएगा तब आप ट्रेड लीजिए। देखिए मैंने यहां पर ट्रेड इसमें बनाया हुआ है। आप देखिए 1:1.5 का रेशियो यहां पर मिला हुआ है। मतलब मैंने 230 का यहां पर स्टॉप लॉस रखा था। तो 370 यहां पर पॉइंट मुझे मिला हुआ है। राइट? एक और ट्रेड आपको दिखाते हैं। ये देखिए सिमिलर है। यहां पर ट्रेड बना हुआ है। वापस ज़ीरो के ऊपर गया। हमने ट्रेड लिया। अभी देखिए एक ट्रेड यहां पर भी बना हुआ है। ठीक है? अभी आप देख सकते हो कि ये नीचे यहां पर आया हुआ है। तो मेरा यहां पर एग्जिट होगा। फिर आप देख सकते हो कि यहां पर मेरा ट्रेड नहीं बना क्योंकि ज़ीरो के ऊपर नहीं गया। ज़ीरो के

ऊपर यहां पर एक बार गया, दूसरी बार गया। तो स्टॉप लॉस हमारे ट्रेडिंग जर्नी का हिस्सा होता है। तो स्टॉप लॉस लेने से घबराना नहीं चाहिए। आप जो नेक्स्ट ट्रेड नेक्स्ट ट्रेड जब उसमें बनाएंगे तो आप एक सिग्निफिकेंट अमाउंट ऑफ़ प्रॉफ़िट उसमें बना सकते हैं। अगर वो पूरे बॉटम से ऊपर जा रहा है। ठीक है? अभी नेक्स्ट वाला आप देखेंगे कि वापस से मैंने यहां पर 15 मिनट का टाइम फ्रेम लिया है और देखिए कि एक ब्रॉडर टाइम फ्रेम में यहां पर मैंने लेवल्स कुछ मार्क किए हैं। जैसे 22,392 का यहां पर लेवल है और 22,437 का स्ट्राइक है। तो मैं आपको इंट्राडे ट्रेड बता रहा हूं कि कैसे लिया जाएगा। आपने दो स्ट्राइक यहां पर देख लिए। ठीक है? अभी देखिए जब मैंने छोटे टाइम फ्रेम में मैंने गया तो यहां पर आप देखिए कि बड़े टाइम फ्रेम में वो ट्रेंड कंटिन्यू है। ठीक है? छोटे टाइम फ्रेम में देखिए वहां पर मल्टीपल टाइम्स आपको मिल रहा है। तो देखिए जैसे आपको यहां पर भी ट्रेड मिला है। यहां पर भी ट्रेड मिला है। ठीक है? अब इसको पॉइंट वाइज़ अगर आप देखेंगे तो देख सकते हो यहां पर भी 221 पॉइंट मिले हैं और यहां पर भी मिले हैं। अभी अगर मैं एसएल मैंने यहां पर जो सबसे लो पॉइंट होता है अगर मैंने वहां पर रखा तो 230 पॉइंट मुझे मिल सकते थे। लेकिन अगर मैंने यहां दो कैंडल पर रखा तो मेरा एक स्टॉप लॉस यहां पर हिट होगा 67 पॉइंट्स का और नेक्स्ट वाला अगर मैं ट्रेड लूंगा तो उसमें 180 पॉइंट 185 पॉइंट्स मुझे उसमें मिले हुए। ठीक है? सो इस तरीके से आपका ट्रेड बनेगा। एक वाला ट्रेड मैंने यह बताया और दूसरा ट्रेड आप देख सकते हो अगेन यहां पर कैसे उसी सेम ट्रेंड में देखिए

डाउन ट्रेंड आया हुआ है लेकिन अगेन अप ट्रेंड यहां पर बना है। तो कैसे यहां पर दो तरीके से मेरा यहां पर ट्रेड बना हुआ है। दोनों में आप देख सकते हो कि स्टॉप लॉस मैंने उसी हिसाब से लगाया। मैंने पॉइंट के हिसाब से भी बताया और जब आप उस कैंडल के लो पे रखते हो तो उसके हिसाब से बताया। तो दोनों में मेरा यहां पर स्टॉप लॉस हिट नहीं हुआ है और पॉइंट मुझे काफी इसमें अच्छे मिले हुए हैं। ऑलराइट। सो आज के सेशन में हमने सीखा कि किस तरीके से एमएसीडी और सुपर ट्रेंड को यूज़ करके एक ट्रेडिंग सेटअप बनाया जा सकता है और किस तरीके से उसमें पोजीशनल और इंट्राडे किया जा सकता है। तो दोस्तों रूल्स को याद रखिए पोजीशनल यानी कि स्विंग ट्रेडिंग अगर आपको करना है तो 15 मिनट का टाइम फ्रेम से जाइए। 1 ऑवर के टाइम फ्रेम में बड़ा ट्रेंड देखिए। फिर 15 मिनट के टाइम फ्रेम में एग्ज़क्यूट कीजिए। सिमिलरली अगर आप इंट्राडे करना चाहते हो तो 15 मिनट का टाइम फ्रेम लीजिए। उसमें ब्रॉड एनालिसिस करिए और 3 या 5 मिनट के टाइम फ्रेम में उसको एग्ज़क्यूट एग्ज़क्यूट करिए। ऑलराइट? सो जो भी जो जो मैंने पॉइंट्स बताए उनको फॉलो करिए तभी जाके आप ये सक्सेस इसमें हो सकते हैं। ऑलराइट। सो आज के सेशन में हमने दोनों ट्रेड के बारे में हमने डिस्कस किया। ऑलराइट। सो जुड़े रहिएगा Quantsapp के साथ। मैं ऐसे कुछ कांसेप्ट आपके सामने लाता रहूंगा। तब तक के लिए मैं धर्मेंद्र राजभर आपका धन्यवाद।

SPEAKERDharmendra RajbharTrainer

PGDM in finance, having 5+ experience in Equity, commodities , forex analysis and trading.

All 419 videos by Dharmendra →

Log in or sign up

Enter your mobile number. New to Quantsapp? The same OTP creates your free account.

+91

By continuing you agree to the Terms of Use and Privacy Policy.