Option Scalping Tool se Index aur Stock Scalping (Hindi)
This Hindi session explains scalping for option buyers: small, quick trades taken either from technical support and resistance breaks or from data.
The trainer explains why an option can move much more than its underlying, especially in Nifty and BankNifty, and how changes in IV, delta and gamma drive that. He then opens Quantsapp's Option Scalping tool under Trading Quant Models and walks through its signal list: signal time, symbol, instrument, expiry (monthly for stocks, weekly for indices), buy price and exit.
Using BankNifty, he searches a symbol, opens the chart history of a strike over three days, and compares call and put signals and different strikes. He closes with practical points on trade count, brokerage with a discount broker and choosing lot size.
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हेलो एवरीवन, वेलकम टू Quantsapp। मेरा नाम धर्मेंद्र है। आज हम बात करेंगे स्काल्पिंग स्ट्रेटेजी के बारे में, और Quantsapp का स्काल्पिंग स्ट्रेटेजी टूल को कैसे इस्तेमाल करेंगे, एक स्काल्पिंग, स्काल्पिंग टेक्निक के तहत। और हम यह देखेंगे कि कैसे उसमें अलग-अलग तरीके से कॉल्स आते हैं, अलग-अलग तरीके से हम देखेंगे कि किस तरीके से मैं उसको ट्रेड कर सकता हूं, और हम उसमें प्रॉफिटेबल फैक्टर भी चेक करेंगे, और एवरीथिंग उसमें देखेंगे कि किस तरीके से मैं रिस्क को मैनेज कर सकता हूं, ठीक है। और पहले मैं स्काल्पिंग के बारे में डिस्कस करना चाहूंगा, फिर हम देखेंगे कि वेरियस पैरामीटर्स क्या हो सकते हैं उसके लिए, ठीक है। तो चलिए, पहले डिस्कस करते हैं कि स्काल्पिंग स्ट्रेटजी होती क्या है, और स्काल्पिंग स्ट्रेटेजी को किस तरीके से लिया जाता है, और यह जो टूल है ये किस तरीके से आपको स्काल्पिंग करने में हेल्प करेगा, ठीक है। तो चलिए, चलते हैं। तो पहले आपको बता देते हैं स्काल्पिंग, मैं स्काल्पिंग की बात करूं, ठीक है, स्काल्पिंग, ठीक है, सॉरी, स्ट्रेटजी, सो हमने कोई स्काल्प स्ट्रेटजी हमने बनाई, ठीक है। जनरली लोग स्काल्प स्ट्रेटजी कैसे बनाते हैं, हम वह चेक करते हैं, ठीक है। देखिए, स्काल्प स्ट्रेटजी बहुत
सारा तरीका होता है, ठीक है। कुछ लोग टेक्निकल्स यूज करते हैं, ठीक है, मैंने टेक्निकल्स के ऊपर भी बनाया है, और कई लोग सिर्फ डेटा पॉइंट ऑफ व्यू से जाते हैं, ठीक है। दो ही तरीका है, या तो आप टेक्निकल से जाइए, या तो आप डेटा पॉइंट ऑफ व्यू यूज करिए, और उसके मुताबिक हम उसमें ट्रेड कर सकते हैं, ठीक है। तो टेक्निकल अगर मैं बात करूं, तो टेक्निकल्स में आपने देखा होगा कि कैसे हम सपोर्ट या रेजिस्टेंस को हम चार्ट पर एक बार