First 15 Minutes Data se Intraday Trading (Hindi)
This lesson shows how to trade the first half of the session using the 9:15 to 9:30 candle, aimed at traders who want one good trade before late morning.
It explains why the first 15 minutes are volatile, how flat, gap-up and gap-down openings differ, and why the high and low of the first 15-minute candle are marked. Sentiment comes from futures built-up: long build-up and short covering are bullish, short build-up and long unwinding are bearish.
For execution, order book data on buyer-initiated and seller-initiated quantity shows who is dominant. A trade is taken only when the candle breaks out and the same side stays dominant over consecutive candles, with the stop-loss at the other end of the first candle and an exit when dominance fades. Examples include Nifty and a stock on 15-minute charts, plus cases where no trade is taken.
In this video
- 0:00Intro: First half trading
- 1:16Pehle 15 minute ki volatility
- 3:49Flat, gap up aur gap down opening
- 5:05Futures built-up se sentiment
- 7:38Order book: buyer vs seller dominance
- 10:1515 minute candle ka high-low setup
- 12:48Nifty example
- 15:21Built-up check aur stock example
- 17:53Gap down aur gap up cases
- 20:25Exit rules aur summary
What you’ll learn
Read and practise
Transcript
नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम धर्मेंद्र राजभर है। Quantsapp में आपका स्वागत है और आज मैं आपके सामने एक बहुत ही इंटरेस्टिंग टॉपिक लाया हूं। जहां पर हम बात करेंगे कि फर्स्ट हाफ में किस तरीके से ट्रेडिंग की जा सकती है। सो दोस्तों, जैसे कि सभी लोग यहां पर मुझसे सवाल पूछते हैं कि फर्स्ट हाफ में यानी कि पहली 15 मिनट की कैंडल के बाद कैसे ट्रेडिंग की जाए एंड उसके हिसाब से किस तरीके से ट्रेड लिया जाए? इसके बारे में बहुत लोग सवाल पूछते हैं। एंड कई लोग इसके इस हिसाब से ट्रेड भी करते हैं। सो दोस्तों यहां पर मैं आपसे डिस्कस करने वाला हूं कि जो फर्स्ट हाफ में जब भी हम ट्रेड करते हैं तो पहली 15 मिनट की कैंडल बहुत इंपॉर्टेंट होती है। एंड पहली 15 मिनट की कैंडल को ही देखकर आप किस तरीके से ट्रेड कर सकते हो इसके बारे में मैं आपसे डिस्कस करूंगा। राइट? एंड फर्स्ट 15 मिनट का टाइम फ्रेम क्यों इतना क्रूशियल होता है? थोड़े एस्पेक्ट्स हम उसके बारे में बात करेंगे। एंड बाद में हम स्ट्रेटजी की ओर बढ़ेंगे। राइट? तो लेट मी शेयर माय स्क्रीन एंड हम आगे बढ़ते हैं एंड डिस्कस करेंगे कि क्यों ये इंपॉर्टेंट होता है। सो ओके। सो आप सभी को मेरा स्क्रीन दिख रहा होगा। यहां पर मैंने ब्लैकबोर्ड शेयर किया है। सो यहां पर देखिए अभी हम क्या करते हैं कि जैसे कि मॉर्निंग में 9:15 am को मार्केट ओपन होता है। हम सभी को पता है कि 9:15 am को मार्केट ओपन होता