मार्किंग करके वहां पर हम देखते हैं, और उसके अकॉर्डिंग हम उसमें ट्रेड लेते हैं, ठीक है। मतलब यह है कि जैसे कि यह अंडरलाइंग एसेट है, ठीक है, अंडरलाइंग है, इसने लेवल बनाया, ठीक है, इसने यह लेवल बनाया, तो जैसे ये लेवल को अगर यहां से ब्रेक करता है, तो हम यहां पर ट्रेड लेते हैं, ठीक है, ब्रेक करता है तो हम यहां पर ट्रेड लेते हैं, या फिर वो यहां से नीचे की ओर ब्रेकडाउन करता है, तो हम यहां पर ट्रेड लेते हैं। मतलब यहां पर हम क्या करेंगे? पुट बाय करेंगे, और ये कॉल बाय करेंगे, ठीक है। ध्यान रहे कि जो मैं यहां पर स्ट्रेटजी में बताने जा रहा हूं, ठीक है, यह पूरी तरह ऑप्शन बाइंग की तरफ से ही है, ठीक है, ऑप्शन सेलिंग की तरफ से नहीं है। तो जो लोग बायर्स हैं, उनके तहत मैं आपको बता रहा हूं, ठीक है। तो यहां पर देखिए, जैसे ऊपर ब्रेकआउट करता है तो मैं कॉल ऑप्शन बाय करूंगा, नीचे ब्रेकडाउन करता है, पुट ऑप्शन बाय
करूंगा, ठीक है। तो एक सिंपल सा फंडा होता है टेक्निकल्स में, चाहे आप देखोगे वो रेजिस्टेंस के यहां पर बाय करें या सपोर्ट के यहां पर बाय करें, ठीक है। अब ये रेजिस्टेंस और सपोर्ट आप देखोगे हिस्टोरिकल डाटा के हिसाब से मिलता है, ठीक है, और ओपन इंटरेस्ट के हिसाब से भी मिलता है, ओपन इंटरेस्ट के हिसाब से भी मिलता है। लेकिन मैं ये जानना चाहूंगा कि आपको कितना ट्रेड मिलता है, ये भी डिपेंड करता है, ठीक है, कि कितना ट्रेड इसमें मिल रहा है। ऑलराइट, सो हम वो भी देखते हैं, कितना ट्रेड मुझे मिल रहा है, और उसके हिसाब से मैं ट्रेड करता हूं, ठीक है। तो अभी हम यहां पर यह बात करने जा रहे हैं कि कैसे कई बार आपने देखा होगा, ठीक है, कई बार आपने देखा होगा कि स्टॉक जो है बहुत अच्छा मूव कर रहा है, ठीक है, लेकिन जो ऑप्शन है, ठीक है, उसके मुकाबले कुछ ज्यादा ही मूव करता है। मतलब ये है कि अगर स्टॉक ऐसे ऐसे मूव कर रहा है, ठीक है, और अचानक से ब्रेकआउट, ब्रेकडाउन, कि थोड़ा सा यहां पर ऊपर मूव किया, लेकिन उसी के कॉन्टेक्स्ट में अगर आप ऑप्शन प्राइस को देखेंगे, चाहे वो ऊपर की ओर ब्रेकआउट करे तो मैं कॉल ऑप्शन की बात कर, कॉल ऑप्शन बाय करूंगा, नीचे तो पुट ऑप्शन की बात हो रही है। तो ऊपर ब्रेकआउट कर रहा है, तो मान
लीजिए जैसे यह कॉल ऑप्शन है, आप देखोगे एकदम से ब्रेकआउट करता है, ठीक है। जो अंडरलाइंग एसेट है, जो अंडरलाइंग एसेट है, यहां पे उसने ज्यादा बड़ा मूव नहीं दिया, ठीक है, ज्यादा थोड़ा सा मूव दिया, ठीक है। कई बार आपने देखा होगा ये, ठीक है, खास करके आप देखोगे BankNifty, Nifty में ज्यादा आता है, ठीक है, इंडेक्स में आपको ज्यादा मिलेगा। तो यहां पे अंडरलाइंग में एक बहुत, मतलब बोले, आई एम सॉरी, बहुत नहीं, मतलब थोड़ा सा मूव होता है, और वहीं पर ऑप्शन में आप देखोगे बड़ा तगड़ा सा मूव होता है, ठीक है। अभी चाहे आप एक्सपायरी के दिन ले लो या नॉर्मल वीक डेज में ले लो, उसमें भी आपको इस तरीके का मूवमेंट दिखना शुरू हो जाएगा, दिखने को मिलेगा, ठीक है। तो यहां पर मैं आपसे यह बात कहना चाह रहा हूं कि कोई तो फैक्टर होगा जो इसको, इसको इस तरीके से हेल्प कर रहा है। तो यहां पर हम चेक करते हैं, IV यहां पर आता है, डेल्टा, ठीक है, यहां पर आता है गामा, ठीक है। यह सारे डाटा, सारे डाटा आपको कहां मिलेंगे? ऑप्शन चेन में मिलेंगे, ठीक है, ऑप्शन चेन में मिलेंगे। तो हमने क्या देखा? कि किस तरीके से IV,
डेल्टा, गामा, ठीक है, यह सारी चीज इस चीज को फैक्टर करता है, ठीक है, इस चीज को फैक्टर करता है, मतलब ये ऑप्शन को फैक्टर करता है, ये ऑप्शन किस तरीके से बढ़ना शुरू करता है, ये सारी चीज इसमें काम आती है, ठीक है। ऑब्वियसली डेल्टा, डेल्टा कुछ ज्यादा ही बड़ा फैक्टर होता है, ठीक है। तो कई बार आपने देखा होगा कि डेल्टा के हिसाब से भी लोग पहले बहुत ट्रेड करते थे, ठीक है, अभी भी ट्रेड करते, बट उतना नहीं ट्रेड करते हैं जैसा कि पहले के दौर में होता था। तो यहां पर मैं यह कहूंगा कि अगर मैं यह तीन को पूरा कैप्चर करके आपको एक पर्टिकुलर ऑप्शन का मैं आपको यह बताऊं कि यह ऑप्शन में इस तरीके का जो ऑप्शन ग्रीक्स है, उसमें चेंजेज आया है, और प्रोबेबिलिटी यह है कि बहुत अच्छा मूव दे सकता है, मतलब यह कि अगर जो अंडरलाइंग है थोड़ा सा मूव किया है, तो यह आपको और अच्छा मूव देने की संभावना है, मतलब ऑप्शन आपको एक अच्छा मूव दे सकता है, ठीक है। तो मैं अगर, मैं, मैं आपसे यह कहूंगा, तो यह पूरी तरीके से, मैं कहूंगा, सोने पे सुहागा हो जाएगा, राइट? क्योंकि आपको यहां पर जाके एक पर्टिकुलर ऑप्शन को ढूंढने की जरूरत नहीं है। क्योंकि रीजन, देखिए क्या होता है, कि अगर मैं कोई अंडरलाइंग एसेट देख रहा हूं, तो मैं यह सोचूंगा कि मैं कौन सा स्ट्राइक प्राइस चुनूं, ठीक है। ऑब्वियसली यहां पे आप
देखोगे कि कई लोग ATM करते हैं, ITM करते हैं, कोई लोग OTM करते हैं, राइट? लेकिन यह जो चीज मैं आपको बता रहा हूं, यह हर एक ऑप्शन में नहीं हो सकता है, ठीक है, किसी एक पर्टिकुलर ऑप्शन में होता है, ठीक है, बिकॉज ऑफ डेटा। इसलिए मैंने आपको स्टार्टिंग में मेंशन किया कि दो तरीके से करते हैं, टेक्निकल और डाटा के हिसाब से, तो यह डाटा के हिसाब से, ठीक है। तो होता क्या है, कि यहां पर आपको एक बड़ा मूव मिल जाता है, ठीक है। अभी यह तो हो गया कि आपको मूव मिल गया, मैं आपको बताऊंगा कि टूल में किस तरीके से आपको यह मूव कैप्चर करने को मिलेगा, ठीक है। तो चलिए, Quantsapp एप्लीकेशन पर चलते हैं, ठीक है। तो ये हमारा Quantsapp एप्लीकेशन है, तो इसमें हम ट्रेडिंग में जाएंगे, ठीक है। ट्रेडिंग में Quant Models में आप देखेंगे, जो थर्ड ऑप्शन है, Option Scalping, स्पेसिफिकली ऑप्शन