है। एंड आप एक चीज नोटिस करेंगे कि 9:15 am से लेकर 9:30 तक आपको मार्केट में काफी ज्यादा उठापटक मिलती है। यानी कि वोलेटिलिटी मिलती है। ठीक है? वोलेटिलिटी मिलती है आपको और आप देखोगे अक्सर मार्केट उस 15 मिनट का टाइम फ्रेम में ठीक है अगर आप 1 मिनट का टाइम फ्रेम लेते हो तो पहला फर्स्ट 15 कैंडल आप देखोगे काफी ज्यादा आप देखोगे उसमें हलचल होती है। कई बार ऐसा होता है कि वन साइड डायरेक्शन जाता है। ठीक है? चाहे वो ऊपर हो या नीचे हो। कई बार आप देखोगे कि ऊपर नीचे दोनों होता है। ऐसे उसे ऊपर जाता है। ऐसे-ऐसे यहां पर नीचे आता है। बहुत सारे ऐसे एग्जांपल्स हैं। तो अगर मैं आपको स्क्रीन पे लेकर चलूं तो यहां पर मैं आपको एग्जांपल भी दिखा पाऊंगा। सो यहां पर चलते हैं Nifty में एंड Nifty में मैं यहां पर आपको 1 मिनट के टाइम फ्रेम में मैं आपको दिखाने वाला हूं। सो यहां पर लेट अस चेक। तो यहां पर देखिए जैसे यह कल का टाइम फ्रेम कल का चार्ट है। आप देखिए यहां पर टिल 9:30 आप देख सकते हो कि मार्केट ने कैसे यहां पर नीचे गया। फिर ऊपर गया। फिर नीचे आया। उसके बाद आप देख सकते हो यहां पर सस्टेन करने के बाद फिर से यहां पर ऊपर जाना इसने शुरू किया। सिमिलरली अगर हम एक दिन और पीछे अगर हम जाते हैं तो वहां पर भी हमें एक ऐसे कुछ देखने को मिलता है। देखिए ऊपर गया 1 मिनट का टाइम फ्रेम फिर नीचे आया।
फिर से यहां पर मोमेंटम इसने अप ट्रेंड की ओर दिखाना शुरू किया। इसी तरीके से आप अगर थोड़ा और पीछे जाएंगे तो यहां पर देखिए मार्केट एक बार ऊपर गया। फिर वहां से नीचे आया एंड एक ब्रीफ पीरियड के लिए यहां पर नीचे आया। तो दोस्तों लोगों का यह सवाल रहता है एंड लोगों की ये चाहत रहती है कि उनको फर्स्ट हाफ में कोई एक अच्छा ट्रेड उनको मिल जाए। उनके पास और भी टाइम देने का मैं कहूंगा कि समय नहीं होता है। बिकॉज़ यहां पर उनके पास और भी अदर इंपॉर्टेंट काम होता है। और कई लोग वर्किंग प्रोफेशनल होते हैं। उनका आप देखोगे कि 11 या 12:00 बजे के बाद ही उनका जॉब शुरू होता है या बिज़नेस शुरू होता है। तो, वह सोचते हैं कि मुझे 11 या 12:00 तक मुझे कोई एक अच्छा ट्रेड मिल जाए। अभी चाहे वह इंडेक्स में हो, चाहे वह यहां पर किसी पर्टिकुलर स्टॉक में हो, वह दोनों में खुश हैं। तो दोस्तों, अगर आप भी इसी तरीके के ट्रेडर हैं और आप इस तरीके का ट्रेडिंग चाहते हैं, तो ये सेशन आपके लिए है। अभी यहां पर हम डिस्कस करेंगे कि किस तरीके से इसको समझा जाए एंड किस तरीके से इसमें ट्रेड लिया जाए। राइट? फर्स्ट 15 मिनट के टाइम फ्रेम में। सो दोस्तों, यहां पर Quantsapp आपकी क्या हेल्प करने वाला है? फर्स्ट मिनट 15 मिनट के टाइम फ्रेम में किस तरीके से उसको देखा जा सकता है? एंड मैं कौन सा डाटा यहां पर यूज़ करने वाला हूं। ये सारी चीजें मैं आपसे स्टेप बाय स्टेप मैं आपसे डिस्कस करूंगा। सो हम क्या करेंगे? जैसे कि 9:15
टू 9:30 आप देखोगे जो कैंडल है वहां पर बनती है। तो एक बिग कैंडल यहां पर बनती है। सो लेट मी मेक इट। सो यहां पर देखिए आइदर वो आपको एक ग्रीन कैंडल मिलेगी। ठीक है? आइदर वो आपको कोई रेड कैंडल मिलेगी। अब ऐसा भी हो सकता है कि यहां पर यहां पर आप देखोगे मार्केट फ्लैट ओपन हो रहा है। ठीक है? या फिर आप देखोगे वो गैप अप हो रहा है या गैप डाउन हो रहा है। ऐसा भी पूरा हो सकता है। ठीक है? सो थोड़ा गैप अप और गैप डाउन में हम थोड़ा सा ट्रिक्स के साथ जाएंगे। लेकिन जब फ्लैट ओपन होता है तो उस दिन आपके लिए एक बड़ी अपॉर्चुनिटी होती है। सो अगर मार्केट जिस दिन ओपन हो रहा है उस दिन अगर फ्लैट है तो समझ जाइए आज आपको एक अच्छा मोमेंटम मिल सकता है। ठीक है? मैक्सिमम चांसेस हैं। गैप अप गैपडाउन में भी आपको मिल सकता है। लेकिन इसमें हमें थोड़ा ट्रिक्स अपनाना पड़ेगा। ठीक है? और काफी ज्यादा विजिलेंट रहना पड़ेगा। ठीक है? काफी ज्यादा विजिलेंट रहना पड़ेगा। रीज़न ये है कि जब भी गैप अप गैप डाउन होता है आप देखोगे कि गैप फिल करने आता है या गैप नहीं भी फिल करने आता है। दोनों चीज हो जाती है। ठीक है? सो आइदर रेड कैंडल बन रही है ग्रीन कैंडल बन रही है। ठीक है? तो मुझे यहां पर कुछ सेंटीमेंट्स जानने की जरूरत है कि मार्केट