स्काल्पिंग के लिए बना है। मतलब जिनको कोई अंडरलाइंग स्ट्रेटजी नहीं बनानी है, ठीक है, डायरेक्टली आप देखोगे कि मुझे जहां पे कॉल मुझे मिल जाए और मैं उस एनालिसिस के बेसिस पर मैं उसमें ट्रेड ले सकता हूं। तो जो मैंने आपको बताया, वो इसके, इसके पीछे की, आप देखोगे, वो स्टोरी है, इसके पीछे का वो डाटा बैकिंग है, ठीक है, कि कैसे मॉडल को हमने कैलकुलेट करके, जैसे हम देखते हैं ना, वो मैथ्स में कैलकुलेट करते हैं, डिफरेंशियल्स होता है, ठीक है, लीनियर प्रोग्रेशन होता है,
बहुत सारी चीजें होती हैं, तो वही सारे मैथमेटिकल कैलकुलेशन करके ही ये Option Scalping टूल बनाया गया है, ठीक है। तो इसमें अगर मैं Option Scalping को क्लिक करता हूं, ठीक है, तो यहां पे, जस्ट अ मिनट, यस, तो यहां पे देखिए, आप यहां पर सर्च सिंबल कर सकते हैं, ठीक है। यहां पर आपको सिग्नल टाइम दिया गया है, यहां पर आपको सिंबल भी दिया गया है, कि कौन से स्टॉक, यानी कौन सा जो अंडरलाइंग एसेट है, उसमें आपको एक पर्टिकुलर ऑप्शन में ट्रेड आया हुआ है, ठीक है। तो जैसे यहां पर आपको सब दिया जाएगा, इंस्ट्रूमेंट, और आपको एक्सपायरी भी मेंशन की जाएगी, ठीक है, एक्सपायरी भी मेंशन की जाएगी कि कौन से एक्सपायरी में ट्रेड आया हुआ है, ठीक है, कौन से एक्सपायरी में ट्रेड आया हुआ है। अभी स्टॉक है तो मंथली एक्सपायरी होगा। अब यहीं पर अगर मैं इंडेक्स की बात करूं, Nifty, BankNifty में, तो उसमें आपको वीकली एक्सपायरी का आपको मिल जाएगा, ठीक है। तो यहां पर आप देखिए, यहां पर आपको पुट ऑप्शन, जैसे BHEL का आया हुआ है, पुट ऑप्शन, ठीक है। Muthoot Finance का पुट ऑप्शन का बाय है, फिर आप देखोगे Canara Bank का कॉल ऑप्शन है, Concor का पुट ऑप्शन है, Tata Chemicals का पुट ऑप्शन है, और यहां पे उसका प्राइस आपको दिया गया है, ठीक है। तो यहां पर आपको प्राइस दिया गया है, ये यूजुअली आपका बाइंग का है, ठीक है, यहां पर
भी आप देख सकते हो। ऑलराइट, तो यहां पर यूजुअली आपको एग्जिट का बताया जाएगा, यहां पे आपको बाइंग का बताया जाएगा, यहां पर आपको एग्जिट का बताया जाएगा, ठीक है। तो जब भी मुझे बाय करना होगा, तो मैं यहां पर देखूंगा, ठीक है, कौन से पर्टिकुलर स्टॉक में ट्रेड आया हुआ है, यहां पर आपको क्लियर मेंशन किया जाएगा, ठीक है, क्लियर मेंशन किया जाएगा। अभी मुझे आपको यह दिखाना है कि किस तरीके से मैं ट्रेड ले सकता हूं, खास करके Nifty, BankNifty में, ठीक है। अभी जब मैं Nifty, BankNifty की बात करता हूं, तो लोगों के जहन में सिर्फ एक ही बात आती है कि ठीक है, हम इसी में करेंगे, ठीक है। और इसमें क्यों करेंगे, यह भी एक रीजन है, ठीक है, क्योंकि लिक्विडिटी जो है, वो आपको BankNifty, Nifty में बहुत अच्छी मिलेगी, कंपेयर टू एनी स्टॉक। कोई भी स्टॉक से कंपेयर कीजिए, आपको Nifty और BankNifty