यहां पर फिलहाल क्या कर रहा है। यहां पर मुझे दोनों चीज़ देखना है कि बायर्स क्या कर रहे हैं। ठीक है? एंड सेलर्स क्या कर रहे हैं मुझे दोनों चीज का देखना है और मार्केट में मुझे यह भी देखना है कि जो ट्रेडिंग वॉल्यूम है वो किस तरफ है। सो अगर मुझे यह मालूम पड़ जाए कि ज्यादातर ट्रेडर का सेंटीमेंट्स क्या है? तो सेंटीमेंट्स की अगर मैं बात करूं यहां पर तो मुझे ज्यादातर यहां पर मुझे फ्यूचर डेटा देखना पड़ता है। अगर मैं फ्यूचर डेटा को यहां पर डिप्लॉय करूं। ठीक है? कि फ्यूचर डाटा यहां पर क्या कह रहा है? फ्यूचर डेटा के अकॉर्डिंग मुझे कैसा डिसीजन लेना चाहिए? ये यहां पर मुझे काफी काफी ज्यादा हेल्प करेगा। इसी के साथ-साथ अगर मुझे एक डायरेक्शन अभी सेंटीमेंट्स तो मैंने जान लिया लेकिन मुझे डायरेक्शन जानना है। डायरेक्शन किस लिए जानना है? एग्जीक्यूशन के लिए। ठीक है? एग्जीक्यूशन के लिए जानना है। तब मैं यहां पर यूज़ करूंगा ऑर्डर बुक डेटा। यहां पर तब मैं इस्तेमाल करूंगा ऑर्डर बुक डाटा। राइट? इन दोनों डेटा के मुताबिक इन दोनों डेटा की बदौलत मैं यह ट्रेड सेटअप बनाऊंगा। ठीक है? चलिए बारी-बारी यहां पर चेक करते हैं। सो फ्यूचर डाटा यहां पर बहुत सिंपल है। आप देखोगे चार तरीके के फ्यूचर डाटा होते हैं। लॉन्ग बिल्ट अप होता है, लॉन्ग अनवाइंडिंग होता है, शॉर्ट बिल्ट अप होता है, शॉर्ट कवरिंग होता है। अभी हम यहां पर
देखेंगे कि ये दोनों ये चारों क्या काम करते हैं। तो देखिए जो लॉन्ग बिल्ट अप और लॉन्ग अनवाइंडिंग होते हैं। ये दोनों जीवन साथी होते हैं। ठीक है? मतलब ये है कि लॉन्ग, लॉन्ग अनवाइंडिंग दोनों एक दूसरे को फॉलो करते रहते हैं। लॉन्ग यानी कि प्राइस ऊपर जा रहा है। लॉन्ग अनवाइंडिंग यानी कि थोड़ा नीचे आ रहा है और लॉन्ग अनवाइंडिंग हमेशा आप देखोगे जो एक ब्रॉडर टाइम फ्रेम है उनमें लॉन्ग अनवाइंडिंग हमेशा रिट्रेसमेंट होता है। ठीक है? अगर लॉन्ग बिल्ट अप नीचे बना लॉन्ग, लॉन्ग अनवाइंडिंग ऊपर है तो ब्रॉडर टाइम फ्रेम पे ये हमेशा आप देखोगे उसका साथ ही होता है। रिट्रेस हो रहा है। ठीक है? तो यानी कि बुलिश ट्रेंड का मैं कहूंगा कि एक पड़ाव है, एक स्टेप है। वहीं पर शॉर्ट, शॉर्ट कवरिंग आप देखोगे बेरिश ट्रेंड का कंटिन्यूएशन है। शॉर्ट बिल्ट अप, शॉर्ट कवरिंग, शॉर्ट बिल्ट अप, शॉर्ट कवरिंग इस तरीके से बनता रहता है। तो यहां पर दोनों इस तरीके से चलते हैं। लेकिन इंट्राडे में चारों अलग-अलग है। यानी कि अगर मुझे बुलिश देखना है, तो मैं यहां पर लॉन्ग बिल्ट अप देखूंगा एंड शॉर्ट कवरिंग देखूंगा। और अगर मुझे बेरिश देखना है, तो यहां पर मैं शॉर्ट बिल्ट अप एंड लॉन्ग अनवाइंडिंग देखूंगा। क्योंकि शॉर्ट बिल्ट अप में क्या होता है? OI ऊपर जाता है। प्राइस नीचे जाता है। लॉन्ग अनवाइंडिंग में क्या होता है? OI भी नीचे आता है। प्राइस भी नीचे आता है। तो दोनों ही सूरत में प्राइस नीचे आ रहा है। लॉन्ग बिल्ट अप में क्या होता है? OI ऊपर जा रहा है। प्राइस ऊपर जा रहा है। ठीक है? शॉर्ट कवरिंग में क्या होता है? OI नीचे आ रहा है लेकिन प्राइस ऊपर जा रहा है। वहां पर भी दोनों ही सूरत में