में लिक्विडिटी अच्छी मिलती है, ठीक है। तो हम क्या करेंगे? हम जाते हैं सर्च सिंबल में, ठीक है। अब देखिए, यहां पर BankNifty को मैंने लगा रखा हुआ है, ठीक है। तो यहां पे आप क्लियर देख सकते हो, ठीक है, कि कौन से टाइम पर आपको कॉल ऑप्शन का यहां पर आया था, कि आप इस पर्टिकुलर ऑप्शन को बाय कर सकते हो, ठीक है, इस पर्टिकुलर ऑप्शन को बाय कर सकते हो, और उसका क्लोजिंग प्राइस क्या था, यह भी, करंट प्राइस उसका क्या है, ये भी आपको दिख रहा है। ट्रिगर प्राइस आपको यहां पर दिख रहा है कि कौन से
प्राइस पर आप इसको बाय कर सकते हो, ठीक है। अभी यहां पर हमें यह ध्यान देने की जरूरत है, ठीक है, अभी जरूरी, जरूरी नहीं है कि आपको एक पर्टिकुलर स्ट्राइक का ही आपको मिलेगा, ठीक है, अलग-अलग स्ट्राइक का भी वहां पर आपको मिलेगा। क्योंकि हर एक ऑप्शन का जो स्ट्राइक है, वहीं पर कुछ ऑप्शन ग्रीक्स में उसमें बदलाव आया है, जिसकी वजह से उसमें स्पाइक कर सकता है, ठीक है। तो यहां पर आप क्लियर देख सकते हो कि कैसे यहां पर रिटर्न का भी मुझे बताया गया है, ठीक है, कि इतना इतना रिटर्न इसमें मिल सकता है, ठीक है। तो यहां पर मैं देख सकता हूं, जैसे टाइप, आप देख सकते हो, मैंने कॉल ऑप्शन, एक्सपायरी डेट 21 अगस्त का लिया हुआ है, और उसके मुताबिक मुझे इसमें ट्रेड बनेगा, ठीक है। तो सर्च सिंबल से मैं इस तरीके से ले सकता हूं। अभी मैं आपको डाटा दिखाना चाहता हूं, ठीक है, जैसे चार्ट में हम जाते हैं। ऑलराइट, सो यहां पर BankNifty का ही डाटा है, और मैंने यहां पर क्या किया है? 50,600 का कॉल ऑप्शन लिया हुआ है, ठीक है, 50,600 का कॉल ऑप्शन लिया है। अब यहां पर आप देखिए, यह जो डाटा है, यह आपको पिछले तीन दिन का डाटा है, ठीक है, 14, 15, 16, 15 को तो छुट्टी थी, तो 14 और 16 का आपको डाटा यहां पर दिया गया है। तो यहां पर आप क्लियर देख सकते हो कि अगर
किसी पर्टिकुलर ऑप्शन में, ठीक है, आई मीन 50,600 के ऑप्शन में, यहां पर बताया गया था कि यहां पर स्टार्ट टाइम, ठीक है, 14:55 को यहां पर दिया गया था कि वहां पर आपको यह ट्रेड आया हुआ है, और होल्ड टाइम यहां पर बताया गया था, ठीक है। अभी यहां पर एक चीज हमें ध्यान देने की जरूरत है, ठीक है। स्काल्पिंग है, स्काल्पर क्या करते हैं? वह एक पर्टिकुलर प्राइस पर बाय करते हैं और देखेंगे 10, 15 पॉइंट, 20 पॉइंट, जितना उनको मिल रहा हो, आई एम सॉरी, वहां पर वो एग्जिट कर सकते हैं, ठीक है। क्योंकि स्काल्पर का तरीका यही होता है कि वो छोटा छोटा प्रॉफिट वहां पर बुक करते हैं, ठीक है। अब यह होता है कि इसमें आप देखोगे कि ज्यादातर लोग जो हैं, वो यूज क्वांटिटी डालते हैं, ठीक है, तो हम क्वांटिटी पर भी आएंगे, किस तरीके से हम उसमें ट्रेड बना सकते हैं। फिलहाल हमें यहां पर यह ध्यान देने की जरूरत है कि यह देखिए कि हर एक ऑप्शन