आप देखोगे कि मेरा जो स्टॉक है या फिर जो इंडेक्स है वो ऊपर जाएगा। ठीक है? ये तो मुझे बता दिया सेंटीमेंट्स। अभी मुझे वॉल्यूम की ओर ध्यान देना है। अब वॉल्यूम मैं एक्चुअल मार्केट वॉल्यूम के मैं बात कर रहा हूं। ठीक है? एक्चुअल मार्केट वॉल्यूम के बारे में बात कर रहा हूं। जहां पर मार्केट ऑर्डर्स प्लेस किए जाते हैं। ठीक है? अब दोस्तों मार्केट ऑर्डर्स जब प्लेस किए जाते हैं ये इतना इंपॉर्टेंट क्यों है? चलिए डिस्कस करते हैं। देखिए दोस्तों, जैसे मान लीजिए कि एक पर्टिकुलर स्टॉक है ₹600 पे चल रहा है। ठीक है? यहां पर आप देखोगे 601 ठीक है? 602 यहां पर मैं 598 597 सब पे मैं यहां पे लगाया। अभी आप देखोगे कि ऑर्डर तभी एग्जीक्यूट हुआ एग्जीक्यूट होगा जब सेलर और बायर दोनों का प्राइस कॉम्प्रोमाइज होता है। दोनों का प्राइस मीट करता है। लेकिन अगर मुझे पता है ज्यादा मुझे ज्यादा कॉन्फिडेंस है कि ये ऊपर जा सकता है। तो मैं यहां पर प्राइस को नहीं देखूंगा। मैं यहां पर मार्केट ऑर्डर प्लेस करूंगा। और मार्केट ऑर्डर जब प्लेस करते हैं तो अचानक से आप देखोगे यह सारे ऑर्डर्स एक ही साथ एग्जीक्यूट होते हैं। तो यहां पर क्या हुआ? बायर जो है वो डोमिनेंट बन गया। बायर वो यहां पर क्या हो गया? डोमिनेंट बन गया। एंड ये चीज मुझे ऑर्डर बुक बताएगी कि कौन ज्यादा डोमिनेंट है। ठीक है? सिमिलरली सेलर अगर मान लीजिए
उन्होंने 600 पे सेल के लिए रखा है। 601 पे 602 पे बहुत लोग ऊपर ऊपर रखते हैं। मान लीजिए 605 तक भी इन्होंने यहां पर रखा हुआ है। राइट दोस्तों तो यहां पर क्या होगा? आप देखोगे अगर मुझे ऐसा लग रहा है कि अभी ये स्टॉक नीचे जा सकता है। क्योंकि Nifty भी नीचे है, BankNifty भी नीचे है। तो क्यों ना इसमें एक अपॉर्चुनिटी बनाई जाए। इसमें इस ट्रेड को एग्जीक्यूट किया जाए। तो यहां पर क्या होगा? एक मार्केट ऑर्डर आएगा अगेन। ठीक है? सारे जो ट्रेडर्स हैं वो क्या करेंगे? मार्केट ऑर्डर्स में इसको प्लेस करेंगे। तो मार्केट ऑर्डर जब पूरा प्लेस होता है तो यहां पर क्या आता है? आप देखोगे कि सेलर का डोमिनेंट रोल आता है। सेलर का डोमिनेंट रोल आता है। ठीक है? इसका मतलब सेलर ज्यादा डोमिनेंट है। सो जब ये डाटा मुझे मालूम पड़ता है कि बायर ज्यादा डोमिनेंट है। इस पूरे टाइम फ्रेम में यानी कि अगर मैं 9 टू 9:20 ले रहा हूं या 9:20 टू 9:25 जो भी टाइम फ्रेम ले रहा हूं। अगर मुझे ऐसा मालूम पड़ता है कि ये ज्यादा डोमिनेंट है और इसी डोमिनेंस जो डोमिनेंस को बरकरार रखते हुए आगे भी बायर्स ने ये किया है या फिर सेलर्स ने ये किया है तो मार्केट उस दिशा में रहता है। यानी कि मान लीजिए एक कैंडल पे यहां पे बायर डोमिनेंट था नेक्स्ट कैंडल नेक्स्ट कैंडल इस पे भी बायर आपको डोमिनेंट रखता है तो समझ जाइए कि यहां पर मार्केट ऊपर जाएगा अप ट्रेंड। सिमिलरली
अगर यहां पे सेलर ज्यादा डोमिनेंट है। यहां पर भी सेलर डोमिनेंट है। यहां पर भी सेलर डोमिनेंट है तो प्राइस नीचे जाता है। ठीक है? अभी आते हैं कि ये तो हमारा हो गया कि हमने ये सेंटीमेंट्स सेंटीमेंट्स के जाना और डोमिनेंस पार जाना। अभी हम देखेंगे कि जो 15 मिनट का टाइम फ्रेम है 15 मिनट के कैंडल में हमें एक्चुअली करना क्या है। सो दोस्तों आप देखोगे 9:15 टू 9:30 मान लीजिए कि आपको एक ग्रीन कैंडल यहां पर बनी है। ठीक है? अब चाहे वो फ्लैट बने, गैप अप बने, गैप डाउन बने। आपको ग्रीन कैंडल यहां पर देखना है। सो दोस्तों, यहां पर आप देखोगे कि बायर इनिशिएटेड क्वांटिटी देखोगे और यहां पर सेलर इनिशिएटेड क्वांटिटी देखोगे। यहां पर क्या होगा कि बायर हो सकता है कि यहां पर मान लीजिए बायर 20,000 है। एंड यहां पे जो सेलर है मान लीजिए 15,000 है। ठीक है? या फिर उससे कम है या फिर मान लीजिए 18,000 है मतलब 20,000 से कम ही है। तो यहां पर मुझे क्या दर्शा रहा है कि बायर यहां पे डोमिनेंस है। तो जब भी सवा 9 से 9:30 तक ये कैंडल बनती है। ठीक है? ये बहुत इंपॉर्टेंट है। यहां पर ऑलरेडी यहां पर यहां पर डिसाइड कर लिया गया कि बायर यहां पर डोमिनेंस है। तो आपको इनका हाई यहां पर मार्क जरूर करना है। ठीक है? हाई और लो जरूर मार्क करना है। ठीक है? हाई और लो
यहां पर मार्क करिए। फिर आपको अगला कैंडल वापस से देखना है। नेक्स्ट कैंडल अगेन आप देखोगे कि वहां पे बायर वहां पर डोमिनेंट है। अगेन नेक्स्ट कैंडल ठीक है? नेक्स्ट कैंडल में भी आपको इसी तरीके का कंडीशन दिख रहा है। ठीक है? नेक्स्ट कैंडल में इसी तरीके का कंडीशन दिख रहा है। एंड अगर उसने वहां पर ब्रेकआउट किया है तो आप वहां पर ट्रेड को एग्जीक्यूट कर सकते हैं। मतलब कहने का मतलब यह है कि मैंने यहां पर ऑलरेडी देख लिया है कि 15 मिनट में बायर यहां पर आप देखोगे कि डोमिनेंस है। ठीक है? मैं आपको और भी इसको अच्छे से समझा देता हूं। ठीक है? यहां पर क्या हुआ? पहला ग्रीन कैंडल पे हमने देख लिया डोमिनेंस पावर। नेक्स्ट ग्रीन कैंडल यहां पर बनती है। ठीक है? अगेन आपको यह देखना है। अभी जरूरी नहीं कि वो ब्रेकआउट कर रही है तो उस पे ट्रेड ही लीजिए। आपको यहां पर अगेन देखना है कि बायर और सेलर में कौन डोमिनेंस है। बायर डोमिनेंस रहना कंपलसरी है। तभी आप यहां पे ट्रेड को एग्जीक्यूट करेंगे। यानी कि यहां पर बाय करेंगे। एंड इसी के लो पे आपको स्टॉप लॉस रखना है। अगर पहली पेंडेम 15 मिनट की कैंडल को ब्रेक करता है तो एंड आप देखोगे आपको ज्यादा नहीं नेक्स्ट टू थ्री कैंडल्स में आपको अच्छा खासा ट्रेड मिल जाएगा। ठीक है? अच्छा खासा ट्रेड मिल जाएगा। चलिए आपको एक एग्जांपल दिखा देते हैं। सो अगर हम यहां पर आते
हैं। ठीक है? यह मैंने Nifty का स्टॉक लिया है। अभी यहां पर हम 15 मिनट के टाइम फ्रेम में जाते हैं। तो दोस्तों, जैसे कि देखिए यहां पर ट्रेड आप देख सकते हो। ठीक है? ये देखिए यहां पे 15 मिनट का टाइम फ्रेम में आप देखिए यहां पर आपको ट्रेड मिला हुआ है। ठीक है? आप देखिए किस तरीके से 15,59,000 मेरे बायर हैं। ठीक है? यहां पे देखिए ₹1,10,000 मेरे बायर्स हैं। मतलब दोनों जगह मेरा डोमिनेंस पावर आप देख सकते हो। अभी आप देखिए यहां पे अगर मैंने ट्रेड एग्जीक्यूट किया है। ठीक है? आप देख सकते हो ट्रेड मैंने यहां पर एग्जीक्यूट किया है। यहां से देख सकते हो मोमेंटम किस तरीके से ऊपर गया है। एंड आप देख सकते हो 11:00 बजे तक मुझे यहां पर अच्छा खासा मोमेंटम दिया है। यहां से आप देख सकते हो 24,800 से बढ़ के 24,866 तक गया है। यानी कि पूरा का पूरा आप देखोगे यहां पर 50-55 पॉइंट मुझे इसने दे दिया है। 50-55 पॉइंट में आपको ऑप्शन में अच्छा खासा प्रॉफिट हो सकता है। अब फर्स्ट हाफ की बात की गई तो 11 12 तक भी आप यहां पर जा सकते हैं। ठीक है? अभी यहां पर कभी-कभी ऐसा होता है कि मोमेंटम जो है ठीक है आपको बहुत जल्दी मिल जाता है। जैसे यहां पर आप देखिए मोमेंटम आपको यहां से यहां तक मिल चुका है। ठीक है? अभी यहीं पर आप देखोगे शॉर्ट का शॉर्ट में अब शॉर्ट वाले भी हम आएंगे एंड हम उसमें बताएंगे। अभी देखिए यहां पर क्या