का, जैसे आप देख सकते हो, वो जो पर्टिकुलर ऑप्शन है, 77 पे बाइंग था, 282, 5 पॉइंट का यहां पर मुझे मिला है, मुझे एक जगह लॉस भी दिखाई दिया है, ठीक है। लेकिन उसके आगे यहां पर देखिए कि मुझे वापस से ट्रेड जो आया, उसमें किस तरीके से यहां पर प्रॉफिट बना हुआ है, ठीक है। यह आप देख सकते हो, 24, 19, 11, 5, 10, 23, 51, इस तरीके का प्रॉफिट यहां पर बना हुआ है, ठीक है। तो
यहां पर मैं देख सकता हूं कि जो टोटल काउंट है मुझे 31, और उसमें मुझे 55 पॉइंट मिला हुआ है, नेगेटिव वगैरह सब काट के, ठीक है, मुझे 55 पॉइंट्स मिला हुआ है। अब यह था मेरा कॉल ऑप्शन का, ठीक है, यहां पर क्लियर मैंने मेंशन किया, यह कॉल ऑप्शन का। ऑलराइट, तो अगर मैं यहां पर इसकी जगह अगर मैं पुट ऑप्शन लेता हूं, तो उसमें मुझे कितना मिल सकता है, हम वो भी देखते हैं, ठीक है। तो यहां पर कॉल की जगह पुट और मैंने गो किया, तो यहां पर देखिए, पुट ऑप्शन मुझे 139 पॉइंट्स मुझे मिल रहा है, ठीक है। तो वहां पर 55, यहां पर आपको 139, तो ऑलमोस्ट आपको 200 पॉइंट मिल गया है। 200 पॉइंट, जहां स्काल्पर लोग 10-15 पॉइंट के लिए लड़ते हैं, यहां पर आपको 200 पॉइंट मिल गया है, ठीक है, तीन ही दिन में। तो मैं यह कहूंगा कि आप अगर यह 200 पॉइंट के कैलकुलेशन के हिसाब से अगर जाते हैं, ठीक है, आपको दिखा देते हैं, ठीक है। सो इसको ट्रेड कैसे करना, वो बहुत इंपॉर्टेंट है, ठीक है, आप वहां पर ज्यादा ध्यान दीजिए, बिकॉज पॉइंट तो आप कैप्चर कर लोगे, ठीक है। आपने देखा कि 200 पॉइंट, ठीक है, वहीं पर देखिए, मैं स्ट्राइक अगर चेंज करके बताऊं, तो मुझे उससे ज्यादा मिल रहा है, ठीक है। ये देखिए, स्ट्राइक मैंने क्या किया? मैंने 700 लगाया
है, और इसको मैंने चेंज किया, तो देखिए 200 पॉइंट यहां मुझे अकेले पुट साइड की ओर ही दिया है, 200 पॉइंट इसमें दिया, 219 पॉइंट। इसी कॉल, इसको मैं चेंज करता हूं, तो मुझे वहां पर 46 कॉल में दिया हुआ है, तो यह मुझे 260 पॉइंट दे दिया इसने, 260 से ज्यादा पॉइंट दिया, ठीक है। तो मैंने पकड़ा है कि मुझे अगर 200 पॉइंट मिलता है, ठीक है, यस, 200 पॉइंट, ठीक है, और एक जगह मुझे 260 पॉइंट मिला हुआ है, ठीक है। अभी आप यह देखिए कि 200 पॉइंट, हां, वहां पर ट्रेड भी आपका ज्यादा है, ठीक है। ऑब्वियसली आपका नंबर ऑफ ट्रेड्स बढ़ गया है, तो उसको बचाने के लिए आपको क्या करना है? आपको सबसे, सबसे इंपॉर्टेंट काम है कि डिस्काउंट ब्रोकर पर ही आपको अकाउंट ओपन करना है। आजकल तो बहुत सारे ट्रेड अकाउंट्स हैं, जो आप देखो डीमैट अकाउंट जो ओपन हो रहे हैं, जहां पे आपको ब्रोकरेज नहीं लग रहा है, सिर्फ आपको सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन फी वगैरह, जो अदर चार्जेस हैं, वही लग रहे हैं। तो उसमें आपका बहुत कम हो जाएगा, और वहां पे आपको काफी प्रॉफिट हो जाएगा। आप देखो, बहुत कहीं पर, देखो, जहां पर ₹50 आपको ब्रोकरेज लग रहा था, वहां पर आपको 5-10 लगेगा, ठीक है। कहीं पर, आप एक बार वो ब्रोकर अकाउंट में चेक कर सकते हो कि मुझे कितना लग सकता है, ठीक है। मैंने कुछ जगह चेक किया था तो मुझे उतना मिला था, इसलिए मैं आपसे ये कहना चाह रहा हूं, ठीक है। तो डिस्काउंट ब्रोकर पे आप