हुआ? ये बायर्स यहां पर आप देख सकते हो कि डोमिनेंस है। लेकिन इसका हाई यहां पर ब्रेक नहीं हुआ। आगे जाके इसका लो ब्रेक हुआ है। ठीक है? लो ब्रेक हुआ है एंड लो पे आप देख सकते हो कि कौन ज्यादा डोमिनेंस है। जब यहां पे लो पे ज्यादा डोमिनेंस यह है लेकिन यह सेकंड हाफ में आया है। तो दोस्तों फर्स्ट हाफ में अगर आपको ट्रेड नहीं मिलता है तो उसको रहने दीजिए। सेकंड हाफ में भी आप जाके ट्रेड बना सकते हैं। ठीक है? जैसे कि फर्स्ट 15 मिनट का कैंडल बहुत इंपॉर्टेंट होता है। तो यहां पर आप देखिए लो यहां पर ब्रेक किया और ईजीली आप देख सकते हो मुझे आगे जाके इसमें ट्रेड मुझे मिला हुआ है। एंड कई बार यह होगा कि आपका साइडवेज भी हो सकता है। ठीक है? जैसे यहां पर देखिए ये लो यहां पर ब्रेक हो ये लो बना हुआ है। लेकिन यहां पे कौन ज्यादा डोमिनेंट है क्लियरली देखिए यहां पर आप ये फोकस करिए 91,000 एंड जो आपका सेलर है वो कम है। 53,000 है। तो यहां पर हमारा ट्रेड एग्जीक्यूट ही नहीं हुआ। ठीक है? तो यहां पे कई बार क्या होता है कि थोड़ा साइडवेज का सामना करना पड़ता है। जैसे यहां पर देखिए ये हमारा क्या हुआ कि बायर्स मेरे ज्यादा डोमिनेंट है। 20, 27,000 आई एम सॉरी 2,74,000 मेरे बायर्स हैं। 2,31,000 मेरे सेलर्स हैं। तो जाहिर सी बात है यहां पर बायर डोमिनेंस है। अब आगे जाके यहां पर ब्रेकआउट हो रहा है। कब हो रहा है? 12:00 बजे हो रहा है। सो दोस्तों यहां पर एक और चीज़ मैं आपको बता दूं कि फर्स्ट
हाफ में आपका ट्रेड बनता है तो ले लीजिए। सेकंड हाफ में ट्रेड बनता है तो भी आप ले सकते हैं। तो मान लीजिए कि फर्स्ट हाफ में आपको नहीं मिला तो सेकंड हाफ में भी आप उसको देख सकते हो। तो आप क्या करिए? ये कैंडल का हाई या लो मार्क करके रखिए। एंड यहां पे अलर्ट लगा के रख सकते हैं। अलर्ट लगा के रखिए। ठीक है? जैसे ही ब्रेकआउट होता है, आप वहां पर बायर एंड सेलर इनिशिएटेड क्वांटिटी को देखिए। आपको पूरी तरीके से वो हेल्प करेगा। जैसे मैंने कहा कि वो आपको डिसीजन में डिसीजन लेने में हेल्प करेगा। एग्जीक्यूशन में हेल्प करेगा। ठीक है? लॉन्ग बिल्ट अप शॉर्ट बिल्ट अप आपको ऑलरेडी बता दिया जाता है। तो मतलब कि अगर आप यहां पर आते हैं। ठीक है? सेम हम इसमें आते हैं। ऑलराइट एंड ट्रैक में हम जाएंगे। यहां पर Built-up Scrip सिंबल को चेक करेंगे। Built-up Scrip सिंबल में जो मैंने आपको बताया था कि लॉन्ग एंड शॉर्ट बिल्ट अप आपको दिखता है। जैसे देखिए Nifty लॉन्ग है, BankNifty भी लॉन्ग है। तो दोनों आपको लॉन्ग का कंडीशन यहां पर आपको दिखेगा। सो जैसे ही आप देखोगे कि Nifty लॉन्ग है, BankNifty लॉन्ग है, मतलब कि बुलिशनेस इसमें जा रही है। आप उसमें ट्रेड बना सकते हो। राइट दोस्तों, अभी यहां पर एक सबसे बड़ा ट्रिक दोस्तों, अगर आप स्टॉक में ज्यादा ट्रेड करते हैं, तो मान लीजिए कि मॉर्निंग में आपको Nifty BankNifty लॉन्ग दिखा, स्टॉक भी आपको लॉन्ग दिखा। एंड आपको हमने चार्ट में जाकर देखा बायर एंड सेलर
इनिशिएटेड क्वांटिटी भी आपको वहां पर डोमिनेंट दिखा कि बायर ज्यादा डोमिनेंट है। मैं आपको बता दूं कि दिन भर में वो अपट्रेंड में रहने के उसके चांसेस बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं। मोर दैन 70% चांसेस है कि वो अपट्रेंड में रहते हैं। तब हम क्या करेंगे कि मान लीजिए कि ऊपर ऊपर वहां पर जा रहा है तो स्टॉक में एक बड़ा टारगेट आपको मिल सकता है। जैसे कल आप देखोगे इसी के साथ Kalyan Jewellers बड़ा था। देखिए Kalyan Jewellers मॉर्निंग में यहां पर बना। अगर मैं Kalyan Jewellers को यहां पर 15 मिनट के टाइम फ्रेम में लेता हूं। ठीक है? आप देखिए यहां पे 3 तारीख है। देख सकते हो। ठीक है? यहां पर बुलिशनेस इसमें आई। अभी यहां पर देखिए कि यहां पर फर्स्ट कैंडल पे आपको लगभग आसपास है। 