जाइए, ठीक है, बिकॉज कहीं आपका नंबर ऑफ ट्रेड ज्यादा हो रहा है, तो अगर आप वहां पर डिस्काउंट ब्रोकर पर नहीं जाएंगे, तो यहां पर आपको फायदा नहीं होगा, ठीक है। दूसरी बात है, लॉट साइज आपका अच्छा होना चाहिए, 5 टू 10 एटलीस्ट होना चाहिए, ठीक है। क्योंकि आप वन से लेकर फाइव के बीच वाला लॉट अगर लेते हो, मान लीजिए मैं चार लॉट ले रहा हूं, मतलब 60, ठीक है, आगे इंटू अगर मैं 200 करता हूं, तो ये मेरा कितना मिल रहा है? 12,000, ठीक है, मुझे 12,000 मिल रहा है। ऑलराइट, ठीक है, 12,000 भी मेरे लिए ठीक-ठाक है, उतना मैं कर सकता हूं, अगर मैं उसमें सेटिस्फाइड हूं तो, ठीक है। ठीक है, तो यहां पे आप अगर 5 से 10 का लॉट लेते हो, तो ठीक है, आप एक अच्छा, अच्छा अमाउंट उसमें प्रॉफिट बना सकते हो, क्योंकि एज अ स्काल्पिंग आपको काफी अच्छा उसमें ट्रेड मिल सकता है, काफी अच्छा आपको पॉइंट मिल सकते हैं, ठीक है। तो जैसे अगर 10 पॉइंट की बात, 10 लॉट की बात कर रहा हूं, तो यहां पर आपको 0000 तक का मिल सकता है। वही डिस्काउंट ब्रोकर पर जाओगे, तो वहां पर ब्रोकरेज काट के आपको काफी अच्छा हैंडसम अमाउंट इसमें आ सकता है, ठीक है। तो हमने देखा कि किस तरीके से मैंने स्काल्पिंग स्ट्रेटजी आपको बताया, ठीक है, और मैंने, मैंने आपको यह भी बताया कि आपको कितना लॉट लेना चाहिए, ठीक है, और आप कितना लॉट के हिसाब से प्रॉफिट रख सकते हो, और कहां पर आपको डीमैट अकाउंट ओपन करना चाहिए, ठीक है। तो यह था हमारा ऑप्शन स्काल्पिंग के ऊपर
ठीक है सेशन, और Option Scalping टूल को कैसे इस्तेमाल करते हैं, वो भी मैंने आपको बताया, ठीक है। सर्च करिए, आपको मिल जाएगा, डाउन द लाइन चलता रहता है, ठीक है। इसको आप रिफ्रेश करते रहिए, तो सामने आपको यहां पर आता रहेगा कि कौन सा बना हुआ है, ठीक है, रिफ्रेश करते रहेंगे तो आपको यहां पर दिखेगा। ऑलराइट, सो इस तरीके से आप इसमें एक ट्रेड बना सकते हो, इस तरीके से Option Scalping टूल यूज करके आप अच्छा स्काल्पिंग कर सकते हो, ठीक है। तो अगर इस टूल के बारे में आपको जानकारी चाहिए, तो ऊपर दिए गए मेंशन नंबर पे आप कॉल करके पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हो। अगर यह वीडियो आपको अच्छा लगा, तो प्लीज लाइक एंड शेयर कीजिए। मैं धर्मेंद्र राजभर, आपका धन्यवाद।

PGDM in finance, having 5+ experience in Equity, commodities , forex analysis and trading.
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