13,000 मेरे यहां पर सेलर हैं। मतलब सेलर ज्यादा डोमिनेंट हो गए। लेकिन आप देखिए यहां पर अगली कैंडल यहां पर क्या हुआ? 35,000 मेरे बायर हो गए। एंड उसके अगले कैंडल में भी मेरे यहां पर देख सकते हो 3.5 लाख मेरे बायर्स हो चुके हैं। यानी कि मैंने आपसे कहा कि सिर्फ मुझे एक कैंडल नहीं देखना मुझे लगातार देखना है। तो देखिए यहां पर लगातार डोमिनेंस दिखा और देख सकते हो पूरा मोमेंटम ऊपर की ओर मिला हुआ है। तो आपको इसी तरीके से बायर इनिशिएटेड क्वांटिटी एंड सेलर इनिशिएटेड क्वांटिटी यानी कि ऑर्डर बुक डाटा आपको हेल्प करेगा। अभी हमने Nifty में गैप यहां पर फ्लैट का हमने जो ऑप्शन है वह देखा। अभी हम देखते हैं कि गैप अप गैप डाउन में क्या होगा। तो देखिए दोस्तों जब
गैप अप गैप डाउन होता है यहां देखिए गैप डाउन हुआ है तो गैप डाउन में चांसेस बहुत ज्यादा रहते हैं कि वो अगर मान लीजिए कि रेड कैंडल बनती है और उसका हाई ब्रेक नहीं होता है तो चांसेस बहुत ज्यादा रहता है कि ये नीचे रहेगा तो लेकिन हमें वहां पर देखना है कि उसमें क्वांटिटीज क्या है? अभी देखिए यहां पर जैसे ही यहां पर आया तो देखिए बायर ज्यादा हो गए सेलर कम हो गए तो थोड़ा वेट करिए आपको अगेन कंसेक्यूटिव कैंडल देखना है जहां पर आपको सेलर डोमिनेंस दिखेंगे वो जाके देख सकते हो आगे यहां पर आपको मिले यहां पर आप देखिए आपको यहां पर 1:45 को 13,000 मेरे सेलर मिले 11,000 मेरे बायर हैं। अगली कैंडल पे देखिए अगेन 14,000 मेरे सेलर हैं। नौ, नौ, 10,000 मेरे बायर हैं। तो यहां यहां पर आपको डोमिनेंस मिल रहा है। एंड यहां पे लगातार बना है। तभी जाके आप यहां पर सेल कर सकते हो। और गैप अप का केस भी यही है। ठीक है? यहां पर देखिए अगेन इस कैंडल पे भले मेरे बायर ज्यादा है लेकिन ब्रेकआउट ऊपर हुआ ही नहीं। उसके बाद देखिए जैसे मैंने आपको कहा कि सेलर का डोमिनेंस मुझे दिखना चाहिए। ठीक है? तो यहां पे देखिए अगेन यहां पे सेलर मुझे दिखे। ठीक है? यहां पर हम आते हैं। यहां पर भी देखिए एक जगह मुझे सेलर ज्यादा दिख रहे हैं। लेकिन नेक्स्ट कैंडल पे मुझे आसपास ही दिख रहे हैं। ज्यादा उसमें डोमिनेंस नहीं दिखता है। यहां पर हम आगे जाके देखेंगे कि कहां पर मुझे सेलर दिख रहे हैं। अगर आपको इस तरीके का डोमिनेंस नहीं दिखता है तो उस दिन ट्रेड मत बनाइए। भले मार्केट ऊपर नीचे
हो जा रहा है। क्योंकि आपने कंडीशन तय की है। आपने एक सेटअप तय किया है। उसी के मुताबिक आपको ट्रेड करना चाहिए। अभी यहां पर देखिए आपको बायर यहां पर डोमिनेंस दिख रहे हैं। इसका हाई यहां पर ब्रेक हुआ है। लेकिन जैसे मैंने कहा कि गैप अप गैप डाउन में आपको ट्रिक लगानी पड़ती है। आप ये देखिए जब यहां से ऊपर गया सस्टेन किया दोनों बार यहां पर ऊपर जाके सस्टेन करता है। तो यहां पर जब ऊपर जाके सस्टेन कर रहा है। आप देखिए वहां पर ऊपर जाके सेलर जो है वो डोमिनेंस होते जा रहे हैं। ठीक है? या सेलर डोमिनेंस होते जा रहे हैं। मतलब समझ जाइए कि बायर यहां पर अभी एग्जॉस्ट हो चुके हैं। यहां पर ऊपर जाना इसका ऊपर जाने का कोई भी मन नहीं है। तो अगेन आप देखोगे वहां से आप जाके चेक करोगे कि मेरा कहां पर सेलर डोमिनेंट है। अगर आपको सेलर अगेन डोमिनेंट दिखते हैं तो आप वहां पर अगेन वहां पर ट्रेड बना सकते हो। अगेन अगर आप यहां से देखोगे पूरा डोमिनेंस पावर है। आपको पूरा स्टॉक नीचे आता हुआ दिख रहा है। अभी यहां पर देखिए अगेन यहां पर एट पार ही है। ज्यादा कुछ डिफरेंसेस नहीं है। नेक्स्ट कैंडल पर आपको मिल रहा है। ठीक है? यहां पर आप देख सकते हो अगेन उसी तरीके का कुछ एट पार ही है। ज्यादा डिफरेंस नहीं है। देखिए 34,000 35,000 जब एकदम आसपास रहता है तो उसको इग्नोर करिए। तो देखिए अगेन यहां पर मेरा ट्रेड नहीं मिला। मेरा ट्रेड आप देखोगे इसमें एक ट्रेड बहुत जल्दी एग्जीक्यूट हुआ है। यहां पर आगे जाके मिला हुआ है। ठीक है? इसमें मैं कहूं कि जो ट्रेड है इसमें थोड़ा बहुत
मुझे मिला हुआ है। नेक्स्ट यहां पर यहां तक मुझे एग्जिट करते हुए मुझे यहां पर मैं एग्जिट कर लूंगा। बिकॉज़ जो डोमिनेंस पावर है वो बायर का यहां पर बढ़ चुका है। ये भी आपको देखना है कि एग्जिट कब करना है। मैंने आपको बायर एंड सेलर का मैंने बताया कि यहां पर आपको मिलेगा कि ये यहां पर डोमिनेंस है। आप देखो डोमिनेंस पावर आगे जाके कम होता है। तो वहां पर आपको एग्जिट करना जरूरी है। तो पहली 15 मिनट की कैंडल आपको दिखाएगी कि मार्केट किस तरह हो सकता है। उसी का हाई और लो ब्रेक होता है। तभी हम ट्रेड बनाते हैं। लेकिन क्या हम ब्लाइंडली ट्रेड बनाते हैं? बिल्कुल नहीं। हम ऑर्डर बुक का इस्तेमाल करेंगे। हम फ्यूचर बिल्ट अप का इस्तेमाल करेंगे। फ्यूचर बिल्ट अप मुझे बताएगा कि यह बुलिश है। ठीक है? हम उसमें ऑर्डर बुक का डाटा देखेंगे कि उसमें क्या बायर भी डोमिनेंट है एंड नेक्स्ट कैंडल भी डोमिनेंट है। हम ट्रेड बनाएंगे एंड फर्स्ट हाफ में हमको अच्छा खासा ट्रेड मिल सकता है। आप देख सकते हो पहले भी यहां पर बना हुआ है। ठीक है? आगे भी देखिए। इधर भी बायर मेरे डोमिनेंट है। ब्रेकआउट हुआ। देख सकते हो पूरा वन साइड मोमेंटम है। ठीक है? आगे भी देखिए। यहां पर आपको बायर डोमिनेंट दिख रहे हैं। नेक्स्ट कैंडल पे भी दिख रहे हैं। यहां पर भी दिख रहे हैं। देखिए लगातार आपको दिख रहा है। ब्रेकआउट हुआ और आपको मोमेंटम मिला। आप कभी भी देखेंगे इवन गैप अप के ऊपर भी देखिए यहां पर आपको एट पार ही है। ज्यादा कुछ नहीं है। लेकिन यहां पर आपको मिला है। एंड मार्केट आप देख सकते हो वहीं पर फिनिश हुआ। मतलब यह भी है
कि हो सकता है साइडवेज हो लेकिन आपको ज्यादा नुकसान नहीं होगा। बिकॉज़ वो साइडवेज में भी क्लोजिंग के आसपास ही उसमें आ जाता है। ठीक है? एंड कई बार देखिए साइडवेज आपको मिलेगा तो इसमें ट्रेड ही नहीं मिलेगा। यहां पर जैसे आप देख सकते हो। ठीक है? एंड अगर आगे जाकर आपको ट्रेड मिलेगा तो अच्छा ट्रेड मिल सकता है। जैसे यहां पर आप क्लियरली देख सकते हो। ऑलराइट। एंड यहां पर भी आप देख सकते हो कि आपको बायर एंड सेलर में देख सकते हो। यहां पर डिफरेंसेस बहुत ज्यादा यहीं पर दिख रहे हैं। लेकिन ऊपर ब्रेकआउट ही नहीं हुआ। कई बार आपका जो कंडीशन है मैच ही नहीं करेगा। प्राइस नीचे आ जाएगा, ऊपर भी जाएगा। तो घबराने वाली बात नहीं है। आप नेक्स्ट डे का वेट कर सकते हैं। ठीक है? स्ट्राइक रेशियो काफी अच्छा है। आप इसको अपनी ट्रेडिंग जर्नी में इन्वॉल्व करके अपनी ट्रेडिंग जर्नी और भी अच्छे से सुलझा सकते हो। सो दोस्तों, यह था आज का टॉपिक जहां पे मैंने आपसे बात की कि कैसे फर्स्ट 15 मिनट का टाइम फ्रेम को यूज़ करके पहली 15 मिनट की जो कैंडल है, उसको कैसे एनालाइज़ किया जाए, सेंटीमेंट्स कैसे तैयार किया जाए। एंड उसके बाद कैसे ऑर्डर बुक का डाटा इस्तेमाल करके कैसे आप अपने ट्रेड को एग्जीक्यूट कर सकते हैं। एंड फर्स्ट हाफ में या फिर सेकंड हाफ में कैसे आप ट्रेड बना सकते हो, यह मैंने आपको भली-भांति बताया। एंड आप देख सकते हो कि टारगेट भी इसमें काफी अच्छे काफी बड़े मिलते हैं। सो ये था आज का सेशन। जुड़े रहिएगा Quantsapp के साथ। मैं ऐसे कुछ कांसेप्ट आपके सामने लाता रहूंगा। तब तक के लिए मैं धर्मेंद्र राजभर आपका धन्यवाद।

PGDM in finance, having 5+ experience in Equity, commodities , forex analysis and trading.
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